जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

उपायुक्त ने किया ज्वाला गैसिज ऐजेंसी का दौरा, ऑक्सीजन प्लांट के कार्यों का किया निरीक्षण

सिरसा, 11 जून।

For Detailed News-

-प्राथमिकता से करवाएं ऑक्सीजन प्लांट का कार्य, किसी भी जरूरत के लिए प्रशासन को करवाएं अवगत : उपायुक्त
-ज्वाला गैसिज में तैयार किया जा रहा ऑक्सीजन प्लांट, 24 घंटे में तैयार होंगे 300 ऑक्सीजन सिलेंडर


प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन संबंधी तमाम सुविधाओं को सुदृढ करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में उपायुक्त अनीश यादव ने शुक्रवार को इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ज्वाला गैसिज ऐजेंसी का दौरा कर यहां तैयार किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया और प्लांट को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द शुरू करने के दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ-साथ ऑक्सीजन स्टोरेज की क्षमता व सिलेंडरों की उपलब्धता बारे जानकारी भी ली। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम जयवीर यादव सहित संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे। प्लांट संचालक अनिल बांगा, चरणजीत बांगा ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि प्लांट को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए दिन-रात कार्य किया जा रहा है।


उपायुक्त ने प्लांट संचालक से कहा कि ऑक्सीजन प्लांट संबंधी कोई भी प्रकिया है, उसे शीघ्र पूरा करवाएं। प्रशासन की ओर से प्रक्रिया को पूरा करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की दिक्कत आती है, तो वे एसडीएम से संपर्क करके उसका समाधान करवाएं। उन्होंने कहा कि प्लांट के हर कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करवाया जाए। इसके अलावा बिजली से संबंधित कोई भी दिक्कत हो उसे भी तुरंत प्रभाव से दूर करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन प्लांट संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। उपायुक्त ने एजेंसी के ऑक्सीजन स्टोरेज, तैयार हो रहे ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता आदि की बारिकी से जानकारी ली।

https://propertyliquid.com


प्लांट से एक घंटे में तैयार होगी 80 क्यूबिक ऑक्सीजन :


ज्वाला गैसिज एजेंसी संचालक ने उपायुक्त को बताया कि प्लांट से एक घंटे में 80 क्यूबिक ऑक्सीजन तैयार होगी, जिसमें लगभग 12 सिलेंडर भरे जा सकेंगे। इस प्रकार से प्लांट की हर रोज 300 ऑक्सीज सिलेंडर तैयार करने की क्षमता होगी। संचालक ने स्टोरेज टैंक से ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल बारे जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा समय में टेंक से हर रोज लगभग एक हजार सिलेंडर रिफिल करने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट को हरियाणा के पानीपत व हिमाचल प्रदेश के बद्दी से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है, जिसे यहां स्टोरेज करके आगे सिलेंडर में रिफिल किया जाता है।

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

Governor inaugurates 1st MRF-cum-Garbage Transfer Station at Chandigarh

For Detailed News-

Chandigarh, June 11:- Sh. V.P. Singh Badnore, Governor, Punjab and Administrator, UT, Chandigarh today inaugurated the first Material Recovery Facility – cum – Garbage Transfer Station at 3BRD STP site, Industrial Area, Phase II, Chandigarh in the presence of Sh. Manoj Kumar Parida, IAS, Adviser to the Administrator, Sh. Ravi Kant Sharma, Mayor, Chandigarh and other senior officers of Administration and MCC.

While addressing the gathering after inauguration of the Station, the Governor said that the centre is first one out of three facilities which are being constructed in the city, the other being under construction at Industrial Area, Phase- I and Sector -25 (West), Chandigarh.

He said that the project is one of the component of the comprehensive Solid Waste Management System as per SWM Rules, 2016, which aims at reducing the time and cost involved in collection and transfer of waste two besides generating income by recovering the reusable and recyclable waste.

The Governor said that Smart City Ltd. has done remarkable job by procuring nearly 425 small vehicles for door to door collection of segregated city waste and the same will be tracked using GPS devices and citizens can know timing of arrival through app being developed under a separate project for tracking of vehicles.

Sh. Ravi Kant Sharma said on the occasion that door to door waste collection vehicles will bring segregated waste i.e. dry & wet waste in different compartments at the Material Recovery Facility which is having dedicated space for sorting of recoverable dry waste into different categories like paper, card, recyclable plastics, glass bottles, metal etc, Dry waste left after recovery of recyclable materials will be compacted in huge compactors to compost plant located in Sector 25, Daddumajra, Chandigarh. Weigh bridges have been provided for measurement of dry and wet waste within the Material Recovery Facility.

https://propertyliquid.com

He said that MRF facility is equipped with hopper- tippers and compactor capsules for transfer of waste from smaller (3.2 cum) vehicles to 20 cum capsules where the waste will be compacted to one fifth of the original volume. The volume reduction will save cost of transportation of waste and space required for disposal of waste.

Sh. K.K. Yadav, IAS, Commissioner, MCC-cum-CEO, Chandigarh Smart City Ltd. said that waste from Sector 31, 32, 33,34, 44, 45, 46, 47, 48, 49, 50, 51, part 63, Industrial Area Ph-I, Ramdarbar, Hallomajra, Makhan Majra, Behlana is proposed to be brought at 3BRD facility. MRF cum GTS at west of sec 25 will cater to Sector 1, 2, 3,4, 9, 10, 11, 12, 14, 15, 16, 17, 22, 23, 24, 25, 35, 36, 37, 38, 39, 40, 41, 42, 43, 52, 53, 54, 55, 56, Part 61. Maloya, Dhanas, Sarangpur, Khuda Lahora, Khuda Ali Sher and remaining sectors waste will be brought to Industrial area Phase I, Chandigarh.

He further said that the MRF stations will further be equipped with parking facilities and vehicle washing facilities. These will be monitored through 20 CCTV cameras. Each transfer station will have Material Recovery Facility cum Transfer Stations with 2 Conveyer Belts for each station, Industrial Shed, 3 Weigh Bridge, one Wash System, CCTV, Mechanical equipment for volume reduction of waste to one fifth of original volumes and 9 truck loaded capsules to carry compacted waste to Processing Plant / Composting plant site. The total project is being implement through two contract packages one for civil and one for Mechanical works.

Earlier the Governor and other senior officers planted saplings of various medicinal plants in the compound area of MRF Station.

Other officers present during the inaugural programme were Sh. Arun Kumar Gupta, IAS, Principal Secretary Home, Sh. Vijay. N. Zade, IAS, Finance Secretary, Sh. Mandeep Singh Brar, IAS, Deputy Commissioner, Sh. Mahesh Inder Singh Siddhu, Senior Deputy Mayor, Sh. Davesh Moudgil, former Mayor and area councillor, Sh. Devinder Singh Babla, leader of opposition in MC House, Sh. Rajesh Kumar, former Mayor, Sh. Hardeep Singh, Ms. Shipra Bansal, other councillors and officers of Municipal Corporation, Chandigarh.

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में दीप प्रज्जवलित कर कृषि कार्यशाला का शुभारंभ करते हुये।

For Detailed News-

पंचकूला, 11 जून-            हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें क्वांटिटी के साथ साथ क्वालिटी पर ध्यान देते हुए खेती करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है और वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत हमें क्वालिटी का चैलेंज स्वीकार करके कृषि क्षेत्र में आगे बढना होगा। आमदनी बढानी है तो प्राकृतिक खेती की ओर जाना ही पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने यह बात आज पंचकूला में आयोजित एक दिवसीय कृषि कार्यशाला में उपस्थित प्रदेश भर से आए प्रगतिशील किसानों को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खुशहाल बागवानी पोर्टल एवं फसल तुड़ाई के बाद प्रबंधन संबंधी जानकारी से युक्त पुस्तिका का लोकार्पण भी किया।


कृषि विभाग द्वारा किसानों की आमदनी दोगुनी करने एवं फसल विविधिकरण को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा के बिजली मंत्री श्री रणजीत सिंह और राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे पी दलाल भी उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री द्वारा 17 खरीफ फसलों की एमएसपी घोषित करने के लिए उनका आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसान सम्मान हर जिला अनुसार एवं प्रदेश स्तर पर भी प्रदान किए जाएगें। उन्होंने प्रगतिशील किसानों का आह्वान किया कि वे हर वर्ष 10-10 और किसानों को ट्रेनिंग दें। इससेे दो से तीन सालों में ही प्रगतिशील किसानों की संख्या कई गुणा बढ जाएगी। उन्होंने कहा कि खेती है तो उद्योग हैं और तभी सर्विस सैैक्टर है। खेती एवं खनिजों के उत्पादन में जितनी अच्छी क्वालिटी होगी उतना ही समाज के लिए लाभदायक होगा। इससे कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी और किसान लोगों को स्वास्थ्य बढाने में मुख्य भूमिका अदा करेंगे।

https://propertyliquid.com


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें किसानों की आमदनी बढाने की योजनाओं पर फोकस करना है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रगतिशील किसानों के छोटे छोटे ग्रुप बनाकर उन्हें ट्रेनिंग दे और यह क्रम लगातार चलाएं। इससे कृषि क्षेत्र मंे अमूलचूल बदलाव आएगा।  छोटे जोत के किसानों की आमदनी बढाने के अन्य स्त्रोत कैसे विकसित किए जाएं, इस पर फोकस करना है। उन्होंने वर्टिकल फार्मिंग को भी इस दिशा में उपयोगी बताते हुए इस पर ओर अधिक जागरूकता के लिए अधिकारियों को काम करने को कहा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हरित क्रांति की आवश्यकता हुई तो हमने खाद्यान्न उत्पादन में नए आयाम स्थापित किए लेकिन इसके साथ साथ  रासायनिक खाद एवं पेस्टीसाईड का प्रयोग करके जमीन की उर्वरा शक्ति को कम कर लिया। वर्तमान समय के अनुसार हमें बदलना होगा, इसके लिए न केवल कृषि भूमि की उपजाऊ शक्ति बढानी होगी बल्कि जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक होना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हर एकड़ की फसल का डाटा अपडेट करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना लागू की गई है।


उन्होंने कहा कि पानी का उचित प्रबंधन किस प्रकार हो, इस पर फोकस करते हुए मेरा पानी मेरी विरासत योजना चलाई जा रही है। इसके लिए द्विवार्षिक जल प्रबंधन योजना की बजट भाषण में भी चर्चा की गई थी। इसके तहत धान की बजाय अन्य फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस बार इस योजना में दो और आयाम जोड़े गए हैं जिसमें खेत खाली रखने पर भी प्रोत्साहन राशि दिया जाना तय किया गया है। इसके अलावा जो किसान एग्रो फोरेस्ट्री अपनाएगा उन्हें भी प्रति एकड़ तीन साल तक दस हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इससे तीन वर्ष में लकड़ी की पूर्ति होगी और जंगल भी बचेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि हर वर्ष जलस्तर एक मीटर से भी ज्यादा नीचे जा रहा है। इसलिए इस संकट के दृष्टिगत हमें प्रबंध करने हांेगे। हमें आने वाली पीढी को क्या सोंप कर जाना है, यह ध्यान में रखते हुए पानी का समुचित प्रबंधन एवं उपयोग करने की आवश्यकता है। टयूबवैल कनैक्शनों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमें माईक्रो सिंचाई प्रबंधन की ओर बढना होगा। इस दिशा में किसान सोचंे। इसके लिए 85 प्रतिशत खर्च सबसिडी के रूप में सरकार की ओर से दिया जाता है। हर खेत की मिट्टी की जांच के लिए सरकार ने व्यापक योजना बनाई है। इस योजना में हर एकड़ का साॅयल हेल्थ कार्ड बनेगा। इसमें विद्यार्थी लर्निंग के साथ अर्निंग कर पाएगें। विद्यार्थियों को सैम्पल एकत्र करने के लिए प्रति सैम्पल 40 रुपए प्रदान किए जाएगें।


प्राकृतिक खेती की तकनीक बताई आचार्य देवव्रत-


कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि एक देशी गाय का पालन करने से हम 30 एकड़ कृषि भूमि पर प्राकृतिक खेती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती करने से उत्पादन घटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कुरुक्षेत्र गुरुकुल के 200 एकड़ के फार्म में की जा रही प्राकृतिक खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे न केवल उत्पादन बढा बल्कि मार्केट के मुकाबले अधिक दाम भी मिल रहें है। उन्होंने कहा कि फर्टिलाईजर व पेस्टिसाईड का इस्तेमाल करने वाले किसानों के खेतों की आर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.3 से 0.4 से अधिक नहीं है जबकि हमारे गुरुकुल में यह स्तर 0.8 से ऊपर है। यह केवल प्राकृतिक खेती करने से ही सम्भव हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से पानी, जमीन व पर्यावरण इन सभी का सरंक्षण किसान की आमदनी बढना भी सम्भव है। इसके साथ प्राकृतिक खेती से उपजी फसलों का उपयोग करने से लोगों का जीवन भी स्वस्थ होगा। उन्होंने 100 किसानों को   प्राकृतिक खेती की तकनीक की जानकारी से युक्त स्वयं द्वारा लिखिल पुस्तक भी निशुल्क प्रदान की।  


किसानों के सच्चे हितैषी हैं मुख्यमंत्रीः दलाल


हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे पी दलाल ने मुख्यमंत्री को किसानों का सच्चा हितैषी बताते हुए कहा कि सरकार ने किसान के हक में नीतियां बनाकर किसानों का जीवन बदलने का लक्ष्य बनाया है। किसानों के लिए जीरो बजट की खेती मुख्यमंत्री का विजन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर समय किसानों की आर्थिक हालत सुधारने बारे सोचते रहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें बढने के बावजूद केन्द्र सरकार ने खाद के दाम नहीं बढने दिए। इससे बड़ा किसान हितैषी निर्णय नहीं हो सकता।


उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना जोत वाले पशु पालकांे के भी 56 हजार पशु किसान के्रडिट कार्ड प्रदान कर बड़ा काम किया है। इसके तहत 4 प्रतिशत ब्याज की दर से इन किसानों को भी ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना स्वैच्छिक है लेकिन फिर भी पहले से ज्यादा किसानों को लाभ मिला है। सरकार ने बिजली के रेट कभी नहीं बढाए और  बिजली की गुणवता बढाकर किसानों को भरपूर बिजली प्रदान की। फसलों के भाव दिलाने के लिए एफपीओ बनाए। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज का भुगतान सीधा उनके खाते में करने का कार्य किया।


कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यशाला की उपयोगिता बारे में जानकारी दी।


 कार्यशाला में महानिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरदीप सिंह, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, एसडीएम पंचकूला ऋचा राठी, बागवानी विभाग के महानिदेशक अर्जुन सैनी, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने आज यहां बताया कि कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुये सरल केंद्र पंचकूला में पब्लिक डिलिंग का कार्य 14 जून 2021 से फिर से आरंभ किया जा रहा है।

For Detailed News-

पंचकूला, 11 जून- उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने आज यहां बताया कि कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुये सरल केंद्र पंचकूला में पब्लिक डिलिंग का कार्य 14 जून 2021 से फिर से आरंभ किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि 3 मई 2021 को लाॅकडाउन लगने के कारण सरल केंद्र पंचकूला में पब्ल्कि डिलिंग का कार्य बंद कर दिया गया था।


उन्होंने बताया कि मई मास में जो भी अपाइंटमेंट दी गई थी, उनको व्यवस्थित कर दिया गया है और उन्हें 21 जून 2021 तक पूर्ण कर लिया जायेगा।  जून 23, 2021 से फिर से नई अपाइंटमेंट आरंभ कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि अपाइंटमेंट जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई ई-अपाइंटमेंट सिस्टम ऐप पर ली जा सकेगी। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसका लिंक जिला प्रशासन की वेबसाईट चंदबीानसंण्दपबण्पद पर भी उपलब्ध है।

https://propertyliquid.com


उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील करते हुये कहा कि वे अपने मोबाईल पर प्राप्त किये गये मैसेज के स्केडूल अनुसार सरल केंद्र पर आकर अपना कार्य करवायें। उन्होंने आग्रह किया कि केवल आवेदनकर्ता ही सरल केंद्र में अपने कार्य के लिये आये ताकि वहां पर ज्यादा भीड़ इक्क्ठी न हो और कोरोना के नियमों का भी पालन किया जा सके।

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

A Roadmap to the Career Options In Biophysics Discussed at PU

Chandigarh June 11, 2021

For Detailed News-

The Placement Cell of the Department of Biophysics, Panjab University, Chandigarh, organized today a virtual outreach program, ‘A Roadmap to the Career Options In Biophysics’  to spread awareness and generate interest in the field of Biophysics. 

The virtual meet was convened by Dr. Avneet Saini ,Chairperson and Dr. Naveen Kaushal ,Assistant Professor; Placement and Outreach Incharge of the Biophysics Department. Over 110 students from different colleges attended the Outreach Program. 

Prof. Meena Sharma, Honorary Director, Central Placement Cell, PU presided over the virtual meet . In her opening remarks, she appreciated the time and efforts invested by the organizers in making this outreach program a reality. She emphasized the need of organizing such programs to guide students in making informed decisions about their future.

Dr. Avneet Saini introduced the students to biophysics as an interdisciplinary arena that bridges the gap between biological and physical sciences. 

Dr. Naveen Kaushal gave a presentation on the topic ‘Outreach and Placement’ and made the students aware of the scope and various career opportunities that the students can pursue after doing a course in Biophysics. Highly distinguished alumni of the Department gave their testimonials to the students about how Biophysics helped shape their careers. 

Dr. Pooja Khanna shared her journey of becoming a Data Scientist at Green Shield, Canada, and how she chose her passion for the same stemming from Biophysics. Ms. Sonika Sharma, Senior Manager, Medical Writer, Paraxel, Mohali shared her learning and experiences on her path from Biophysics to Parexel. Dr. Preeti Bhardwaj, Scientific Officer B, NCBS, TIFR, Bangalore, and Dr. Rishi Bhardwaj, Post-Doctoral Fellow, Yale University, USA, narrated their stories from being a Ph.D. student at the Department to follow their dreams in their respective careers.

https://propertyliquid.com

Dr. Naveen Kaushal thanked all the speakers and the participants for making the virtual meet success and hoped for a new beginning for relationship building  

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

जीवन में सकारात्मक सोच और रचनात्मक कार्य शैली का अपना ही महत्व : अनिल मलिक

सिरसा, 11 जून।

For Detailed News-


मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी रोहतक एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक सोच और रचनात्मक कार्य शैली का अपना ही महत्व होता है। रचनात्मकता शिक्षण की एक ऐसी रणनीति है जिसमें शिक्षार्थी पूर्व ज्ञान आस्था व कौशल का इस्तेमाल करते हुए नई किस्म की समझ विकसित करते हैं।


वे शुक्रवार को गांव झिड़ी स्थित आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों  को राज्य स्तरीय परियोजना बाल सलाह परामर्श एवं कल्याण केंद्रों के तहत आयोजित ऑनलाइन माध्यम संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो हमें परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। हर मौजूदा चुनौती को अवसर में बदलना होगा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है हमें भी मौजूदा हालात, समय, परिस्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए खुद को बदल लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अपनी रचनात्मकता को पंख लगा उडऩे दे, आपकी सोच जितनी रचनात्मक होगी उतने ही नए विचार पैदा होंगे। इसलिए सकारात्मक, प्रेरणादायक, प्रोत्साहन वर्धक, सहयोगी वातावरण की जरूरत है। मौजूदा हालात डरने के नहीं बल्कि अधिक जागरूक, सचेत, समझदार और चौकन्ना रहते हुए इनका मजबूती से सामना करें। कोविड-19 नियमों की अनुपालन आवश्यक रूप से करते रहें, शारीरिक दूरी कायम रखें और मास्क को जरूर पहने। हमें सही सोच के साथ अपने पूर्व ज्ञान, बेहतर समझ अनुसार बेहतर से बेहतरीन प्रयास करने होंगे।

https://propertyliquid.com


उन्होंने कहा कि आशा, उम्मीद, हौसला, जुनून, दृढ़ इच्छाशक्ति, कर्तव्यों के प्रति सजगता, संवेदनशील मुद्दों के प्रति जागरूकता बड़ी से बड़ी चुनौती को शिकस्त देने में सहायक सिद्ध होते हैं। इसलिए उदास, निराश, हताश, चिंतित नहीं रुचिकर कार्यों में व्यस्तता स्वरूप अपनी दैनिक गतिविधियों को अंजाम तक पहुंचाना है। अपनी सोच, विचार, आदतों और कर्म के प्रति हमेशा सजग और सावधान रहना है, फिर चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो डटे रहना, सीखते रहना और उन्हें अवसर में बदलने की कला भी सीखनी होगी। कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से स्कूल प्राचार्य प्रेम कंबोज व भूगोल प्रवक्ता रतीश कुमार भी जुड़े।

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

अबतक 498 जरूरतमंद रोगियों को उपलब्ध करवाएं ऑक्सीजन सिलेंडर: अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह

सिरसा, 11 जून।

For Detailed News-


अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा अबतक 498 होम आइसोलेट कोरोना गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। सोसायटी द्वारा शुक्रवार को दो जरूरतमंद रोगियों को ऑक्सीजन गैस सिलेंडर मुहैया करवाए गए, जिनमें सिरसा में खैरपुर निवासी ओम प्रकाश व गांव चामल निवासी कृष्णा बाई शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नागरिक सुविधा का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल ऑक्सीजनएचआरवाईडॉटइन पर रजिस्ट्रेशन करके अपनी रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। उन्होंने आमजन से कहा है कि वे कोविड-19 हिदायतों की गंभीरता से पालना करें और किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी व सजगता बेहद जरूरी है, सावधानी व बचाव उपायों को अपना कर ही कोरोना संक्रमण के फैलाव पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसलिए नागरिक बेवजह घर से बाहर न निकलें, अतिआवश्यक होने पर ही घर से निकलते समय मास्क का सही तरीके से प्रयोग करें और सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखें।

https://propertyliquid.com

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

अंत्योदय सरल केंद्र का हेल्पलाइन नंबर में बदलाव, अब 0172-3968400 करें डायल : नगराधीश गौरव गुप्ता

सिरसा, 11 जून।

For Detailed News-


नगराधीश गौरव गुप्ता ने बताया कि नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने के लिए जिला में ई-गवर्नेंस के तहत शुरू किए गए सरल केंद्र का हेल्पलाइन नंबर बदलकर 0172-3968400 कर दिया गया है।
नगराधीश ने बताया कि जिला में बने सरल केंद्रों में प्रतिदिन लोग पहुंचकर सरकारी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। सरकार की मंशा है कि लोगों को उनके घर के नजदीक ही सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं तथा सेवाएं प्राप्त हों। इसके लिए जहां सिरसा जिला मुख्यालय पर अंत्योदय सरल केंद्र भवन खोला हुआ है वहीं एसडीएम ऑफिस तथा तहसील कार्यालयों के साथ भी सरल केंद्र बने हुए हैं। इनके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में अटल सेवा केंद्रो के माध्यम से भी नागरिक सुविधाएं व सेवाएं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आमजन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 0172-3968400 पर संपर्क करके इन केंद्रों में संचालित की जा रही सुविधाओं व सेवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

https://propertyliquid.com