ऑक्सिजन लेवल चेक करने के लिए न फंस जाएं फेक ऑक्सिमीटर ऐप के जाल में, खाता हो सकता है खाली :- डी.सी.पी. पंचकूला

UBS Alumni Takes Charge of ONGC

Chandigarh April 1, 2021

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University Business School, Panjab University, Chandigarh is proud of Mr. Subhash
Kumar, who completed the Master of Commerce programme of Panjab University with
distinction in 1983, for having assumed the additional charge of the Chairman and
Managing Director of Oil and Natural Gas Corporation(ONGC) today, shared Prof. V.R.
Sinha, Dean of University Instructions, PU and Chairman, UBS. He also expressed that
it is a moment of pride for PU also.

Mr. Kumar is Director (Finance) of ONGC, one of the Global 500 companies, since
January 2018. Previously, he had a brief stint as Director (Finance) at Petronet LNG
Ltd, a role he took up in August 2017.

Mr Kumar joined ONGC in 1985 as Finance & Accounts Officer (F&AO). After initially
working in Jammu and Dehradun, he had a long stint at ONGC Videsh, the overseas arm
of ONGC. During his tenure with ONGC Videsh, Mr Kumar was associated with key
acquisitions and expansion of company’s footprint from single asset company in 2001
into a company with global presence in 17 countries with 37 assets. He played a key
role in evaluation and acquisition of many Assets abroad by ONGC Videsh.

He worked as Head Business Development, Finance & Budget and also as Head Treasury
Planning & Portfolio Management Group at ONGC Videsh from April 2010 to March 2015.
He then went on to serve as Chief Financial Officer of Mansarovar Energy Colombia
Limited, a 50:50 joint venture of ONGC Videsh and Sinopec of China, from September
2006 to March 2010.

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Mr Kumar joined back ONGC as Chief Commercial & Head Treasury of ONGC in July, 2016
where he played a key role in evaluation, negotiation, and concluding outstanding
issues pertaining to the organization.

ऑक्सिजन लेवल चेक करने के लिए न फंस जाएं फेक ऑक्सिमीटर ऐप के जाल में, खाता हो सकता है खाली :- डी.सी.पी. पंचकूला

RTPCR must for Dental Treatment

Chandigarh April 1, 2021

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Due to sudden rise in COVID-19 patients,  Dr. Harvansh Singh Judge Institute
of Dental Sciences & Hospital, Panjab University, Chandigarh continues to work but
as per the decision taken, all the patients visiting the dental college for
treatment are advised to come with their RTPCR test done and only
essential/emergency managements would be done, informed Dr. Hemant Batra, Principal.

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ऑक्सिजन लेवल चेक करने के लिए न फंस जाएं फेक ऑक्सिमीटर ऐप के जाल में, खाता हो सकता है खाली :- डी.सी.पी. पंचकूला

ऐतिहासिक भीमा देवी मंदिर और संग्रहालय का निरीक्षण करते हएु उपायुक्त

पंचकूला, 1 अप्रैल- उतर भारत के खजुराहो कहे जाने वाले पिंजौर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक भीमा देवी मंदिर और संग्रहालय को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री मुकेश कुमार आहूजा ने आज भीमा देवी मंदिर का दौरा किया और वहां इस दिशा में की जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की।


इस अवसर पर उनके साथ हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक श्री महावीर सिंह यादव व एसडीएम कालका श्री राकेश संधु भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने मंदिर परिसर व संग्रहालय में सभी ऐतिहासिक स्मारकों का निरीक्षण किया व उनके बारे में जानकारी प्राप्त की।


उपायुक्त ने कहा कि पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन से स्टे इस ऐतिहासिक भीमा देवी मंदिर और संग्रहालय को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है ताकि देश और विदेश से अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर इस प्राचीन धरोहर के बारे में जान सके। इस कार्य में जिला प्रशासन हर संभव सहायता करने के लिये तैयार है।


उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की सहायता से मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार का सौंदर्यकरण किया जाये। पर्यटन विभाग के मार्गदर्शक (गाईड) को इस स्थल के बारे में प्रशिक्षित किया जाये ताकि वो यहां आने वाले पर्यटकों को इस मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दें सके। इसके अलावा मंदिर परिसर में बड़े-बड़े बोर्ड लगाये जायें, जिन पर मंदिर के संपूर्ण इतिहास का संक्षेप में विवरण हो। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक भीमा देवी मंदिर और संग्रहालय पर आधारित रंगीन पंपलेट्स छपवाकर यहां विभिन्न प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों में वितरित किये जाये ताकि इस धार्मिक स्थल का अधिक से अधिक प्रचार हो सके।

श्री आहूजा ने कहा कि भीमा देवी मंदिर एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जोकि 9वीं से 11वीं शताब्दी के बीच का माना जाता है और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। 1974 में किये गये पुरातात्विक उत्खनन से इस मंदिर का पता चला और इसे प्राचीन पंजाब और ऐतिहासिक स्मारकों और पुरात्तव स्थलों और अवशेष अधिनियम 1964 के तहत एक संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित किया गया।


श्री आहूजा ने कहा कि इस धार्मिक स्थल के बारे में लोगों में अधिक से अधिक जागृति पैदा करने के लिये यहां स्कूल के विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ साथ पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का निशुल्क दौरा करवाया जाये। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यटकों से लिया जा रहा प्रवेश  शुल्क को भी कम किया जाये। वर्तमान में आम जनता से 25 रुपये, विदेशी पर्यटकों से 75 रुपये जबकि बच्चों से 10 रुपये प्रवेश शुल्क के रूप में लिये जाते है।


उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक भीमा देवी मंदिर परिसर में स्थित  संग्रहालय को और अधिक आकृर्षित बनाने के लिये यहां अतिरिक्त लाईटिंग की व्यवस्था की जाये ताकि रात्रि के समय यह और अधिक रमणीयक व आकृर्षित लगे। उन्होंने बताया कि यह संग्रहालय पंचायत्ना पुरातत्व शैली में बनाया गया है, जिसमें बीच में मुख्य मंदिर और चारों तरफ छोटे-छोटे मंदिर होते है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में स्थित संग्रहालय की चार गैलरियों की मरम्मत का कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करवाया जाये।


पुरातत्व विभाग के निदेशक श्री महावीर सिंह यादव ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थित बाॅवडी में बहने वाले पानी का संचयन करने के लिये जल संचयन परियोजना स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर के सौंदर्यकरण की एक विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।
इसके उपरांत उपायुक्त श्री आहूजा ने निदेशक श्री यादव के साथ सेक्टर-12 स्थित नाहन कोठी संरक्षित स्मारक का दौरा किया और वहां चल रहे सौंदर्यकरण के कार्य का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर पुरातत्व विभाग की उप-निदेशक डाॅ. बनानी भटाचार्य भी उपस्थित थी।

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Road Committee meeting held

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Chandigarh, April 1: –A meeting of Road Committee, Municipal Corporation, Chandigarh was held today in the committee room of Municipal Corporation under the Chairmanship of Sh. Dalip Sharma attended by the Special Invitee Sh. Ravi Kant Sharma, Mayor, Chandigarh along with the other members of the committee namely Sh. Bharat Kumar, Sh. Anil Kumar Dubey, Smt. Raj Bala Malik, Smt. Heera Negi, Sh. Haji Mohd. Khurshid Ali and concerned officers of Municipal Corporation, Chandigarh.

Mayor asked the concerned officers to prioritise the re-carpeting work and complete it by the end of October. The concerned Junior Engineers for all the ward to keep a check on the work done in their respective wards regularly.

The members of committee discussed various important agenda items in detail and accorded approval for the following:

1)    Proposal of proper parking facility for persons with disability.

2)    Rough Cost estimate for providing and fixing ECO/Sound proofing of hall in community centre in sector 26, Chandigarh at an estimate cost of Rs. 16.96 lacs

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3)     Rough cost estimate for special repair of H. no. 2430-A,2433-A,2735,2711 water supply Govt. house, sector 20, Chandigarh at an estimate cost of Rs. 9.71 Lacs.

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जिला रैडक्रॉस सोसायटी द्वारा गांव भूर्टवाला में रक्तदान शिविर का आयोजन, 53 व्यक्तियों ने किया रक्तदान

सिरसा, 01 अप्रैल।

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                जिला रैडक्रॉस सोसायटी द्वारा गौ-रक्षा दल भुर्टवाला के सहयोग से आज ग्राम सचिवालय भुर्टवाला में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में 53 व्यक्तियों द्वारा स्वैच्छिक रूप से रक्तदान किया गया। शिविर में गौशाला प्रधान रणधीर सिंह खोड ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर जिला रैडक्रॉस सोसायटी सिरसा के सचिव लाल बहादुर बेनीवाल, रैडक्रॉस कार्यक्रम अधिकारी अश्वनी शर्मा, गौशाला के सचिव शिशपाल कुलड़ीया भी मौजूद थे। शिविर में सामान्य अस्पताल सिरसा के रक्तबैंक की टीम द्वारा रक्त एकत्रित किया गया।


                गौशाला प्रधान रणधीर सिंह खोड ने कहा कि रक्तदान महादान है, इससे जरूरतमंद व्यक्ति को को नया जीवन मिलता है। किसी की जान बचाने से बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से शरीर पर किसी प्रकार का वितरित प्रभाव नहीं पड़ता बल्कि इससे खून साफ होता है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। इसलिए इस प्रकार के शिविर में युवाओं को बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए।


                जिला रैडक्रॉस सोसायटी के सचिव लाल बहादुर बेनीवाल ने बताया कि इस रक्तदान शिविर में ज्वैलिन थ्रो के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ध्यान सिंह तथा दो दिव्यांग व्यक्तियों सुभाष नोखवाल व श्रवण कुमार ने भी रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। रक्तदान ही है जो न केवल किसी जरूरतमंद का जीवन बचाता है बल्कि जिंदगी बचाकर उस परिवार के जीवन मेें खुशियों के ढेरों रंग भी भरता है। उन्होंने कहा कि सिरसा में रक्त की कमी को पूरा करने में समाजसेवी संस्थाओं का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। रैडक्रॉस कार्यक्रम अधिकारी अश्वनी शर्मा ने बताया कि हमें प्रत्येक तीन माह के पश्चात रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से शरीर को किसी भी तरह का कोई नुक्सान नहीं होता बल्कि रक्तदान से शरीर को कई फायदे ही होते हैं।

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                इस शिविर को आयोजित करने में सामान्य अस्पताल सिरसा के लैब टेक्नीशियन करनैल सिंह व ओम प्रकाश, गौरक्षा सेवा दल के प्रधान मलकीत सिंह तथा सतपाल, हनुमान, संदीप, अनूप, सुनील और सुरजीत आदि का विशेष योगदान रहा।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना, ऑनलाइन म्यूटेशन, ऑनलाइन जमाबंदी व जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की कि समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा निर्देश

सिरसा, 01 अप्रैल।

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                हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को चंडीगढ़ से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के उपायुक्तों व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्वामित्व योजना, ऑनलाइन म्यूटेशन, ऑनलाइन जमाबंदी व जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों बारे समीक्षा लेते हुए इन सभी विषयों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने एजेंडे में रखे बिंदुओं बारे विस्तार से चर्चा भी की।


                मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना एक महत्वपूर्ण योजना है तथा इस योजना के तहत हमें बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए लाभार्थी को इसका लाभ भी दिलवाना है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर अधिकारियों द्वारा बेहतर कार्य भी किया जा रहा है, जो कुछ कमी रह गई है उसे भी हमें दूर करना है। उन्होंने कहा कि सभी प्रोपर्टीज की आईडी होना अनिवार्य है, इसलिए हमें मिलकर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना है। इसके साथ-साथ उन्होंने ऑनलाइन जमाबंदी व ऑनलाइन म्यूटेशन के बारे में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जाना है। प्रदेश में इस कार्य को बेहतर तरीके से किया जा रहा है। जहां हमें जल को हर घर तक पहुंचाना है, वहीं जल व्यर्थ न बहे, उसका सदुपयोग करके उसे दोबारा से प्रयोग में लाने की दिशा में कार्य करना है, कैच द रेन यानि वर्षा के पानी का हमें संचय करना है।

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                वीडियो कॉर्फेंस में उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत संबंधित अधिकारियों द्वारा आपसी तालमेल जिला में तेजी से कार्य किया जा रहा है। अबतक जिला के 31 गांवों की चार हजार 531 रजिस्ट्री हो चुकी है। योजना के तहत विभिन्न गांवों में रजिस्ट्रियों का कार्य भी किया जा रहा है ताकि आमजन को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन जमामंबदी में सिरसा की जीरो पेंडेंसी है। ऑनलाइन जमाबंदी व इंतकाल विषय में जिले में राजस्व विभाग द्वारा बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया गया है, सभी जमाबंदी ऑनलाइन हैं। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिला के शत प्रतिशत गांवों में एफएचटीसी (शुद्ध पेयजल कनेक्शन) कनेक्शन देेने, लीकेज फ्री कैंपेन, वॉटर सैंपल टेस्टिंग आदि कार्य किए जा रहे हैं। जिला सिरसा में अबतक एक लाख 75 हजार 508 घरों में (91.64 प्रतिशत) एफएचटीसी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिला के सभी 793 राजकीय स्कूलों व 1266 आंगनवाड़ी केंद्रों मेंं टैब कनेक्शन दिए जा चुके हैं। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया गया है। इसके साथ-साथ वर्षा का पानी संचय हो, इसके लिए भी लोगों का जागरूक करने का काम किया जा रहा है, विभागाध्यक्ष भी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।

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विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली से ही करें फाइलों की मूवमेंट : अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह

सिरसा, 01 अप्रैल।


              अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि जिन विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों की मूवमेंट कम हो रही है, उन विभागों के विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि फाइलों की मूवमेंट ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही हो और भौतिक रूप से फाइलों को स्वीकार न किया जाए।

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              अतिरिक्त उपायुक्त वीरवार को ई-ऑफिस प्रणाली कार्य को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में नगराधीश गौरव गुप्ता, सीएमजीजीए सुकन्या जनर्दानन सहित सिंचाई विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार, पीओ आईसीडीएस डा. दर्शना सिंह, उप निदेशक जिला उद्योग केंद्र ज्ञानचंद लांग्याण, ई-ऑफिस ट्रेनर जगमोहन विर्क, रोजगार विभाग से बजरंग पारीक सहित श्रम विभाग, खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।


              एडीसी ने कहा कि सभी विभाग अपने कार्यालय से संबंधित फाइल वर्क को ई-ऑफिस प्रणाली पर ही लाएं, क्योंकि सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को बेहतर तरीके से क्रियांवयन करते हुए पेपरलैस वर्क करना है। ई-ऑफिस प्रणाली से न केवल विभागीय कार्य में पारदर्शिता आती है बल्कि इस प्रणाली फाइल प्रोसेसिंग में समय की भी बचत होती है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस कार्य में संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं रुचि लेकर गंभीरता से अपना दायित्व निभाएं, इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इस कार्य में कोई तकनीकी समस्या आ रही है तो नगराधीश कार्यालय, सीएमजीजीए या डीआईओ एनआईसी को तुरंत अवगत करवाएं।

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              उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कार्य में पारदर्शिता लाने व गति प्रदान करने के लिए ई-ऑफिस सिस्टम को लागू किया गया है। सभी विभागों में ई-ऑफिस के तहत ही कार्य किया जाए तथा फाईलों का निपटान ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने कहा कि पेपरलैस कामकाज की दिशा में ई-ऑफिस महत्वपूर्ण एवं बेहतरीन विकल्प है, इसलिए सभी कार्यालयों में भौतिक रूप से फाइलों का आदान-प्रदान बंद करते हुए केवल ई-फाइल को ही स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बिल्कुल आसान है, इससे कम समय में अधिक काम निपटाए जा सकते हैं। इसलिए अधिकारी व कर्मचारी इस प्रणाली के प्रति गंभीरता से कार्य करें और यह सुनिश्चित किया जाए कि ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों का निपटान किया जाए।

ऑक्सिजन लेवल चेक करने के लिए न फंस जाएं फेक ऑक्सिमीटर ऐप के जाल में, खाता हो सकता है खाली :- डी.सी.पी. पंचकूला

5 व 6 अप्रैल को खुलेगा पोर्टल, वंचित रहे किसान जरूर करवा लें फसल का पंजीकरण : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 01 अप्रैल।


               उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि जो किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण करवाने से वंचित रह गए थे, उनके लिए सरकार ने एक अवसर और उपलब्ध करवाते हुए 5 व 6 अप्रैल को पोर्टल को खोलने का निर्णय लिया है। जिला के जो किसान अपना पंजीकरण नहीं करवा पाए थे, वे किसान उक्त अवधि में अपनी फसलों का पोर्टल पर पंजीकरण जरूर करवा लें, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसान अपने नजदीकी कामन सर्विस सेंटर(सीएससी) में जाकर आसानी से फसल का विवरण दर्ज करवा सकते हैं।

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                उन्होंने कहा कि मंडी में फसल बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण होना जरूरी है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे फसलों का विवरण पोर्टल पर अवश्य ही दर्ज करवा दें। फसल पंजीकरण के लिए परिवार पहचान-पत्र को अनिवार्य किया गया है, इसलिए जिन किसानों ने अपने परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाए हैं, वे अपना परिवार पहचान-पत्र भी अनिवार्य रूप से बनवा लें।


                उपायुक्त ने किसानों से आह्वान किया है कि पंजीकरण करवाने से वंचित रहे किसान 5 व 6 अप्रैल को अपनी रबी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अवश्य करवाएं। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग की वेबसाइट या पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं।

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                उन्होंने बताया कि फसल पंजीकरण से किसानों को जहां फसल बेचने में आसानी होगी, वहीं कृषि संबंधी अन्य सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। इनमें घर से ही फसल-जमीन का ब्यौरा भरने एवं खाद, बीज, लोन तथा कृषि उपकरणों की सब्सिडी पाने की सुविधा, फसल की बिजाई-कटाई का समय और मंडी संबंधित जानकारियां मिलना तथा आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा मिलना आदि सुविधाएं शामिल हैं।