देश के संस्कारों का आधार है संस्कृत - राजकुमार मक्कड़

38th AIU North Zone Inter-University Youth Festival Starts at Panjab University

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Chandigarh, February 1, 2025: The 38th AIU (Association of Indian Universities) North Zone Inter-University Youth Festival kicked off today at Panjab University (PU), marking its return to the campus after a gap of seven years. The prestigious cultural event will continue until February 5, 2025, and promises to be a vibrant celebration of student talent and creativity.

The festival began with an impressive cultural procession, featuring contingents from 21 universities across the northern states of Punjab, Jammu & Kashmir, Himachal Pradesh, Ladakh, Uttarakhand, and Chandigarh. The procession, which began at the Directorate of Sports, culminated at the Law Auditorium for the inaugural ceremony.

The Chief Guest, Sh. Rajeev Verma, Chief Secretary of Chandigarh Administration, highlighted the importance of such cultural events in shaping holistic personalities and encouraged the youth to embrace creativity for their overall development.

Adding to the excitement, renowned Sufi singer Kanwar Grewal, the Guest of Honor, captivated the audience with his mesmerising performance, leaving everyone spellbound with his soulful renditions.

In her keynote address, Prof. Renu Vig, Vice-Chancellor of Panjab University, recounted the glorious history of Panjab University, emphasising its legendary contributions to education and research. She also applauded the organizing team for ensuring a successful start to the festival.

Dr. Rohit Sharma, Director of the Department of Youth Welfare, introduced the festival’s theme, emphasising its significance in fostering artistic talent and cultural unity.

Also gracing the occasion were Dr. Arun Patil, Observer from AIU, Prof. Y.P. Verma, Registrar of Panjab University, and Prof. Sanjay Kaushik, Dean of the College Development Council, who extended their best wishes to the participants and organizers.

With over 1,000 students participating in the event, the festival is set to showcase an eclectic mix of talent across 27 events, spanning various categories such as Theatre, Music, Fine Arts, Literary Arts, and Dance. The competitions are expected to offer a rich cultural experience, highlighting the creativity, passion, and dedication of students from across the region.

This year’s event, which is expected to attract large audiences, underscores the value of cultural exchange in enhancing student life and fostering a deeper understanding of diverse artistic traditions.

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एसडीएम ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस-2025 के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय आर्द्रदिवस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में करी शिरकत

-आद्रभूमियों की रक्षा हम सभी का नैतिक कत्र्तव्य-एसडीएम

-श्री कटारिया ने क्विज व पेंटिंग में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित

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पंचकूला, 1 फरवरी- एसडीएम चंद्रकांत कटारिया ने आज विश्व आर्द्रभूमि दिवस-2025 के उपलक्ष्य में टिक्करताल लेक रिजोर्ट मोरनी पर आयोजित राज्य स्तरीय आर्द्रदिवस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की और कहा आद्रभूमियों की रक्षा हम सभी का नैतिक कत्र्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे जीवन और हमारे ग्रह के स्वास्थ्य में आर्द्रभूमियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरुकता बढ़ाने और जश्न मनाने के लिए समर्पित है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में नगराधीश श्री विश्वनाथ ने शिरकत की, टिक्करताल हिल्स के प्रिंसीपल उर्मिल रंगा व वैट लेंडस एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी महेंद्र शर्मा, निजी सचिव श्रीमती कमला भी उपस्थित थी।

उन्होंने कहा कि वर्ष-2025 की थीम हमारे साझा भविष्य के लिए आर्दभूमियों की रक्षा इन कीमती पारिस्थितिक चर्चा की रक्षा करने की तत्काल आवश्यकता के साथ गूजती है। उन्होंने कहा कि आर्द्रभूमियों जिनमें दलदल पोखर, मैंग्रोव और बाढ़ के मैदान शामिल है, केवल पानी से ढकी हुई भूमि नहीं हैं। वे गतिशील और परस्पर जुड़े पारिस्थितिक तत्र हैं जो प्रकृति और मानवता दोनों को कई तरह के लाभ प्रदान करते हैं।

श्री चंद्रकांत कटारिया ने बताया कि आर्द्रभूनियाँ जैव विविधता के हॉटस्पॉट हैं जो पौधों और जानवरों के जीवन की एक अविश्वसनीय सरणी का समर्थन करती है। ये प्राकृतिक फिल्टर के रूप में कार्य करती हैं हमारे पानी को शुद्ध करती हैं और हमारे भूजल की आपूर्ति को फिर से भरती हैं। वे बाढ़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण हैं, अतिरिक्त पानी को अवशोषित करती हैं और विनाशकारी बाढ़ के खतरे को कम करती हैं। इसके अलावा, आर्दभूमियों कार्बन की भारी मात्रा में भंडारण करके जलवायु परिवर्तन शमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि उनके महत्व के बावजूद आर्दभूनियों खतरनाक दर से गायब हो रही है। कृषि शहरीकरण और प्रदूषण के लिए जल निकासी जैसी मानवीय गतिविधियों इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तत्रों को नष्ट कर रही हैं। जिसका परिणाम भयानक हैं जिनमें जैव विविधता का नुकसान बाढ़ में वृ‌द्धि, पानी की कभी और जलवायु परिवर्तन का बढ़ना शामिल है।

उन्होंने कहा कि विश्व आर्द्रदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हम सभी आर्द्रभूमियों की रक्षा और पुनस्थापना के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करें। हमें इन रासाधनों के बु‌द्धिमानी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ प्रथाओं को लागू करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। सरकारी समुदायों और व्यक्तियों सभी को वर्तमान और भविष्य की पीढियों के लाभ के लिए आर्द्रभूमियों के सरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

  उन्होंने सभी से साझा भविष्य के लिए आर्द्रभूमियों की रक्षा के विषय को अपनाने और इन अमूल्य पारिस्थितिक तत्रों की रक्षा के लिए बढचढकर भाग लेने की अपील करी। उन्होंने कहा कि हम सभी  मिलकर काम करके सभी के लिए एक स्वस्थ ग्रह सुनिश्चित कर सकते हैं।
आर्द्रदिवस कार्यक्रम में पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन करवाया गया। इस प्रतियोगिता में सार्थक सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-12ए व टिक्करताल हिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया। श्री चंद्रकांत कटारिया ने क्विज प्रतियोगिता में प्रथम सातवीं क्लास की छात्रा विशाखा, 11वीं क्लास की शिवांस के छात्र द्वितीय और डेविड टिक्करताल के छात्र को तृतीय आने पर  मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उन्होंने पेंटिंग प्रतियोगिता में सार्थक स्कूल की छात्रा प्रतिज्ञा को प्रथम आने व सार्थक स्कूल की छात्रा गगन व टिक्करताल हिल्स की छात्रा रूचि को तृतीय आने पर मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व एसडीएम व नगराधीश श्री विश्वनाथ ने लेक रिजोर्ट के प्रांगण में पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ साथ पौधें की सुरक्षा भी बहुत जरूरी है।
राज्य स्तरीय आर्द्रदिवस कार्यक्रम में नगराधीश श्री विश्वनाथ ने बच्चों को सरल ढंग से आर्द्रदिवस के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी व इसकी रक्षा के लिए भी बढचढकर भाग लेने की अपील की, इस मौके पर नगराधीश ने बच्चों से आर्द्रदिवस के बारे में सवाल भी पूछे और बडे ही सरल ढंग से उनके जवाब दिए।

राज्य स्तरीय आर्द्रदिवस कार्यक्रम में टिक्करताल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वाईस प्रिंसीपल सुभाष शर्मा ने बेहतरीन अंदाज में एंकरिंग की।
इस अवसर पर प्रथम क्लास की छात्रा रिद्धि शर्मा ने देशभक्ति कविता प्रस्तुत कर सभी की तालियां बटोरी। मुख्यातिथि श्री चंद्रकांत कटारिया ने रिद्धि को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सार्थक स्कूल व मोरनी हिल्स के बच्चों ने स्वागत गान की बेहतरीन प्रस्तुति दी। राज्य स्तरीय आर्द्रदिवस कार्यक्रम में लगभग 150 बच्चों व आगुंतक, पर्यावरण, शिक्षा विभाग के अध्यापकों व अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस अवसर पर वैट लेंड एवं पर्यावरण विभाग के पिं्रस, कुलदीप, रमेश कटारिया, सुनील भारद्वाज, सार्थक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अध्यापक भीम सिंह, कला अध्यापक कृति सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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आपदा संकट प्रबंधन में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक विशेष व्याख्यान

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पंचकूला 1 फरवरी – राजकीय महाविद्यालय कालका की प्राचार्या प्रोमिला मलिक के तत्वाधान में रेड क्रॉस सोसाइटी और भूगोल विभाग के सहयोग से “आपदा संकट प्रबंधन में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉक्टर जगबीर सिंह रहे जो दिल्ली विश्वविद्यालय के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में भूगोल विभाग के प्रोफेसर हैं।  डॉ जगबीर सिंह ने आपदा प्रबंधन, पर्यावरण और सतत विकास से संबंधित 30 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन- सह – कार्यशालाएं और 50 राष्ट्रीय सम्मेलन और कार्यशालाएं आयोजित की हैं।

डॉ जगबीर सिंह ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ के पारिस्थितिक और पर्यावरणीय खतरों पर पीएचडी पूरी करने वाले पहले भारतीय अनुसंधान वैज्ञानिक हैं।

 डॉ जगबीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है आपदाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले लोग बच्चे और युवा वर्ग ही होते हैं इसीलिए आपदा प्रबंधन में युवाओं को सम्मिलित करना बहुत आवश्यक है आपदा जोखिम न्यूनीकरण में युवाओं की भागीदारी से आपदाओं के जोखिम और उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है। युवाओं में आपदा प्रबंधन के लिए जरूरी कौशल विकसित किया जा सकते हैं। युवाओं को आपातकालीन स्थितियों में जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। आपदाओं के खतरे को देखते हुए युवाओं को सही ट्रेनिंग के जरिए आपदाओं से निपटने के लिए तैयार किया जा सकता है।

 आपदा दो प्रकार की होती है प्राकृतिक और मानव निर्मित। प्राकृतिक आपदाएं पृथ्वी की प्राकृतिक प्रक्रियाओं के कारण होती है जबकि मानव निर्मित आपदाएं मानवीय गतिविधियों के कारण होती हैं। प्राकृतिक आपदाओं के उदाहरण हैं भूकंप, चक्रवात, बाढ़, सूखा, सुनामी। मानव निर्मित आपदाओं के उदाहरण है औद्योगिक दुर्घटनाएं, आग या विस्फोट, वायु, रेल और समुद्री दुर्घटनाएं, रासायनिक रिसाव, भूजल प्रदूषण आदि।

डॉ जगबीर सिंह ने विद्यार्थियों को आपदा से बनाने के लिए ह्यूमन चेन अर्थात मानव श्रृंखला बनाने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि मानव निर्मित आपदाओं से बचने के लिए आपातकालीन योजना बनाएं और आपदा प्रबंधन के उपाय का पालन करें। प्रस्तुत कार्यक्रम रेड क्रॉस सोसायटी की प्रभारी प्रोफेसर डॉक्टर कविता और भूगोल विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर गुलशन कुमार के मार्गदर्शन और दिशा निर्देशन में किया गया।

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नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो द्वारा एक अभियान- नशा मुक्त जीवन नशा मुक्त समाज

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पंचकूला 1 फरवरी हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह, भापुसे साहब के दिशानिर्देशों एवं मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक श्री मोहित हांडा, भापुसे और श्रीमती पंखुडी कुमार  के नेतृत्व में हरियाणा में ड्रग्स के विरुद्ध एक निर्णायक युद्ध चला हुआ है। नशा तस्करों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई इस बात का साक्ष्य है कि 2023 में 3823 अभियोग अंकित कर 5870 से अधिक अपराधियों को कारागार तक पहुँचाया गया है तो वर्ष 2024 में 3331 अभियोग अंकित कर 5094 नशा तस्करों को कारागार का मार्ग दिखाया है। इसके साथ कोई नया व्यक्ति इस नशे की दलदल में न फंसे इसके लिए भी अलग से व्यवस्था की गयी है और वह है नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम।

 ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/ उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा उच्चाधिकारियों के आदेश से गांव गांव तक साइकिल के साधन का प्रयोग करते हुए पहुँच रहें हैं। वे आज सेक्टर 6 पंचकूला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे और प्राचार्य रजनीश एवं शिक्षिका मंजू शर्मा की उपस्थिति में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम किया जिसमें 450 छात्र छात्राओं और 50 शिक्षकों सहित 4 अन्य कर्मियों ने भाग लिया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रग्स के विरुद्ध आंदोलन में सभी को भागीदारी करने की आवश्यकता है ताकि भारत का प्रत्येक व्यक्ति सुखी और स्वस्थ रहे। उन्होंने आगे कहा कि अब आपको भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। ड्रग तस्करों की गुप्त सूचनाएं ब्यूरो के नंबर 9050891508 अथवा भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत  मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र की वेबसाइट (www.ncbmanas.gov.in) MANAS पोर्टल अथवा 1933 पर दी जा सकती है। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए पृष्ठों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया गया। कार्यक्रम के अंत में शपथ ग्रहण करवाई गयी।

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