जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

जिला रेडक्रॉस सोसायटी पंचकूला द्वारा सेक्टर 15 स्थित वृद्ध आश्रम में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

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पंचकूला 5 जून- जिला रेडक्रॉस सोसायटी पंचकूला द्वारा सेक्टर 15 स्थित वृद्ध आश्रम में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणा रेडक्रॉस राज्य शाखा के महासचिव डीआर शर्मा ने पौधारोपण किया गया और वृद्धों से जाना।


महासचिव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिला रेडक्रॉस शाखा पंचकुला सचिव सविता अग्रवाल के नेतृत्व में आम जन के लिए बेहतरीन कार्य कर रही है। यह शाखा जिला प्रशासन के साथ मिलकर घर घर तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचना हो या गरीब व असहाय मजदूरों तक सुखा राशन पहुंचना हो, सभी कार्य सुचारू रूप से चलाए जा रहे है। जिला रैडक्रास शाखा बधाई की पात्र है जो वास्तव में जिला के लोगों की सहायक बनकर कार्य कर रही है।


उन्होंने वृद्ध आश्रम के सभी बुजुर्गों से बात की और उनका हालचाल पूछते हुए उन्हें दी जा रही सुविधाओं से बारे बातचीत की। वृद्ध आश्रम में साफ सफाई देख कर उन्होंने प्रसन्नता भी जताई। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गो ने कहा कि उनकी देखभाल के लिए रेडक्रास उन्हें घर से बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है।


महासचिव ने यह भी आश्वासन दिया की हरियाणा रेडक्रॉस राज्य शाखा द्वारा एक एंबुलेंस जल्द जिले में मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा चलाए गए ड्राईव थ्रू वेक्सिनेशन में रैडक्रास के स्वयं सेवकों ने स्वैच्छिक रुप से बड़ा ही सराहनीय योगदान दिया है।

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इस मौके पर रैडक्रास सचिव सविता अग्रवाल, सहायक सतीश चंद, सुपरवाईजर गंभीर सिंह, स्वयं सेवक नीलम कौशिक भी उपस्थित रहे।

जिला पंचकूला के विभिन्न केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी परीक्षा

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचकूला के नागरिकों को सैक्टर 23 में घग्गर किनारे आॅक्सीवन वाटिका के रूप में नायाब तोहफा प्रदान किया।

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पंचकूला 5 जून- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचकूला के नागरिकों को सैक्टर 23 में घग्गर किनारे आॅक्सीवन वाटिका के रूप में नायाब तोहफा प्रदान किया। इसका शुभारम्भ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने करनाल से वीसी के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में किया। इसका सीधा प्रसारण दिखाया गया। वन मंत्री श्री कंवरपाल भी इस कार्यक्रम से जुड़े।


मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 50 से अधिक स्थानों पर पंचवटी वृक्षारोपण का उदघाटन किया और पंचकूला में लगभग 100 एकड़ भूमि पर आॅक्सीवन वाटिका का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने प्राणवायु देवता पैंशन योजना का भी शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने पेड़ लगाने वाले किसानों को 7 हजार रुपए प्रति एकड़ तथा एग्रो फोरेस्ट्री के तहत 10 हजार रुपए लगातार तीन साल तक देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर शहर में 5 एकड़ से लेकर 100 एकड़ भूमि पर आॅक्सीवन वाटिकाओं में आॅक्सीजन देने वाले प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के 134 स्थानों पर पंचवटी भी लगाई जाएगी। प्रदेश के सभी गांवों की लगभग 8 लाख एकड़ पंचायती भूमि में से 10 प्रतिशत भूमि पर आॅक्सीवन प्लांट लगाए जाएगें। उन्होंने कहा कि पानी और पर्यावरण हमारी विरासत है। इसके लिए धान के स्थान पर अन्य फसलों की बिजाई करने पर 7 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है। उसी तर्ज पर जो किसान पेड़ लगाएगें उन्हें 7 हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरुप प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि एग्रो फोरेस्ट्री के रुप में पौधे लगाएगें उन्हें 10 हजार रुपए की राशि लगातार तीन साल तक प्रदान की जाएगी।

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उन्होंनेे कहा कि पीपल एवं वट का वृक्ष लम्बी अवधि तक आॅक्सीजन देते है। प्रदेश में किए गए सर्वे अनुसार लगभग अढाई हजार पेड़ 75 साल से अधिक आयु के पाए गए है। ऐसे पेड़ों की सुरक्षा के लिए प्राणवायु देवता पैंशन योजना क्रियान्वित की गई है। इस योजना के तहत उन्हें अढाई हजार रुपए की सालाना पैंशन दी जाएगी। इस राशि से ऐसे पेड़ों के नीचे बैठने लिए बैंच लगाने के अलावा पानी आदि का प्रबंध किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पैंशन की तर्ज पर भविष्य में यह राशि बढाई जाएगी।


हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि घग्गर पार लोगों के लिए यह आॅक्सीवन वाटिका नायाब तोहफा है। उन्होंने पंचकूला वासियों को दिए इस नायाब तोहफे के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इसके शुरू होने से लोगों को बिना पैसे के आॅक्सीजन मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान आॅक्सीजन की कमी महसूस हुई तो सरकार ने ऐसे आॅक्सीजन प्लांट का निर्णय लिया गया ताकि रेजिडेंटस को पूरी मात्रा में आॅक्सीजन मिल सके। उन्होंने नागरिकों से पेड़ लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उतने ही पेड़ लगाए जिनकी वे सही परवरिश कर सकें। उन्हांेने कहा कि हमें पेड़ लगाने और उसकी बच्चों की तरह सही सुरक्षा एवं देखभाल करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि मानव के लिए हर दिन पर्यावरण का द्योतक है। प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बढावा देने व मानव कल्याण के लिए हमें पर्यावरण के प्रति सचेत एवं जागरूक रहना है। घग्गर नदी के लगभग अढाई किलोमीटर लम्बाई के इस आॅक्सीवन प्लांट से लोगों को शुद्ध वातावरण मिलेगा। इसके अलावा वन विभाग द्वारा लगभग 3 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया हैं जिसमें 2 करोड़ आॅक्सीजन पौधे लगाए जाएगें।

श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने पीपल का पेड़ लगाया। इसके अलावा उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, महाप्रबंधक हरियाणा वन विकास निगम सुरेश दलाल, एपीसीसीएफ के सी मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने भी आॅक्सीजन प्लांट लगाए। इस मौके पर एसडीएम रीचा राठी, तहसीलदार पुण्यदीप शर्मा, डीआईओ सतपाल शर्मा सहित वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

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पर्यावरण चुनौतियों का सामना करने में विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम भारत !

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पंचकूला 5 जून – केंद्रीय जल शक्ति व सामाजिक न्याय अधिकारिता, मंत्री श्री रतनलाल कटारिया ने कहा कि हमारे भारत में पेड़-पौधे पीपल, तुलसी, पृथ्वी,सूर्य, वायु सबको देवता मानकर उनकी पूजा करने का रीति-रिवाज बरसों से चलता आ रहा है। तीन क्षेत्र जहां भारत ने पर्यावरण को बचाने में अपनी प्रतिभा दिखाई है जल संरक्षण, सौर ऊर्जा,बायोफ्यूल,। आज बायोफ्यूल के क्षेत्र में 2014 से पहले एक से डेढ़ प्रतिशत इथनोल की खपत जहां 2013-14 में 38 करोड़ लीटर से आज 320 करोड़ लीटर इथनोल खरीदी गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 21 हजार करोड़ रुपए का बायोफाइल खरीदा जिससे इथनोल बनाने वाली गन्ना मिलों की आर्थिक हालात में काफी सुधार आया जिससे देश के किसानों को गन्ने का मूल्य कम समय में मिलने लगा और जैविक फ्यूल के प्रयोग से प्रदूषण में कमी आई |
रतनलाल कटारिया ने बताया कि 2014 में देश के सात एयरपोर्ट सौर ऊर्जा का प्रयोग करते थे परंतु आज यह संख्या बढ़कर 50 से अधिक हो गई है। इंटरनेशनल सोलर एलाइंस (ISA) जिसका मुख्यालय गुड़गांव में है | प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर 121 देश (ISA) के सदस्य बने है इसी तरह अन्य बड़े देशो को पर्यावरण को बचाने के लिए पहल करनी चाहिए |


आज भारत सौर ऊर्जा के निर्माण में भारत चौथे स्थान पर है, वही नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का 100 मेगावॉट से सौर ऊर्जा 60 मेगावॉट, वायु ऊर्जा 10 मेगावॉट पावर के लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच चुका है । माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2030 तक 450 मेगावॉट का लक्ष्य दिया है |


रतनलाल कटारिया ने कहा कि आज हवा के साथ-साथ स्वच्छ जल प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह दोनों चीजें लोगों को मिल पा रही हैं , जवाब है नहीं l दरअसल, इंसानों और मवेशियों की बढ़ती आबादी के चलते पृथ्वी पर पानी की मौजूदगी घटी है I वर्षा जल संसाधन का केवल 4 फ़ीसदी हिस्सा भारत के पास है ! ऐसे में अगर हमने पानी बचाने उसका दोबारा उपयोग करने और बर्बादी रोकने के लिए नई तकनीकों का उपयोग नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी बूंद-बूंद के लिए परेशान होगी |

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रतनलाल कटारिया ने कहा कि जनवरी 2021 में अमेरिका के राष्ट्रपति जोई बिडेन ने प्रशासन पर्यावरण नीति में पदभार ग्रहण करने के बाद कुछ नियमों तथा कार्यक्रमों को शामिल किया, बिडेन प्रशासन का मुख्य लक्ष्य 2050 तक जलवायु को शुद्ध करने के लिए शून्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन प्राप्त करना है इस पहल का स्वागत है ।

रतनलाल कटारिया ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय की ओर से शुरू किए जाने वाले अभियान ‘कैच द रेन’ को सफल बनाना होगा | इस अभियान का मूलमंत्र है : “पानी जब भी जहां भी गिरे, उसे बचाना है” जल स्त्रोतों की सफाई, वर्षा जल का संचयन करना हैं तथा प्रदूषण से बचाना है |


इन सभी कार्यों को करते हुए जीवन शैली के बड़े बदलाव, जिन्हें अपनाकर हम पर्यावरण को बचा सकते हैं जैसे:
1.सिंगल यूज प्लास्टिक

  1. बढ़ती हुई जनसंख्या दबाव
  2. एक पेड़ लगाकर हम एक टन CO2 कम कर सकते हैं
  3. घर में वाटर रिचार्जिंग हो तो प्राकृतिक आपदाएं भी रुकेगी तथा 2 लाख लीटर बारिश का पानी हर साल 200 वर्ग मीटर का एक घर वाटर रिचार्ज कर जमीन में पहुंचा सकता है !
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शनिवार को 1347 लाभार्थियों ने करवाई वैक्सीनेशन

सिरसा, 05 जून।

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सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने बताया कि शनिवार को 1347 लाभार्थियों ने कोरोना की डोज लगवाई तथा अब तक जिला में दो लाख 68 हजार 799 लाभार्थियों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 18 से 44 आयुवर्ग के 38 हजार 607 लाभार्थियों, 45 से 60 वर्ष आयुवर्ग के 68 हजार 982 लाभार्थियों ने कोरोना की पहली तथा 15 हजार 191 लाभार्थियों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा ली है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु के 96 हजार 600 लाभार्थियों ने पहली तथा 32 हजार 768 लाभार्थियों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा ली है।

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उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन पूरी तरह से सुरक्षित व प्रभावी है और किसी तरह का इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसलिए नागरिक बिना किसी भय व संकोच के वैक्सीनेशन के लिए आगे आएं और अपनी आयुवर्ग के अनुसार वैक्सीनेशन करवाएं। वैक्सीनेशन के साथ-साथ नागरिक बचाव उपायों की भी पालना अवश्य करें। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वे अपनी नैतिक जिम्मेवारी समझ कर बचाव उपायों व एसओपी गाइडलाइन की अनुपालना करें तभी कोरोना संक्रमण से बचाव संभव है। कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है, इसलिए आमजन जरा भी ढील न बरतें और टेस्टिंग व वैक्सीनेशन अवश्य करवाएं।

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Plantation Drive on World Environment Day by Microbiology,PU

Chandigarh June 5, 2021

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The Department of Microbiology, Panjab University, Chandigarh has always been committed towards its social responsibilities and keeping up with this the department along with the Department of Biotechnology, Panjab University, Chandigarh organized a plantation drive on 5th June, 2021 in and around their premises wherein different saplings were planted.

The plantation drive was carried out to mark the occasion of World Environment Day which is celebrated every year throughout the world on 5th of June. Prof. V.R. Sinha ,Dean University Instructions, Panjab University and Prof. R.C. Sobti ,Former Vice Chancellor, Panjab University were the guest on the occasion.

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Dr. Deepak K. Rahi, Chairman of Department of Microbiology along with his faculty members Prof. S.K. Soni, Dr. Naveen Gupta, Mr. Khem Raj Thakur, Dr. Kashmir Singh, Chairman of Department of Biotechnology and other faculty members participated in the event. Mr. Anil Thakur, S.D.O (Horticulture) was also present during the plantation drive. Other staff members of the department Mr. Ramesh Jain, Mr. Baljinder Singh, Mr. Ramesh Yadav and Mr. Kashmir Singh also attended the event. The plantation drive was carried out by following all the necessary COVID-19 associated SOPs and guidelines.

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पर्यावरण की स्वच्छता के लिए पौधारोपण के साथ-साथ कपड़े व जूट के थैलों का उपयोग जरूरी : अनीश यादव

सिरसा, 05 जून।

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नव नियुक्त उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि पर्यावरण की स्वच्छता के लिए पौधारोपण के साथ-साथ पॉलिथीन की बजाए  कपड़े व जूट के थैलों का उपयोग जरूरी है। इसके लिए हम सभी को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा और स्वच्छ पर्यावरण की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्राचीन पद्घति को फिर से अपनाना होगा।


उपायुक्त शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय मुलतानी धर्मशाला में पर्यावरण प्रेरणा संस्था द्वारा आयोजित ‘थैली छोड़ो-थैला पकड़ोÓ अभियान के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यअतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संस्था द्वारा चलाए गए थैली छोड़ो-थैला पकड़ों अभियान की सराहना की और कहा कि इस अभियान का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब हर नागरिक दिल से पॉलिथीन को छोड़कर कपड़े व जूट के थैले को अपनाएंगे। इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित जनों को पॉलिथीन का उपयोग न करने तथा पर्यावरण शुद्ध बनाने में अपना योगदान देने की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्टï्रीय अध्यक्ष रमेश गोयल ने की। इस अवसर पर शाखाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, सचिव संदीप खुराना, शाखा उपाध्यक्ष मोहित सोनी, मुलतानी धर्मशाला के सचिव भूपेश महता, दूरभाष पूर्व अधिकारी अशोक गुप्ता, पौधरोपण को समर्पित चिक्की मेहता सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इससे पहले उपायुक्त ने लघुसचिवालय परिसर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जिलावासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। इस दौरान जिला वन अधिकारी रामकुमार जांगड़ा सहित विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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  इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण के संतुलन के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाएं, ताकि हम आने वाली पीढी को एक स्वच्छ पर्यावरण दे सकें। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ उनके रक्षक बनें और पौधों का पालना पोषण परिवार के सदस्यों की तरह करें।   उन्होंने कहा कि पेड़ पर्यावरण से हानिकारक गैसों को अवशोषित करते है, जिससे वायु शुद्ध और ताजी बनती है। जितने हरे-भरे पेड़ होंगे उतना अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। उन्होंने कहा कि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, जोकि हम सभी के लिए चिंता का विषय है। पर्यावरण संरक्षण में हम सभी को सामूहिक योगदान देना होगा।


मानसून सीजन में जिला में पौधारोपण की सभी तैयारियां पूरी :
उपायुक्त ने कहा कि वन विभाग द्वारा जिला में पौधारोपण की सभी तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। जिला में मानसून सीजन में 18 लाख पौधे लगाकर हरियाली को बढाया जाएगा। पौधारोपण अभियान में पंचायतों, स्कूलों(खुलने पर) सहित विभिन्न विभागों के अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। वन विभाग द्वारा जिला में नर्सरियां बनाई गई है। आमजन इन नर्सरियों से कम दाम पर पौधे प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को भी पेड़ों का महत्व समझाएं, उनसे एक-एक पौधा अवश्य लगवाएं ताकि वे पेड़ों का महत्व समझें। इसके अलावा जिन घरों में स्थान की कमी है वहां पर गमलों में पौधे लगाए जा सकते हैं।


पॉलिथीन की थैली की बजाय कपड़े व जूट के बने थैलों का करें प्रयोग :


उपायुक्त ने कहा कि लगातार पेड़ों का दोहन पर्यावरण के लिए बहुत खतरनाक है। पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पौधे रोपित करना बहुत ही आवश्यक है। पर्यावरण प्रदूषण के लिए पॉलिथीन मुख्य कारण है। पॉलिथीन अगलनशील होने के कारण यह भूमि के जलस्तर में अवरोध पैदा करता है। बारिश के पानी को जमीन में नहीं जाने देता, जिसके कारण भूमि का जल स्तर दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है। इसके अलावा पॉलिथीन को जलाने से निकलने वाला धुंआ वायु प्रदूषण फैलाता है। उन्होंने कहा कि नागरिक बाजार से सामान लाने के लिए पॉलिथीन के थैली बजाय कपड़े या जूट के बने थैले का प्रयोग करें। कपड़े या जूट के बने थैले बहुत मजबूत होते हैं तथा लंबे समय तक उपयोग में लाए जा सकते हैं। उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील की कि पॉलिथीन की बजाए कपड़े या जूट के थैले का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।


पर्यावरण को शुद्ध बनाने में सहयोग करें नागरिक :


संस्था के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश गोयल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य है कि पर्यावरण को शुद्ध बनाने में अधिक से अधिक कार्य करें जिससे समाज के लोग व विद्यार्थी पर्यावरण व जल संरक्षण की प्रेरणा ले सकें। उन्होंने शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाने के लिए  नागरिकों से अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस प्राजेक्ट से जहां अनेक महिला पुरूषों को रोजगार मिलेगा वहीं यहां पर मिलने वाले प्रशिक्षण के द्वारा अनेक लोगों द्वारा स्वरोजगार यूनिट स्थापित किए जा सकेंगे। जिससे उनकी आर्थिक सम्पन्नता के साथ साथ क्षेत्र के पर्यावरण को बहुत लाभ मिलेगा। संस्था द्वारा नाम मात्र 5 रुपये में कपड़े का थैला उपलब्ध करवाया जाएगा जिसे आमजन प्लास्टिक थैली के स्थान पर सामान लाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। 

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आईएएस अधिकारी अनीश यादव ने संभाला सिरसा उपायुक्त का कार्यभार

सिरसा, 5 जून।

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नवनियुक्त्त उपायुक्त श्री अनीश यादव ने शुक्रवार गत सायं कार्यभार संभाल लिया है। बतौर उपायुक्त उनकी यह पहली नियुक्ति है। इससे पूर्व वे हिसार में अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे। अनीश यादव सिरसा में सहायक आयुक्त प्रशिक्षणाधीन (एसीयूटी)भी रह चुके हैं। इसके बाद फिरोजपुरझिरकां में एसडीएम के पद पर रहे तथा कुरूक्षेत्र व करनाल मेंं अतिरिक्त उपायुक्त रह चुके हैं। अनीश यादव 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  

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नवनियुक्त उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि जिला में कोरोना संक्रमण पर पूरी तरह से रोकथाम के साथ-साथ आमजन को सरकारी सेवाओं का समबद्ध लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। संक्रमण पर जल्द अंकुश लगाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा।

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प्रदेशवासी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में दें योगदान : बिजली मंत्री रणजीत सिंह

सिरसा, 05 जून।

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हरियाणा के बिजली, जेल एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी में ऑक्सीजन को लेकर उत्पन्न हुई परिस्थितियों ने स्वच्छ पर्यावरण के महत्व को भलिभांति समझाया है। एक स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण का होना बहुत ही जरूरी है। प्रदेशवासी विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का संकल्प लें और अधिक से अधिक पौधारोपण करें।


बिजली मंत्री ने शनिवार को अपने आवास पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कर कोरोनाकाल में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व के लिए ग्लोबल वार्मिंग एक चिंता का विषय है। इस दिशा में सुधार को लेकर पिछले कई सालों से प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार अधिक से अधिक पौधारोपण करके हरियाली को बढावा देने का काम कर रही है, जिससे एक स्वच्छ पर्यावरण की परिकल्पना साकार हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण स्वच्छता के लिए सामूहिक योगदान की जरूरत है और इसके लिए प्रदेशवासी अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संकल्प लें।


बिजली मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बड़े स्तर पर आने का कोई अनुमान नहीं था, इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार ने संक्रमण को शुरूआत से ही नियंत्रण करने का काम किया और इसमें सफल भी हुए। सभी के सहयोग के चलते स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है, जो प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि सिरसा में संक्रमण की शुरूआत से ही इसे नियंत्रण करने की दिशा में तेजी से कार्य शुरू कर दिया गया था। शुरू के दो-तीन दिन ऑक्सीजन को लेकर थोड़ी दिक्कत आई थी, लेकिन बाद में तो ऑक्सीजन की अतिरिक्त उपलब्धता हो गई थी और हमने दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की। ऑक्सीजन की पूर्ती के लिए प्रदेश में अनेक जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। अब ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।


उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अनेक परिवारों के सदस्य अकाल मृत्यु का शिकार हो गए और अनेक बच्चे अनाथ हुए हैं। इस तरह से यह कोरोकाल हम सभी के लिए बेहद दुखदाई रहा है। प्रदेश सरकार ने ऐसे अनाथ बच्चों के पालन पोषण व शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेवारी ली है, ताकि ये बच्चे अपने पैरों पर खड़ा हो सकें। राज्य सरकार ने इन बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य आदि सुविधाओं के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में रिकवरी रेट में काफी सुधार हुआ है और आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमण पर पूरी तरह से अंकुश लग जाएगा। चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही कोरोना की तीसरी लहर को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है और इस दिशा में सभी आवश्यक प्रबंध व व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

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बिजली मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा गंभीरता से प्रयास किए गए जिसके परिणाम स्वरूप अब गांवों में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में मेडिकल वितरण, होमआइसोलेशन केंद्र, घर-घर स्वास्थ्य जांच आदि व्यवस्थाओं के चलते ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना को नियंत्रण में किया गया। सरकार व प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं ने भी सराहनीय योगदान दिया है। उन्होंने प्रदेशवासियों के साथ-साथ जिलावासियों से अपील की है कि वे संक्रमण के पूरी तरह से खत्म होने तक कोई भी ढिलाई न बरतें और लगातार संक्रमण से बचाव उपायों की पालना करते रहें। उन्होंने कहा कि टयूब्वैल कनैक्शन प्रक्रिया तेजी के साथ क्रियान्वित की जा रही है और इसी कड़ी में अगले तीन महीनों में 20 हजार नये ट्यूब्वैल कनैक्शन दिए जाएंगे।