जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

पंजाब विश्वविधालय, 19/06/2021, वेबिनर ‘महाराणा प्रताप के जीवन पर एक नजर और हल्दीघाटी के युद्ध की सच्चाई’

Chandigarh June 19, 2021

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उपकुलपति पंजाब विश्वविधालय, प्रो राज कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रो° अशोक सिंह का वेबिनार ‘महाराणा प्रताप के जीवन पर एक नजर और हल्दीघाटी के युद्ध की सच्चाई’ में स्वागत किया। महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व के बारे में बताते प्रो राज कुमार ने बताया की हल्दी घाटी युद्ध की कहानियों से हर व्यक्ति में एक अलग सी ऊर्जा का संचार होता है । त्याग की मूरत महाराणा प्रताप ने सृष्टि मात्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण उदहारण पेश की है। वे कष्ट की जिंदगी जीते हुए भी मातृ भूमि की रक्षा करते रहे। आज के विद्यार्थियों को भी महाराणा प्रताप से प्रेरणा लेनी चाहिए, मात्र भूमि से प्रेम करना चाहिए। वाणी को विराम देते हुए उन्होंने प्रो अशोक जी का पुनः स्वागत किया। 

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रो एस. के. तोमर जी , डीन छात्र कल्याण पंजाब विश्वविद्यालय ने बताया कि हल्दी घाटी की गाथा और महाराणा प्रताप की जीवनी समाज को भविष्य का रास्ता दिखाता है। महाराणा प्रताप जी ने प्रजा और मातृ भूमि की रक्षा के लिए अपना बलिदान दीया। उनका यह बलिदान आगे आने वाली पीढ़ियां याद रखेगी। किताबो में लिखी बातें पूर्णतः सच नही है, महाराणा प्रताप ने हल्दी घाटी युद्ध जीता है।

महाराणा प्रताप जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्रो दिवेंदर जी, सेक्रेटरी कुलपति पंजाब विश्वविद्यालय ने कई कथाकथित बहुत सी बाते बताई और प्रो अशोक का स्वागत भी किया। 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो अशोक सिंह जी ने विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महाराणा प्रताप जी के जीवन के बारे में शोध संकलन के लिए यूनिटाइड नेशन और भारत सरकार ने एक के कार्य शुरू किया जिसने उन्हें काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इतिहास में बताया गया है की मुगलों को धूल खिलाने में महाराणा प्रताप ने कोई कमी नही छोड़ी। हल्दी घाटी का युद्ध उदयपुर के पास राजसमद नमक जगह पर लड़ा गया। अकबर और महाराणा प्रताप के बीच में लड़ा गया युद्ध इतिहास में एक बड़ा हिस्सा रखता है। प्रताप को मेवाड़ का राज सिंहासन बचपन में ही मिल गया थी। भारत के लोगो ने मुगलों की हिंसा को देखते हुए जोहर शुरू किया। महाराणा ने अपने शासन को मजबूत किया और सम्पूर्ण मेवाड़ पर जीत प्राप्त की।

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महाराणा ने कभी भी अधीनता स्वीकार न की। मान सिंह ने अकबर की सेना छोड़ कर प्रताप का साथ दिया।

 मानसिंह ने मित्रता को बढ़ने के लिए प्रताप को एक ही थाली में खाना खाने का आग्रह किया पर महाराणा ने इंकार कर बोला कि अपने अपने घर की बेटी किसी ओर के घर ब्याही है राजपूतों को यह बात शोभा नही देती इसलिए हम मित्र नही हो सकते। 

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूर्व वर्ष की भांति पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान तथा युवा भारत के सहयोग से पंचकूला प्रशासन द्वारा लगभग 6 वर्ष से लगातार मनाया जा रहा है l

पंचकूला जून 19:

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूर्व वर्ष की भांति पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान तथा युवा भारत के सहयोग से पंचकूला प्रशासन द्वारा लगभग 6 वर्ष से लगातार मनाया जा रहा है l पिछले वर्ष कोरोनावायरस से फिजिकली रूप से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस नहीं मनाया गया था परंतु इसे ऑनलाइन मनाया गया था l


इस वर्ष हरियाणा सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए फैसला लिया है कि हरियाणा राज्य में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 1100 जगह मनाया जाए और प्रत्येक जिला में 50 जगह पर अधिकतम 50 व्यक्तियों के साथ मनाया जाएगा l

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इन्हीं आदेशों के अंतर्गत पंचकूला प्रशासन द्वारा भी जिला में 50 जगह पर अधिकतम संख्या 50 रखते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पंचकूला शहर पिंजोर रायपुर रानी बरवाला तथा इन गांव के साथ लगती सभी व्यायामशाला तथा स्कूलों में तथा शहर के सेक्टर के पार्कों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस श्री प्रेमचंद आहूजा मंडल प्रभारी पतंजलि के नेतृत्व में पतंजलि, भारत स्वाभिमान, युवा तथा महिला पतंजलि योग समिति के योग शिक्षकों द्वारा संचालन किया जाएगाl सभी स्थानों पर कम से कम दो योग शिक्षक प्रशासन को उपलब्ध करवाए हैं l प्रशासन द्वारा योग प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 जून से 20 जून तक विभिन्न स्थानों पर सुबह 7:00 से 7:45 तक रखा है जिसमें लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं क्योंकि कोरोनावायरस में जनता को समझ में आ गया है कि योग से ही शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है और बिना बीमारी के निर्वाह किया जा सकता है l विश्व भर के लगभग 200 देशों के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को जिला पंचकूला में इन्हीं 50 जगह पर मनाया जाएगा जिसकी पंचकूला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां की जा चुकी हैl

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हरियाणा कला परिषद ने कोरोना योद्घाओं को पुरस्कृत कर किया सम्मानित

ऐलनाबाद, 19 जून।

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हरियाणा कलां परिषद हिसार जोन के अतिरिक्त निदेशक महाबीर गुड्डू शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कोरोना महामारी के दौरान बेहतरीन सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका के सफाई कर्मियों सहित डॉक्टर, पुलिस, राजस्व विभाग आदि के अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया। कोरोना यौद्घाओं को फूलमाला पहनाकर सम्मानित करते हुए पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर एसडीएम दिलबाग सिंह, डीएसपी जगत सिंह, नायब तहसीलदार अजय कुमार, एसएचओ राधेश्याम सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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महावीर गुड्डू ने कहा कि जब जिंदगी ठहर गई थी उस समय सफाई कर्मचारियों ने योद्धा के रूप में काम किया है। इनके जज्बे की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। इन योद्धाओं ने पूरे शहर की सफाई के साथ-साथ पूरे शहर को सेनेटाईज करने का काम किया। इसके अलावा कोविड में जिन लोगों ने जान गंवाई, उन लोगों के संस्कार की जिम्म्मेवारी भी इन सफाई कर्मचारियों ने ही निभाई। कोरोनाकाल में अपनी जान की परवाह किये बगैर डॉक्टरों व पैरा मैडिकल स्टाफ ने भी कोविड मरीजों के इलाज के लिए दिन रात एक किया। राज्य सरकार द्वारा इन्हें कोरोना वारियर्स की उपाधी दी गई है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा सबसे बडी सेवा होती है। इसी तरह की विकिट प्रस्थितियों में पता चलता है कि मानव का मानव के प्रति कितना लगाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना से बचने के लिए सरकार द्वारा जारी कोरोना नियमों की पालना कर कोरोना के खिलाफ लडाई में सरकार का सहयोग करें।

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Online Book launch event at PU

Chandigarh June 19, 2021

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Panjab University Alumni Association (PUAA) organised an event to launch a book named “Kavita to kahi nahi” written by Prof. Archana Singh, Professor, School of Communication Studies on June 18, 2021. This event was in continuation with the events organized by PUAA to celebrate the success and accomplishments of illustrious alumni of Panjab University.

 Prof. VR Sinha, Dean University Instruction presided over the event. He described the majesty of Hindi literature and said that literary persons are different from other persons. Poetry is the most versatile form of literary works and writing poetry is the strongest form of art. He gave numerous examples of popular poets like Kabir Das, Mahadevi Verma, Sumitranandan Pant, Suryakant Tripathi ‘Nirala’ and celebrated novelists like Munshi Prem Chand who had uncanny ability to potray Indian ethos and human behaviour. He admired Prof. Archana for her maiden venture and said that she is a possessor of unusual sensitivity and insight. She is able to express things in a attractive way with an astounding capacity.Prof Archana as a poet, idealizes reality and represents the things, rouses our admiration and feeling of nostalgia as we can empathise with most of her expressions. Prof. Sinha congratulated Prof. Archana and unveiled the book.

Special guests of the evening RJ Mehak, Dr. Anu Dua Sehgal, Ms. Soumya Joshi and Ms. Renuka Salwan, Director Public Relations, PU recited selected verses from the book.

Prof. Anupama Sharma, Dean, Alumni Relations welcomed the Chief Guest, special guests and alumni of PU, senior faculty members from Panjab University and participants. Speaking about the book, Prof. Sharma highlighted that the book is a beautiful compilation of poems and is true reflection of multifarious personality of Prof. Archana. It not only give the participants a window into the heart of the poet, but they also compel us to explore our own inner worlds and longings. Rave reviews by learned persons bear testimony to high literary content. 

Prof. Archana recited some verses of her book and said that compilation of this book was not easy but lockdown gave her time to assemble it. The poems were written over a span of few decades which were compiled in form of this book. She exquisitely described the logic for the title of the book “Kavita to kahi nahi”. She said that she has poured forth her life experiences in the form of poetry over the years. The collection contains 58 poems of varying lengths put together under 6 chapter headings. Each chapter caters to one type of mood such as Life, Family, Politics, Mother tongue and Womanhood.

Ms. Renuka Salwan recited a poem “Betiyan” from the book and specified that she can well relate to the poem beautifully penned down by Prof. Archana as she is herself mother of two daugheres who are staying away from her now. Dr. Anu Dua Sehgal, Ms. Soumya Joshi and RJ Mehak also to recited poems of their choice from Prof. Archana’s book, specifically choosing the theme which is close to their hearts.

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Earlier, highlighting the importance of book reading, Dr. Monika Aggarwal, UIAMS introduced the theme of the event to all the participants. She also read the reviews of book by Bollywood actor Ayushman Khurana and Jyoti Kapoor on the book and invited Prof. Archana Singh to highlight about the book and her journey from academician to a poet. 

The audience found the session engrossing, splendid, and enthralling. At the last, Prof. Monika Aggarwal presented the vote of thanks and concluded the meeting.

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Last Date for IGNOU Admission is 15th July, 2021

Chandigarh:

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The last date for admission in July, 2021 Session of Indira Gandhi National Open University (IGNOU) for all the Masters, Bachelors, PG Diploma, Certificate and Diploma Programmes is 15th July, 2021. Dr. Anil Kumar Dimri, Regional Director, IGNOU Regional Centre Chandigarh informed that the interested applicants can apply through the online link: https://onlineadmission.ignou.ac.in/  available on IGNOU website www.ignou.ac.in . They may also contact the Regional Centre Chandigarh office or the nearest IGNOU, Study Centre for any assistance in online admission. For all the latest updates about IGNOU the learners are advised to keep in touch with the websites of the University www.ignou.ac.in and Regional Centre Chandigarh http://rcchandigarh.ignou.ac.in . The learners may also like the facebook page of RC Chandigarh for important information about the University. For any query or guidance the learners may email to RC Chandigarh at the email ID rcchandigarh@ignou.ac.in

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फ्लाइंग सिक्ख मिल्खा सिंह का निधन

चंड़ीगढ़ : भारत के महान धावक मिल्खा सिंह जी का निधन हो गया है। उन्होंने 91 साल की उम्र में चंडीगढ़ के पी.जी.आई अस्पताल में ली अपनी अंतिम सांस ।

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पिछले एक महीने से वे कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे।

मिल्खा सिंह चार बार एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट मिल्खा सिंह को मई में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ट्रेक एंड फील्ड में कई रिकॉर्ड बनाने वाले इस दिग्गज को फ्लाइंग सिक्ख कहा जाता है।

उन्हें यह नाम पाकिस्तान के तानाशाह शासक जनरल अयूब खान ने 1960 में उस समय के धाकड़ एथलीट अब्दुल खालिक को रेस में हराने पर दिया था। मिल्खा 1960 में ओलिंपिक मेडल जीतने के भी बहुत करीब थे लेकिन मामूली अंतर से वे चौथे स्थान पर रहे थे।

मिल्खा सिंह को 3 जून को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनका इलाज उनके घर पर ही चल रहा था लेकिन ऑक्सीजन लेवल कम होने पर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि वे बुधवार को कोरोना नेगेटिव आ गए थे। इसके बाद उन्हें कोविड आईसीयू से सामान्य आईसीयू में भेज दिया गया था। लेकिन इस बीमारी के चलते हुई जटिलताओं के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई थी। इसके तहत शुक्रवार को उनका ऑक्सीजन स्तर कम हो गया था और बुखार आया था। अस्पताल के सूत्रों ने बताया था कि उनकी हालत गंभीर हो गई थी

पांच दिन पहले ही उनकी पत्नी का स्वर्गवास हुआ था

इसके बाद उनके परिवार की ओर से भी बयान आया था। इसमें कहा गया था, ‘मिल्खा जी के लिये दिन थोड़ा मुश्किल रहा। लेकिन वह इससे संघर्ष कर रहे हैं।’इससे पहले उनकी पत्नी निर्मल कौर का कोविड-19 संक्रमण से जूझते हुए 13 जून को मोहाली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था।निर्मल कौर खुद एथलीट रही थीं। वह भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान रह चुकी थीं। मिल्खा सिंह के साथ निर्मल कौर की शादी साल 1962 में हुई थी।

– ओलिपिंक मैडल से चूक गए थे मिल्खा सिंह

मिल्खा सिंह ने चार बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। साथ ही वह 1958 कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन भी हैं।

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फिर 1960 के रोम ओलिंपिक खेलों में 400 मीटर की दौड़ में वे मामूली अंतर से पदक से चूक गए थे और चौथे स्थान पर रहे थे। वे 1956 और 1964 के ओलिंपिक खेलों में भी शामिल हुए थे।1959 में उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला था।

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MCC organizes COVID-19 vaccination camp

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Chandigarh, June 18:- The Municipal Corporation Chandigarh has organized a COVID-19 vaccination camp in the conference hall, MCC office premises here today for the employees of MCC and their family members.

As per the instructions of Sh. K.K. Yadav, IAS, Commissioner, Municipal Corporation Chandigarh all the Head of Departments of various wings, MCC ensured vaccination of all the employees who are not vaccinated till date.

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Total 140 employees got vaccinated during the camp.

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More than 200 attended a Webinar on “Entrepreneurship, Innovation and Sustainable Business” organized by UIAMS

Chandigarh June 18, 2021

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A Webinar on “Entrepreneurship, Innovation and Sustainable Business” was hosted by UIAMS department in collaboration with UBS, Chandigarh, UBS-Ludhiana and UIHTM management departments of Panjab University.

Dr. Naveen  kumar  in his opening remarks talked that World is facing enormous challenges including ecological challenges, such as climate disruption caused by man-made greenhouse gas emissions, and societal challenges like Increasing Population and various forms of social injustice like social inequality etc. Businesses are resorting to these challenges in several ways from managing through the decline by adapting to limitations to more proactive, positive responses, including ones that champion business as a force for positive societal change. Sustainable businesses by way of addressing ecological and social concerns can foster numerous business opportunities that will benefit both the economy and society. Concept of 3Ps (Profit, People and Planet) has become all times more important in present scenario, and corporate house needs to embrace this concept holistically. Entrepreneurship and innovation are fundamental for the success of start-up companies that are providing innovative solutions to meet environmental or social challenges. Lastly he apprised that Companies undertake sustainable entrepreneurship for a variety of reasons ranging from profitability to enhancing brand reputation.

 Dr. Ashish Saihjpal, UBS-Ludhiana, Dr. Monica Bedi,UBS-Chandigarh and Dr. Naveen Kumar formally introduced the dignitaries among 200 attendees belonging to various PU departments and affiliated colleges of Chandigarh.

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Prof. Raj Kumar, Hon’ble Vice chancellor, PU and Chief Patron of webinar thanked Keynote speaker Sh. Harjinder Singh Cheema, and congratulated organizing team including faculty from UIAMS, UBS-Chandigarh, UBS-Ludhiana and UIHTM departments for organizing the event.

Prof.Meenakshi Malhotra, former DUI and CVO and guest of honour of event , in her address said that  the Entrepreneurship is the most relevant topic in today’s times when everything is falling apart. She talked about the major environmental and social concerns that world is grappling with. Prof. Malhotra stressed that Entrepreneurs are innovators who can help in the holistic transformation and reform patterns in a meticulous manner. They can lead to influx of new products or services through plethora of models concomitantly bolstering the experience of large stakeholders. She made faculty realized that we have to train and develop competency, resilience, persistence and infuse these qualities into the minds of young people. Teachers are the ones who can aid in etching these in the minds of young people consequently leaving an indelible mark invariably in their minds. This is the way India would progress; we have to be job creators and not just job seekers. We have to inculcate unflinching spirit and unwavering attitude of entrepreneurship in these young people intertwined with how innovation can transform and create sustainable business. Prof. Malhotra emphasised the immense role of entrepreneurship and innovation in success of sustainable entrepreneurship. Lastly, she gave insight of the great entrepreneurs like Azim Premji, and motivated the students to take a lead in the direction of entrepreneurship as a career.

Sh. Harjinder Singh Cheema , MD Cheema Boilers, was keynote speaker of the event. He talked about several important factors that are required to progress in life. He made audience to recognize and appreciate that human beings are the luckiest creatures on this earth if we decide, we can reach moon also owing to the capabilities and perseverance we have. He shared his important formula of life that we do not need to stay far ahead from others in life but milliseconds ahead than other person. Then he furthered his discussion about what entrepreneurship is and how we require having all four qualities of Brahmin, Kshatriya, Vaishya and Shudra.

Mr. Cheema enlightened the participants about the concept of 5 Cs i.e. Confidence, Courage, Commitment, Consistency and Communication related to innovation. He asked the audience not to be just a follower in life rather try to be a leader. In India, where 60% of population is below 35 years we should try to be job creators and not just job seekers and that requires power and positive attitude in life and that is within everyone we all just need to identify it. He has shared his own personal insights like how he showed confidence in front of his Ship Captain, how he has shown courage to quit his job, how he showed commitment when his father said not to come home without a job, how he joined Thermax and continued there for 12 years and then started his own company by bringing together all his brothers and started this company whose revenue increased from 2 crore to 200 crore in a span of just 7 years. His discussion unfolded about how at different phases of life people around him motivated him and helped him see things differently. At the same time, he also talked about the importance of innovation. How he always continued on the path of innovation. He substantiated his claim by letting audience know that first time in the world, he along with his team has invented a technology for burning Distillery waste after concentrating it into a boiler, how they converted sugar mills to power plant during non-sugar season, how they are producing ethanol from rice straw to solve problem of straw burning and there latest innovation of making hi-tech crematoria to check air pollution and at the end, he apprised that to be an entrepreneur you have to be constantly search for innovations.

Dr. Naveen Kumar handled the questions and queries from participants. Dr. Arun Singh Thakur, Assistant Professor, UIHTM proposed vote of thanks.  The event was jointly coordinated by Dr. Monica Bedi, UBS, Dr. Naveen Kumar, UIAMS , Dr. Ashish Saihjpal, UBS-Ludhiana, Dr. Nidhi Gautam, UIAMS, and Dr. Arun Singh Thakur, UIHTM. The efforts of students’ coordinator team including Sandeep-research scholar, Diksha Guatam, Kartikay Nikhanj, Suruchi Rishi, Neha Thakur and Shivam Sangrai were appreciated.

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

कोविड नियमों की पालना के साथ होगा अंतर्राष्टï्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन : नगराधीश

सिरसा,18 जून।

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-तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ, प्रशिक्षक चंद्रपाल योगी ने करवाई योग क्रियाओं का अभ्यास
-स्वस्थ जीवन के लिए योग को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा : नगराधीश


सातवें अंतर्राष्टï्रीय योग दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ स्थानीय शहीद भगत सिंह स्टेडियम में किया गया। इस अवसर पर नगराधीश गौरव गुप्ता उपस्थित थे। योग प्रशिक्षक चंद्रपाल योगी ने योग प्रोटोकोल अनुसार योग क्रियाओं का अभ्यास करवाते हुए प्रत्येक योग क्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला है।


नगराधीश गौरव गुप्ता ने बताया कि उपायुक्त अनीश यादव के दिशा निर्देश पर सातवें अंतर्राष्टï्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन सरकार की हिदायतों अनुसार कोविड नियमों की पालना के साथ किया जाएगा। जिला व उपमंडल स्तर पर 50 जगहों पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कोरोना से बचाव के मद्ïदेनजर कार्यक्रम मेंं 50 व्यक्ति शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से योग दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर तमाम तैयारियां की जा रही हैं।


गौरव गुप्ता ने कहा कि कोरोनाकाल में योग का महत्व और भी अधिक बढ गया है। शरीर को स्वस्थ रखने में योग व प्राणायाम की अहम भूमिका है। हर व्यक्ति को स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योग से शरीर व मन संतुलित होते हैं। स्वस्थ्य शरीर के लिए योग प्रतिदिन नियमित रुप से करना चाहिए।
योग प्रशिक्षक चंद्रपाल योगी ने योग क्रियांओं का अभ्यास करवाते हुए कहा कि यह योग विद्या मधुमेह, श्वसन सबंधी विकार, उच्च रक्तचाप और जीवन शैली से सबंधी कई प्रकार के विकारों के प्रबन्ध में लाभकर है। योग समृद्ध और परिपूर्ण जीवन की उन्नति का मार्ग है।

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इन योग क्रियाओं का करवाया अभ्यास :


भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल योगी ने चालन क्रियाओं जिनमें शिथिलीकरण अभ्यास, ग्रीवा चालन, चार प्रकार से गर्दन को घुमाने की क्रिया, स्कंध खिंचाव के अन्दर स्कंधचक्र, काटेचालन और घुटना चालन, योगासन में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन आदि योग क्रियांए करवाई। इसी प्रकार आसनों में भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्टासन, शंशाकासन, उत्तान मंडूकासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन करवाए गए। पीठ के बल लेट कर आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन, शवासन करवाए गए। इसके साथ ही चार प्रणायाम कपालभाति, अनुलोम विलोम प्रणायाम, भ्रामरी प्रणायाम व ध्यान मुद्रा भी करवाए गए। योग करवाते समय प्रत्येक क्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई व योग से होने वाले लाभ के बारे में भी बताया।
इस मौके पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. गिरीश चौधरी, वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के अध्यक्ष लालचंद गोदारा, हेमा राम, विवेक शर्मा, रजनी बाला, डा. प्रियंका, समरस्ती, राखी, सरिता, अंजू आदि महिलाओं, पुरूषों, खिलाडिय़ों व बच्चों ने योग प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया।