Panjab University, Chandigarh conducted M.Phil. & Ph.D. Entrance Test on 7.3.2021.

Between handshakes and farewells, relationships are built: Mahima Singh

Chandigarh February 20, 2021

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The fifth day of the seven-day long Faculty Development Program (FDP) titled ‘Enhancing Visibility & Perception of the Self as a Brand’ started on an enthusiastic note. 

Mahima Singh, Advocate, Supreme Court of India, opened the day with her everlasting words, ‘Between handshakes and farewells, relationships are built.’ The key to successful development lies in interpersonal communication. Between ignorance and knowledge lies enlightenment or awakening. She used a number of exercises and anecdotes to explain the concept of self branding. Sharing an image wherein one person is looking at number six from its upper end while the other is looking at that from the lower end, she established how only an alteration in perspective could make all the difference: Just because you are right, doesn’t mean I am wrong. You just haven’t seen life from my side. Mahima summed up her talk by saying, ‘We must all be our own favourites!’

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Prof. Avinash Singh, a renowned multi-talented personality in the worlds of journalism and academia, strongly advocated that we should be our own boss. He established that social media is the weapon to gain public support, so those must be fully tapped for branding. He pointed that nothing is a secret today, so one needs to have competitive intelligence to know what one’s rival is planning.

Pushpendra Pal Singh, Chief Editor, Madhya Pradesh Madhyam, apprised the participants of a checklist that needs to be exhausted before setting foot on the path of self branding. He said that one must check for vision, purpose, values, goals, uniqueness, top 3 brand attributes, weakness, and target audience. He stressed that branding requires immense patience, humility and compassion. Unless we respect and care for others, we cannot be loved either. He also said that only those who love themselves can love others.

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हरियाणा के परिवहन तथा खनन एवं भूविज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा पंचकूला में आयोजित 82वी टेबल टेनिस पुरुष चैम्पियनशिप के शुभारंभ पर संबोधित करते हुए।

पंचकूला, 20 फरवरी- हरियाणा के परिवहन तथा खनन एवं भूविज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेल व खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहनों की बदौलत खेल अब सुनहरे भविष्य और उज्ज्वल कैरियर की गारंटी बन गए हैं। राज्य सरकार ने ओलम्पिक के लिए चयन होने पर खिलाड़ियों को तैयारी के लिए 5 लाख रुपये देने का निर्णय लिया है। ऐसी सुविधा देने वाला हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है।

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श्री मूलचंद शर्मा आज पंचकूला में 82वी टेबल टेनिस पुरुष चैम्पियनशिप के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता का आयोजन टेबल टेनिस फैडरेशन ऑफ इण्डिया और हरियाणा टेबल टेनिस एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।


श्री मूलचंद शर्मा ने खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हार-जीत खेल का अभिन्न अंग होती है। जीवन में आई प्रत्येक असफलता हमारे लिए आगे बढने के नये रास्ते खोलती है। इसलिए आपको हार-जीत का ख्याल किए बिना सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना है।


परिवहन मंत्री ने कहा कि किसी भी देश के भविष्य की जिम्मेदारी उसके युवाओं के कंधों पर होती है। युवाओं पर ही समाज के सम्पूर्ण विकास का दारोमदार होता है। इसलिए हमें अपने युवाओं को अनुशासित, परिश्रमी, ज्ञानवान, संस्कारी, सक्षम और साहसी बनाना है ताकि वे कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में आने वाली चुनौतियों का मुकाबला कुशलता से कर सकें।

उन्होंने कहा कि पहले खेलों को केवल मनोरंजन के तौर पर ही खेला जाता था। एक समय था, जब खेल को खास महत्व नहीं दिया जाता था। बच्चों को कहा जाता था, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब, पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब। लेकिन आज कैरियर के लिहाज से खेलों की अहम भूमिका है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी देश की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को बढ़ाने में खेलों का महत्वपूर्ण योगदान है।


श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में हरियाणा में एक नई खेल संस्कृति विकसित हुई है। हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करके देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि ओलम्पिक खेलों में भाग लेने वाले 119 सदस्यीय भारतीय दल का हर छठा खिलाड़ी हरियाणा से था। यह सब नई खेल नीति और खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है। इस खेल नीति के कारण बच्चे खेलों से जुड़ रहे हैं। उनकी भागीदारी बढ़ रही है। उन्हें नये-नये अवसर मिल रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को अढ़ाई करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिये जाते हैं। इन खेलों में भाग लेने वाले प्रदेश के खिलाड़ी को भी 15 लाख रुपये दिए जाते हैं।


श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि खिलाड़ियों को अपने कैरियर की कोई चिंता न रहे। एक तरफ खिलाड़ियों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं तो वहीं सरकारी नौकरियों में क्लास वन से क्लास फोर तक के पदों पर सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है। साथ ही, खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हाल ही में खेल विभाग में 550 नये पद बनाए गए हैं। इससे न केवल खिलाड़ियों को रोजगार मिलेगा बल्कि हर खेल के प्रशिक्षण की भी बेहतर व्यवस्था होगी।


उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल का माहौल बनाने के लिए गांव से लेकर खण्ड, जिला व राज्य स्तर पर खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रदेश में 2 राज्य स्तरीय, 22 जिला स्तरीय, 12 खण्ड स्तरीय और 160 राजीव गांधी खेल परिसरों का निर्माण किया जा चुका है। जिला सोनीपत के राई में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है।
इस अवसर पर हाउसिंग बोर्ड, हरियाणा के चेयरमैन श्री राजदीप फोगाट और पंजाब के अटॉर्नी जनरल श्री अतुल नन्दा व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

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भारत की मुकुट महिमा सुश्री मनिका श्योकंद को आयोग के पंचकूला स्थित मुख्यालय में आमंत्रित कर सम्मानित किया।

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पंचकुला, 20 फरवरी- राज्य महिला आयोग के लिए यह बहुत ही गर्व का विषय था। आज के ’भारत की मुकुट महिमा सुश्री मनिका श्योकंद को आयोग के पंचकूला स्थित मुख्यालय में आमंत्रित कर सम्मानित किया।


उनका जोरदार स्वागत राज्य महिला आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष श्रीमती प्रीति भारद्वाज दलाल और पूरे स्टाफ ने  फूलों की वर्षा करए माथे पर का रोली का टीका, हाथ में चंदन का लेप और कलाई पर पारंपरिक मोली बांधकर हलवा खिलाकर किया।


मनिका 25 वर्ष की केमिकल इंजीनियर अपने पूरे परिवार के साथ आयोग में आई। मनिका ने अपनी मां ममता, अपनी बहन और अपनी मामी के बारे में बहुत सी बातें साझा की कि किस प्रकार से उनके जीवन में उद्देश्य चुनने में समर्थन में, उत्साहवर्धन में, सहायता में- उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, नुट्रिशन आदि। इन तीन महिलाओं ने उनके जीवन में किस प्रकार से मनिका को हो बनाया, जो आज है।


मनिका ने आयोग के साथ यह साझा किया कि कोविड-19 की वजह से भारत में पहली बार फेमिना मिस इंडिया के पहले तीन राउंड फेसेस ऑनलाइन डिजिटल हुए और उन्हें एक और उपशीर्षक प्रतियोगिता के मिला है  मिस फोटोजेनिक का सबटाइटल ।

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राज्य महिला आयोग ने मिस इंडिया को शॉल पहनाकर सम्मानित किया, महिलाओं और बच्चों से संबंधित आईईसी मटेरियल भेंट किया गया और उन्हें पारंपरिक हलवा खिलाकर उनकी इस  को सफलता को सराहा  गया और और आगामी महीनों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली सौंदर्य  प्रतियोगिताओं की शुभकामनाएं का आगाज करते हुए, केक काटा गया। इस मौके पर आज महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति दलाल ने मनिका को  को आशीर्वाद देते हुए  एक छोटी सी कविता कही .
हरियाणा की मणि है मनिका
भारत की भूषिता है मनिका
मां भारती से विनती हमारी
विश्वपटल पर विश्वविजेता विनीता बने मनिका हमारी

विभिन्न महिला संबंधी मुद्दों पर हरियाणा सरकार की महिला संबंधी स्कीम, प्रोजेक्ट जैसी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैंपेन, कौशल संबंधी, महिला उद्यमिता संबंधी, महिला-किशोरी सम्मान योजना, पोषण अभियान, आईसीडीएस आदि विषयों पर चर्चा की। किस प्रकार से बायोडिग्रेडेबल सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा हो, किस प्रकार से नॉर्मल पैड का डिस्पोजल सही तरीके से किया जा सके  इस पर भी मंथन किया।


मनिका यूथ की आवाज’  नामक एक गैर सरकारी संस्थान के साथ, इस मुहिम को हरियाणा में भी बढ़ाना चाहती हैं, जिसके लिए राज्य महिला आयोग ने उन्हें हर प्रकार का प्रशासनिक सहायता और सहयोग देने की बात कही। क्योंकि मनिका अब विश्व पटल पर  भारत को भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।  श्रीमती प्रीति दलाल ने  उन्हें पूरे भारत मे महिला आंदोलन सन 1960-70, 80-90 के दशक से लेकर अब तक संक्षिप्त मे अवगत कराया और राज्य महिला आयोग का गठन क्यों हुआ और आयोग के क्या दायित्व है और किस प्रकार से महिलाओं की के संवैधानिक/वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा का परम दायित्व आयोग हरियाणा में रहने वाली हरियाणा की हर महिला का सुरक्षित और सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में मदद करता है।


 राज्य महिला आयोग इस बात को इस प्रेस नोट में रिकॉर्ड के लिए लाना चाहता है कि हम अपना तहेदिल से  टस्ब्ब् फेमिना मिस इंडिया प्रेजेंट ऑफ डाइजेशन का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंनेराज्य महिला आयोग में मनिका को बहुत ही संक्षिप्त नोटिस से ऑर्गेनाइज किया और सारी व्यवस्थाएं की। यह दर्शाता है कि कोई भी संगठन/संस्था हो उसका मूल और मूल्य योजन  केवल व्यक्ति विकास है, चाहे वह वीएलसीसी प्रेजेंट ऑर्गेनाइजेशन हो या राज्य महिला आयोग, अपने अपने विजन के मुताबिक में अपना अपना सहयोग महिलाओं के उत्थान के लिए दे रहे हैं।

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चैत्र नवरात्रों में होगी श्रद्धालुओं के लिये व्यापक व्यवस्था- श्री गुप्ता

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सिंह द्वार से माता मनसा देवी मंदिर तक भव्य लाईटे होगी श्रद्धालुओं के लिये आर्कषण का केंद्र

-माता मनसा देवी मंदिर में पहले की तरह कल से भंडारे की व्यवस्था

पंचकूला, 20 फरवरी- इस वर्ष 13 से 21 अप्रैल 2021 तक आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्रों में श्रद्धालुओं के लिये व्यापक स्तर पर प्रबंध किये जायेंगे। जहां उनके स्वागत के लिये सिंह द्वार से लेकर माता मनसा देवी मंदिर तक भव्य लाईटिंग की व्यवस्था की जायेगी, वहीं इस बार श्रद्धालुओं के लिये भंडारे की शुरूआत कल से पुनः की जा रही है। लक्ष्मी भवन धर्मशाला के समीप चार एकड़ भूमि में बच्चों क झूले और अन्य मनोरंजन के उपकरण भी श्रद्धालुओं के आर्कषण का केंद्र रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने चैत्र नवरात्रों के आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर श्रीमाता मनसा देवी श्राईंन बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिला उपायुक्त एवं श्रीमाता मनसा देवी श्राईंन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री मुकेश कुमार आहूजा भी उपस्थित थे। 

बैठक में निर्णय लिया गया कि चैत्र नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं के लिये भौतिक व आॅन लाईन तरीके से माता मनसा देवी के दर्शन की व्यवस्था की जायेगी। भौतिक रूप से  प्रतिदिन 15 मिनट में 400 श्रद्धालुओं के हिसाब से दर्शन की व्यवस्था की गई है। जो श्रद्धालु लिफ्ट एंट्री के माध्यम से माता के दर्शन करने के इच्छुक है, वे 50 रुपये प्रति श्रद्धालु आॅन लाईन रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। हालांकि फिलहाल एक घंटे में लिफ्ट द्वार के माध्यम से 100 श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था है लेकिन कोविड-19 के मामलों में आई भारी गिरावट को देखते हुए इस संख्या को और बढ़ाया जा सकता है। 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए भंडारे को फिर से शुरू किया जायें। इसके अलावा इस बार प्रसाद में पहले की तरह हलवा भी परोसा जायेगा। पहले की तरह इस बार चैत्र नवरात्रों में प्रतिदिन हवन का आयोजन होगा, जिसमें वीआईपी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जायेगा। साथ ही सायं काल में प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा और माता का जागरण भी आयोजित किया जायेगा। 

बैठक में निर्णय लिया गया कि चैत्र नवरात्रों के दिनों में माता मनसा देवी के मुख्य द्वार के समीप लगने वाली मार्केंट के लिये जगह की नीलामी ई-टेंडरिंग के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जायेगी।  बैठक के दौरान श्री गुप्ता ने माता मनसा देवी परिसर और काली माता मंदिर कालका में माता मनसा देवी श्राईंन बोर्ड द्वारा करवाये जा रहे अनेक विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने निर्देश दिये कि माता मनसा देवी परिसर में 122 नये सीसीटीवी लगाने के लिये शीघ्र ही टेंडर आमंत्रित किय जाये। साथ ही इस कार्य को सीएसआर स्कीम के माध्यम से करवाने के लिये संभावनाओं को भी तलाशा जाये। इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिये कि श्री काली माता मंदिर कालका को और विकसित करने के लिये मंदिर के अधीन आने वाली भूमि की नये सिरे से विकास योजना तैयार की जाये। 

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श्री गुप्ता को अवगत करवाया गया कि मुख्य सिंह द्वार का कार्य शीघ्र ही शुरू कर दिया जायेगा। यह भव्य द्वार अपने आप में अनूठा होगा और पंचकूला को एक नई पहचान देगा। इसके अलवा श्री गुप्ता को यह भी अवगत करवाया गया कि मंदिर के साथ-साथ बनाये जा रहे नये काॅरिडोर का काम चैत्र नवरात्रों से पहले पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।  बैठक में बताया गया कि कालका में दो शक्ति स्तंभों के निर्माण कार्य 24.58 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। काली माता मंदिर के समीप बनाये जा रहे शक्ति स्तंभ का कार्य पूरा कर लिया गया है और पिंजौर के समीप बनाये जा रहे दूसरे स्तंभ का ढांचा बनकर तैयार है।   इस अवसर पर श्रीमाता मनसा देवी श्राईंन बोर्ड की सचिव श्रीमती शारदा प्रजापति, काली माता मंदिर के सचिव श्री पृथ्वीराज के अलावा बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य श्रीमती बंतो कटारिया, श्री अजय शर्मा, श्री कमल अवस्थी, श्री अमित जिंदल, श्री हरबंस सिंगला और श्री नरेंद्र जैन उपस्थित थे।

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PU Deliberates on Teachings of Swami Vivekananda

Chandigarh February 20, 2021

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The Interdisciplinary Centre for Swami Vivekananda Studies, Panjab University, Chandigarh in collaboration with Vivekananda Kanyakumari branch Chandigarh, Punab organised a web lecture by Sh.C.S.Talwar IAS (Retd)on “Why Swamiji is a Youth Icon”. 

Prof. Raj Kumar, Vice Chancellor appreciated the endeavours of ICSVS in organising various programs from time to time for the students and faculty of Panjab University. He stressed that we should emulate the teachings of Swami ji which will bring end to our sufferings. 

Prof.Renu Thakur Coordinator ICSVS, introduced the speaker. 

Shri C.S.Talwar distinguished speaker enlightened  on the life and teachings of Swamiji. He is truly an icon for the youth. His message of fearlessness, truthfulness, compassion and strength are most relevant for all of us. He invoked all of us to follow and emulate best of east and west.Swamiji believed religion as an extension of science and yoga as a study of mind by mind itself.Vivekananda was of the view that liberty is important to excel . Women should be free to decide their role in society. The great personalities like Dr.Rabindranath, Aurbindo and Mahatma Gandhi admitted that Swami Vivekananda was their mentor.Swamiji was hopeful that by inculcating good qualities India will rise and shape the future world. 

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Prof. Devinder Singh Coordinator B.R.Ambedkar centre and SVC

in his remarks stressed youth should inculcate good qualities in them and help the nation to rise and excel. The youth should shun laziness and free themselves from illusion which make them weak as weakness is death and strength is life. 

Prof Renu Thakur proposed the vote of thanks and Dr. Monika Agarwal from UIAMS conducted the proceedings of the event.

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फल उत्कृष्टता केंद्र मांगेआना में आधुनिक फल उत्पादन प्रोद्योगिकी प्रदर्शन फील्ड-डे कार्यक्रम आयोजित

सिरसा, 20 फरवरी।

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              फल उत्कृष्टता केंद्र मांगेआना में आधुनिक फल उत्पादन प्रोद्योगिकी प्रदर्शन एवं केंद्र भ्रमण के लिए चार दिवसीय फील्ड-डे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन जिला सिरसा, फतेहाबाद, हिसार एवं भिवानी से लगभग 115 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक उद्यान एवं उद्यान प्रशिक्षण संस्थान करनाल के प्रधानाचार्य डा. जोगिंद्र सिंह ने की। इस दौरान किसानों को विभिन्न फलों के आधुनिक फल उत्पादन तकनीक के प्रदर्शन के लिए केंद्र का भ्रमण भी करवाया गया।


              कार्यक्रम में डा. जोगिंद्र सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के कृषि योग्य भूमि का लगभग 8 प्रतिशत क्षेत्र बागवानी के अंतर्गत आता है। उद्यान विभाग के प्रयासों एवं किसानों के परिश्रम के फलस्वरूप प्रदेश में बागवानी क्षेत्र लगातार बढ रहा है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे फल उत्कृष्टता केंद्र पर किए जा रहे विभिन्न तकनीकी प्रदर्शन से प्रशिक्षण लेकर अपने खेतों में भी नई तकनीक को अपनाए और अधिक लाभ कमाएं। साथ ही किसान अपना उत्पाद स्वयं बेचना सीखे ताकि आय में और अधिक बढोतरी कर सके।


              उप-निदेशक उद्यान फल उत्कृष्टता केंद्र डा. आत्म प्रकाश ने केंद्र पर चल रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा पिछले लगभग 11 वर्षों से नींबू वर्गीय फलों, अनार, जैतून, खजूर की आधुनिक फल उत्पादन तकनीक के बारे में किसानों को महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही है। केंद्र के प्रयासों एवं अच्छी तकनीक के कारण सरकार ने किसानों के लिए अनार व खजूर फसल के क्षेत्र को प्रदेश में बढाने के लिए अनुदान का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में 21 व 22 फरवरी 2021 को अनार, खजूर, जैतून व आड़ू आदि फसलों के बारे में किसानों को गहनता से जानकारी दी जाएगी।

              डा. अमर सिंह पूनिया ने किसानों नींबू जाति के बागों के रख-रखाव के संबंध में तथा डा. श्रवण कुमार ने किसानों को विभाग द्वारा उनके लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारें में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही फल उत्कृष्टता केंद्र पर किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न प्रजातियों पौध के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर डा. रमेश कुमार ने किसानों को नींबू जाति व अन्य फलों में टपका सिंचाई के माध्यम से विभिन्न घुलनशील खादों के प्रयोग के बारें में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम इस विधि से किस प्रकार कम खर्च में अधिक एव अच्छी गुणवत्ता की पैदावार ले सकते है।

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जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा खंड रानियां के गांव गिंदड़ा में नशा मुक्ति सेमिनार किया आयोजित

सिरसा, 20 फरवरी।

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                उपायुक्त प्रदीप कुमार के दिशा निर्देशानुसार जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर नशा मुक्ति सेमिनारों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा शनिवार को खंड रानियां के गांव गिंदड़ा के ग्राम सचिवालय में नशा मुक्ति सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खारिया के प्राचार्य सदीव सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालय रामनगरिया के मुख्य अध्यापक मदन वर्मा बतौर मुख्य वक्ता मौजूद रहे। सेमिनार में जिला रेडक्रॉस सोसायटी सिरसा के सचिव लाल बहादुर बेनीवाल भी मौजूद थे।


                मुख्य अतिथि सदीव सिंह ने सेमिनार को संबोधित करते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वयं भी नशा न करें और दूसरों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करें। हम सबको मिलकर यह प्रयास करना चाहिए ताकि युवा वर्ग नशे से दूर रह सके। उन्होंने कहा कि ग्रामिणों को चाहिए कि वे ग्राम स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करें और युवाओं को अच्छे स्वास्थ्य, शिक्षा व खेल जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके परिवार या आस पड़ोस में यदि कोई व्यक्ति नशा करता है तो नशा मुक्ति केंद्रों में उसका ईलाज करवाएं ताकि वे समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सके। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति नशे की बिक्री करता है तो उसकी सूचना पुलिस प्रशासन के हैल्पलाइन नंबर 88140-11620, 88140-11626 व 88140-11675 अथवा जिला प्रशासन के नंबर 01666-248890 पर दें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।


                मुख्य वक्ता मदन वर्मा ने भी उपस्थितजनों को नशा से परिवार व समाज पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने नशा क्या है, नशे के प्रकार, नशा एक बीमारी है, नशे की बीमारी से मुक्ति, नशे के बारे में पैदा हुई गलत धारणाओं व नशा करने वाले व्यक्ति के मुख्य लक्षणों की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि हमें नशे में लिप्त व्यक्ति का नशा छुड़वाने के लिए उससे किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए, इस बारे भी अवगत करवाया।

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                जिला रेडक्रॉस सोसायटी सिरसा के सचिव लाल बहादुर बेनीवाल ने कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है और यह हमारे समाज को खोखला करता जा रहा है। विशेषकर युवा पीढ़ी को नशे की लत से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए शिक्षा के साथ साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में नशा होता है, वह परिवार आर्थिक व सामाजिक तौर पर पिछड़ जाता है।


                सेमिनार में नशा न करने बारे उपस्थितजनों को शपथ दिलवाई गई। नशामुक्ति अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं व ग्रवित वालंटियर्स को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। सेमिनार मे जिला रैडक्रास सोसायटी की ओर से उपस्थित महिलाओं को तुलसी के पौधे के गमले देकर पर्यावरण स्वच्छ रखने का संदेश दिया।  कार्यक्रम के अंत में जिला  रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सरपंच तारा देवी मूंड, पंच ममता रानी, मूर्ति देवी, विजय सिंह नौखवाल, सुभाष टाक , महावीर सिंह, उषा रानी, पार्वती देवी आशा वर्कर, छात्रा तमन्ना, सहयोगी ग्रवित वालंटियर्स विरेंद्र मलेठिया, मोहित धुंधवाल, राधेश्याम जाखड़, प्रवीन नौखवाल , मुकेश जाखड़, पुरुषोत्तम भाटीवाल, नीरज बशीर, कुलदीप, धर्मपाल, हरि सिंह, डा. इंद्रसैन, बृजलाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।