PINK OF HEALTH ' WITH " PINATHON "

Simplicity is the crux of communication: Chitra Sarwara

Chandigarh February 18, 2021

The third day of the seven-day long Faculty Development Program (FDP) titled ‘Enhancing Visibility & Perception of the Self as a Brand’ started on an enthusiastic note. The course coordinator, Dr. Sumedha Singh, gave a kick start to the day by running the participants through self branding activities.

For Detailed News-

Chitra Sarwara, Politician, and Gaurav Dwivedi, Actor were the key attractions of the day. As a resource person, Chitra Sarwara started by saying that branding of the self is a huge responsibility on oneself. Need to communicate is more important than what to communicate. Emphasising on the packaging of the content more than which tools to be used, she elaborated that simplicity touches the audiences. Thus, one must mirror happiness in one’s communication which could happen when we start mirroring happiness in one’s communication. She concluded by stressing that correct branding gives you apt identity and credibility.

Actor Gaurav Dwivedi was a big hit amongst the participants as well. He asked why one’s target audience should connect with oneself! Elaborating on that, he said that adaptability is the key. Believe that you can do it. He summarised by saying that reality is stranger than fiction.

https://propertyliquid.com

PINK OF HEALTH ' WITH " PINATHON "

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा अधिकारीगण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए।

पंचकूला, 18 फरवरी- उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने जिला में विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के लिये जिला अधिकारियों को आपसी समन्वयता से काम करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने विभाग से संबंधित सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के भी निर्देश दिये।श्री आहूजा आज जिला सचिवालय के सभागार में अधिकारीगण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला में खनन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अवैध खनन को रोकने के लिये जिला खनन अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों को कड़ी कार्रवाही करने के निर्देश दिये।

For Detailed News-


श्री आहूजा ने कुछ विभागों द्वारा सीएम विंडों पर प्राप्त शिकायतों के समाधान में देरी का कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्देश दिये ऐसी सभी शिकायतों का निपटारा समयबद्ध तरीके से किया जाये। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अपने कार्यालयों में ई-आॅफिस का प्रयोग करना सुनिश्चित करें और जहां तक संभव हो कम से कम भौतिक फाइलों को ही स्वीकार करें।


जिला में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री आहूजा ने कहा कि संबंधित विभाग को अपने स्तर पर काम की प्रगति की निगरानी करनी चाहिए ताकि कार्य को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने पिंजौर के गांव पपलौहा में पंजिरी प्लांट के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सेक्टर-16 पंचकूला में महिलाओं के लिये वन स्टाॅप सेंटर की स्थापना का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाये। वन स्टाॅप सेंटर का उद्देश्य संकट में महिलाओं की सहायता करना है। इसी प्रकार उन्होंने मोरनी के टिक्करताल में बनने वाले आयुर्वेदिक औषधालय की स्थापना के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिये।
उपायुक्त ने जिला परिषदों द्वारा पिंजौर, रायपुररानी और बरवाला के गांवों में बनाये जा रहे सामुदायिक शौचालयों को जल्द से जल्द पूरा करवाने के लिये खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों का दौरा कर लोगों को सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग करने के लिये प्रोत्साहित करें।


श्री आहूजा ने प्ले स्कूलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला में 25 प्ले स्कूलों की स्थापना की जानी है, जिनमें से पिंजौर में 12, रायपुररानी में 5, मोरनी में 2 और बरवाला में 6 स्कूल शामिल है। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को ऐसे स्कूलों की स्थापना पर तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिये। श्री आहूजा ने सिविल सर्जन डाॅ जसजीत कौर को प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (लिंग जांच पर रोक) अधिनियम (पीसी-पीएनडीटी एक्ट) और मेडिकल टर्मिनेशन आॅफ प्रेग्रेंसी (एमटीपी) अधिनियम के सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और नियमित छापे मारने के निर्देश दिये।


उपायुक्त ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के लाभ के बारे में किसानों को जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सके। इसके अलावा उन्होंने मेरा पानी मेरी विरासत योजना और मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के तहत अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के आदेश भी दिये।


श्री आहूजा ने सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारियों को नशामुक्ति केंद्रों में और सुधार लाने के लिये संयुक्त दौरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी कार्यान्वयन करने के निर्देश दिये ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस योजना का लाभ उठा सके। उन्होंने कौशल्या बांध के जलाशय क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिये।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, एसडीएम पंचकूला श्रीमती रिचा राठी, एसडीएम कालका राकेश संधु, नगराधीश सुश्री सरनजीत कौर, डीआईओ सतपाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

https://propertyliquid.com

PINK OF HEALTH ' WITH " PINATHON "

शिकायतों के निवारण के लिए कार्यालय नंबर 517-518, पॉवर कॉलोनी, इंडस्ट्रीयल एरिया, फेस-2, पंचकूला में की जाएगी।

For Detailed News-

पंचकूला, 18 फरवरी- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के चेयरमैन एवं सदस्य मंच की कार्यवाही दिनांक 22 फरवरी, 2021 को सुबह 11.00 से दोपहर एक बजे तक कार्यकारी अभियंता के कार्यालय नंबर 517-518, पॉवर कॉलोनी, इंडस्ट्रीयल एरिया, फेस-2, पंचकूला  में की जाएगी।  


इस संबंध में जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने बताया कि मंच के सदस्य, उपभोक्ताओं की सभी प्रकार की समस्याओं की  सुनवाई करेंगे जिनमें मुख्यतः बिलिंग, वोल्टेज, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोड़ने बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता में कमी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग  के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के  मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं  की जाएगी।

https://propertyliquid.com


उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि  अपनी शिकायतों के निवारण के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं।

PINK OF HEALTH ' WITH " PINATHON "

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने जिला में विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के लिये जिला अधिकारियों को आपसी समन्वयता से काम करने के निर्देश दिये।

For Detailed News-

पंचकूला, 18 फरवरी- उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने जिला में विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के लिये जिला अधिकारियों को आपसी समन्वयता से काम करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने विभाग से संबंधित सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के भी निर्देश दिये।श्री आहूजा आज जिला सचिवालय के सभागार में अधिकारीगण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला में खनन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अवैध खनन को रोकने के लिये जिला खनन अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों को कड़ी कार्रवाही करने के निर्देश दिये।


श्री आहूजा ने कुछ विभागों द्वारा सीएम विंडों पर प्राप्त शिकायतों के समाधान में देरी का कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्देश दिये ऐसी सभी शिकायतों का निपटारा समयबद्ध तरीके से किया जाये। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अपने कार्यालयों में ई-आॅफिस का प्रयोग करना सुनिश्चित करें और जहां तक संभव हो कम से कम भौतिक फाइलों को ही स्वीकार करें।


जिला में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री आहूजा ने कहा कि संबंधित विभाग को अपने स्तर पर काम की प्रगति की निगरानी करनी चाहिए ताकि कार्य को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने पिंजौर के गांव पपलौहा में पंजिरी प्लांट के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सेक्टर-16 पंचकूला में महिलाओं के लिये वन स्टाॅप सेंटर की स्थापना का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाये। वन स्टाॅप सेंटर का उद्देश्य संकट में महिलाओं की सहायता करना है। इसी प्रकार उन्होंने मोरनी के टिक्करताल में बनने वाले आयुर्वेदिक औषधालय की स्थापना के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिये।
उपायुक्त ने जिला परिषदों द्वारा पिंजौर, रायपुररानी और बरवाला के गांवों में बनाये जा रहे सामुदायिक शौचालयों को जल्द से जल्द पूरा करवाने के लिये खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों का दौरा कर लोगों को सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग करने के लिये प्रोत्साहित करें।


श्री आहूजा ने प्ले स्कूलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला में 25 प्ले स्कूलों की स्थापना की जानी है, जिनमें से पिंजौर में 12, रायपुररानी में 5, मोरनी में 2 और बरवाला में 6 स्कूल शामिल है। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को ऐसे स्कूलों की स्थापना पर तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिये। श्री आहूजा ने सिविल सर्जन डाॅ जसजीत कौर को प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (लिंग जांच पर रोक) अधिनियम (पीसी-पीएनडीटी एक्ट) और मेडिकल टर्मिनेशन आॅफ प्रेग्रेंसी (एमटीपी) अधिनियम के सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और नियमित छापे मारने के निर्देश दिये।

उपायुक्त ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के लाभ के बारे में किसानों को जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सके। इसके अलावा उन्होंने मेरा पानी मेरी विरासत योजना और मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के तहत अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के आदेश भी दिये।

https://propertyliquid.com


श्री आहूजा ने सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारियों को नशामुक्ति केंद्रों में और सुधार लाने के लिये संयुक्त दौरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी कार्यान्वयन करने के निर्देश दिये ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस योजना का लाभ उठा सके। उन्होंने कौशल्या बांध के जलाशय क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिये।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, एसडीएम पंचकूला श्रीमती रिचा राठी, एसडीएम कालका राकेश संधु, नगराधीश सुश्री सरनजीत कौर, डीआईओ सतपाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

PINK OF HEALTH ' WITH " PINATHON "

व्यक्तिगत श्रेणी के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन 20 व 21 फरवरी को

सिरसा, 18 फरवरी।


                कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 20 व 21 फरवरी को खंड स्तर पर व्यक्तिगत श्रेणी के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में वे किसान शामिल हो सकते हैं जिन्होंने विभागीय पोर्टल पर कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए 31 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन किया हो तथा 19 फरवरी तक अपने बिल पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर चुके हैं। कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

For Detailed News-


                सहायक कृषि अभियंता डीएस यादव ने बताया कि 20 फरवरी को खंड डबवाली व औढां के किसानों के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन अनाज मंडी डबवाली किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खंड रानियां व ऐलनाबाद के किसानों के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन 20 फरवरी को अनाज मंडी जीवननगर तथा खंड सिरसा, नाथुसरी चौपटा व बड़ागुढ़ा खंड के किसानों के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन 21 फरवरी को कपास मंडी सिरसा में किया जाएगा।


                उन्होंने जिला के किसानों से कहा है कि भौतिक सत्यापन से पहले सभी किसान अपने कृषि यंत्रों पर पेंट द्वारा अपना नाम तथा पिता का नाम व गांव सहित लिखवाएं तथा मशीन का सीरियल नंबर पंच मशीन द्वारा खुदवाएं। भौतिक सत्यापन के दौरान किसान के कृषि यंत्र के बिल, ई-वे बिल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्वयं घोषणा पत्र, मशीन के साथ किसान की फोटो जीपीएस लॉकेशन के साथ, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते की प्रति, पटवारी रिपोर्ट तथा ट्रैक्टर की वैद्य आरसी इत्यादि कागजातों का सत्यापन किया जाएगा तथा सभी दस्तावेज किसान को स्वयं सत्यापित करने होंगे। उन्होंने कहा कि बिल व ई-वे बिल तिहरी प्रति में लाएं तथा अपने मूल दस्तावेज भी साथ लाएं। उन्होंने कहा कि किसान अपने कृषि यंत्र के साथ फोटो, कृषि यंत्र पर नंबर वाली प्लेट की फोटो व पंच किए गए सीरियल नंबर की फोटो साथ लाएं।

https://propertyliquid.com

Panjab University, Chandigarh conducted M.Phil. & Ph.D. Entrance Test on 7.3.2021.

मुर्राह सरंक्षण एवं विकास स्कीम में 37 तथा गौसंवर्धन स्कीम के तहत 88 पशुपालकों दी गई 17 लाख 70 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 18 फरवरी।


                      उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों को आर्थिक तौर से सुदृढ बनाने के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं और पशुपालकों के उत्थान व कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में दुग्ध उत्पादन व अच्छी नस्ल के पशुओंं की बढोतरी के उद्ेश्य से मुर्राह सरंक्षण एवं विकास तथा गौसंवर्धन स्कीम के तहत पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पशुपालन विभाग ने उक्त स्कीमों के तहत वित्त वर्ष में अब तक जिला के 125 पशुपालकों को 17 लाख 70 हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में दी है।

For Detailed News-


                      उन्होंने बताया कि मुर्राह सरंक्षण एवं विकास स्कीम मुर्राह नस्ल को बढावा देने में बहुत ही कारगर साबित हो रही है। भैंसों में मुर्राह नस्ल विश्व की सबसे सर्वोत्तम नस्लों में से एक है। पशुपालक अधिक से अधिक मुर्राह नस्ल का पालन करें, इसके लिए मुर्राह सरंक्षण एवं विकास स्कीम के तहत पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जाता है। स्कीम के तहत मुर्राह नस्ल की भैंसों की दुग्ध रिकॉर्डिंग की जाती है। दुग्ध रिकॉर्डिंग 18 से 22 किलोग्राम, 22 से 25 किलोग्राम तथा 25 किलोग्राम से अधिक के रूप में अलग-अलग श्रेणियों में की जाती है, जिसमें क्रमश: 15 हजार रुपये, 20 हजार रुपये तथा 30 हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन के रूप में पशुपालकों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष के दौरान स्कीम के तहत 51 मुर्राह भैंसों का चयन कर उनके दुग्ध की रिकॉर्डिंग की गई। स्कीम के तहत 37 पशुपालकों को 5 लाख 85 हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की है, ताकि पशुपालक आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें।

https://propertyliquid.com
                      उपायुक्त ने बताया कि मुर्राह भैंस की नस्ल की तर्ज पर हरियाणा व साहीवाल नस्ल की गायों को बढावा देने के उद्ेश्य से प्रदेश सरकार ने गौसंवर्धन स्कीम लागू की है। स्कीम के तहत हरियाणा व साहीवाल गायों के दुग्ध की मात्रा अनुसार विभिन्न श्रेणियों में पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने बताया कि हरियाणा नस्ल गाय के लिए 8 से 10 किलोग्राम, 10 से 12 किलोग्राम व 12 किलोग्राम से अधिक प्रति दिन के हिसाब से श्रेणी बनाई गई है, जिसमें क्रमश: 10 हजार, 15 हजार व 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसी प्रकार साहीवाल गाय के लिए 10 से 12 किलोग्राम, 12 से 15 किलोग्राम व 15 किलोग्राम से ज्यादा प्रतिदिन के हिसाब से श्रेणी बनाई गई है, जिसमें क्रमश: 10 हजार रुपये, 15 हजार रुपये व 20 हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन के तौर पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत जिला में वित्त वर्ष में हरियाणा नस्ल की 37 गायों व 57 साहीवाल गायों चयन कर दुग्ध रिकार्डिंग किया गया, जिसमें 88 पशुपालकों को 11 लाख 85 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। उपायुक्त ने जिला के पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर पशुपालन व्यवसाय को बढावा दें और आर्थिक तौर पर सुदृढ बनें।

PINK OF HEALTH ' WITH " PINATHON "

अधिकारी ई-ऑफिस के माध्यम से ही करें फाइलों का निपटान : एसडीएम दिलबाग सिंह

ऐलनाबाद, 18 फरवरी।

For Detailed News-


एसडीएम दिलबाग सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कार्य में पारदर्शिता लाने व गति प्रदान करने के लिए ई-ऑफिस सिस्टम को लागू किया गया है। सभी विभागों में ई-ऑफिस के तहत ही कार्य किया जाए और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि फाईलों का निपटान ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। ई-ऑफिस में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने अभी तक ई-ऑफिस पर काम शुरू नहीं किया है, वे ई-ऑफिस से फाइलों का मूवमेंट करना शुरू कर देेंं। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कार्यालय में ई-ऑफिस कार्य प्रणाली से ही फाइलों को मूव करवाया जाए और ई-ऑफिस के तहत कार्य करने को गति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के प्रणाली में कार्य करने में यदि किसी प्रकार की तकनीकी अड़चन है तो एनआईसी में संपर्क करके उसे दूर करवाया जाए।


एसडीएम ने कहा कि ई-ऑफिस प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। सभी विभाग ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों का आदान प्रदान करना सुनिश्चित करें। भौतिक रूप से कोई भी फाइल स्वीकार न की जाएं। उन्होंने कहा कि पेपरलैस कामकाज की दिशा में ई-ऑफिस महत्वपूर्ण एवं बेहतरीन विकल्प है, इसलिए सभी कार्यालयों में भौतिक रूप से फाइलों का आदान-प्रदान बंद करते हुए केवल ई-फाइल को ही स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि भौतिक की बजाए ई-फाइल को ही स्वीकार किया जाए। ई-ऑफिस प्रणाली बिल्कुल आसान है। इससे कम समय में अधिक काम निपटाए जा सकते हैं। इसलिए अधिकारी व कर्मचारी गंभीरता के साथ इसका प्रशिक्षण लेें और अपने कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिलाएं तथा प्रतिदिन यह सुनिश्चित किया जाए कि ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों का निपटान किया जाए। 

https://propertyliquid.com

Panjab University, Chandigarh conducted M.Phil. & Ph.D. Entrance Test on 7.3.2021.

एससी-एसटी एक्ट के तहत 54 पीडि़तों को दी गई 94 लाख 43 हजार रुपये की आर्थिक सहायता : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 18 फरवरी।

For Detailed News-


                      उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार या दुव्र्यवहार होता है तो पीडि़त परिवार को तुरंत प्रभाव से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि पीडि़त को समय पर मिली सहायता आर्थिक सबल बनाने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी मदद करती है। इसलिए किसी दुर्घटना या अत्याचार के शिकार व्यक्ति को समय पर आर्थिक मदद मुहैया करवाई जाए और इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आर्थिक सहायता देने में किसी प्रकार का विलंब न हो।


                      यह बात उपायुक्त प्रदीप कुमार ने वीरवार को अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। इस बैठक में डीएसपी धर्मवीर सिंह, जिला कल्याण अधिकारी सुशील कुमार, एडीए दीपक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा, वैटरनरी सर्जन सुरेंद्र कुमार सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य कृष्ण कुमार, वेद प्रकाश कसूंबी, पूर्व सरपंच जगसीर सिंह, रणजीत सिंह भाटी, सज्जन सिंह, बग्गा राम मौजूद थे। बैठक में अबतक दर्ज हुए 86 केसों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को विचाराधीन केसों के जल्द से जल्द निपटान के आदेश दिए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पुलिस अधिकारी व संबंधित विभाग के अधिकारी आपसी तालमेल से अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों पर गंभीरता से कार्यवाई करें ताकि पीडि़तों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।


                      उपायुक्त प्रदीप कुमार ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि पीडि़त व्यक्ति की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करें और आरोपी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाही करें ताकि पीडि़त व्यक्ति को न्याय के लिए भटकना न पड़े। जिला कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि योजना के अनुसार पीडि़त व्यक्ति को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना अनिवार्य है, इसलिए किसी भी मामलें में किसी प्रकार की ढील न बरती जाए और समयबद्ध अवधि में पीडि़त को सहायता राशि दी जाए। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत विभिन्न प्रकार के अत्याचार होने पर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को अधिनियम के नियमों के अनुसार 85 हजार रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राशि ऐसे मामलों के लिए प्रदान की जाती है। इसके लिए अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार अधिनियम) के तहत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

https://propertyliquid.com


                      उन्होंने बताया कि ने कहा कि अब तक 54 पीडि़तों को 94 लाख 43 हजार 750 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के मद्देनजर गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के साथ अत्याचार किए जाने के फलस्वरूप अपराध की प्रवृति को ध्यान में रखकर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि विभिन्न प्रकार के अत्याचारों जैसे अपमानित, क्षति पहुंचाना, छेड़छाड़, बलात्कार व नरसंहार, चल-अचल संपत्ति का नुकसान, स्थाई/अस्थाई अपंगता आदि घटित होने पर प्रदान की जाती है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन मामलों को तुरंत प्रभाव से निपटाएं और पीडि़त परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करें।