Panjab University, Chandigarh conducted M.Phil. & Ph.D. Entrance Test on 7.3.2021.

Around 84000 students took Online Exam by PU on Day 1

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Chandigarh February 15, 2021

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Around 84000 students of Undergraduate/Post Graduate/Other Professional Courses including USOL/Private have appeared today in the online examination conducted by Panjab University which commenced today. Exams for 78 papers were conducted on Day 1 of the Exams. The examinations are being conducted in 2 slabs of 9.30am-12.30 pm and 1.30pm-4.30 pm.

All the Colleges/Departments downloaded the question papers as per the scheduled time from PU Website and official email IDs provided to them. The question papers were further distributed to students through various electronic modes.

Prof. Raj Kumar, Vice Chancellor remained connected with the Controller to take stock of the situation.

Dr. Jagat Bhushan, Controller of Examination expressed his gratitude to all the Chairpersons/College Principals/Coordinators/ Supporting Staff for the successful commencement of the online exams. He further informed that many queries received were resolved by COE and his technical team. He further informed that around 2,86,812 students will be taking various exams being conducted by PU with a break up as given below:-

Under-Graduate Dec. 2020StrengthPost-Graduate Dec. 2020Strength
Private Candidate79416Private Candidate15583
University Department5140University Department8653
College Candidate145020College Candidate19132
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UIPS Conducted Outreach activity Under Rashtriya Aavishkar Abhiyan

Chandigarh February 15, 2021

University Institute of Pharmaceutical Sciences (UIPS), Panjab University, Chandigarh contributed in the Rashtriya Aavishkar Abhiyan (RAA) jointly in association with Government Model School, Sector 8-B, Chandigarh on 15th February, 2021.

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            Rashtriya Avishkar Abhiyan is a novel concept developed and launched on 9th July, 2015 by Late Dr A.P.J. Abdul Kalam, Former President of India and it is still running successfully in the country by Ministry of  Education. The aim is to inculcate a spirit of inquisitiveness, creativity, excitement and love for Science and Mathematics in school children through inside and outside classroom activities, observation and experimentation. It is a joint framework across School Education and Higher Education to motivate children in learning Science, Mathematics and Technology.

            Keeping in view the present pandemic times, the RAA was organised in the Government Model School, Sector 8-B, Chandigarh itself where Dr Anurag Kuhad, Dr Neelima Dhingra, Dr Sangeeta Pilkhwal Sah and Dr Ranjana Bhandari Assistant Professors from UIPS interacted with science and humanity students of Class 11th-12th. The highlights of the interaction were virtual tour to the Panjab University and the institute (UIPS) through videos. Dr Anurag Kuhad shared information regarding rich academic and research heritage of Panjab University, its distinguished alumni, and entrance examination specifically PU-CET-UG, PUTHAT, PU-BA/B.Com LLB (5 year) integrated course for various Bachelor’s program running in the University and their future scopes. The virtual tour of the institute showcased that Panjab University is one of the oldest universities in India which was established in 1882 as University of Panjab at Lahore and the University Institute of Pharmaceutical Sciences is one of its stalwart institute known for excellence in pharmaceutical education and research across the country. Further the detailed coverage of the courses offered at UIPS, their scopes; infrastructure and state of art facility of the UIPS made students curious and they were inclined to know more about the Pharmacy Profession.

            Dr Neelima Dhingra initiated her interaction with the word “Pharmacy” and made students acquainted with the word by sharing that how pharmacy profession imparts a positive impact on public health service by discovering new drugs, ensuring the safe and effective use of medications.

            Further the emphasis on the role of India as “Pharmacy of the World” in the current unprecedented times by Dr Sangeeta Pilkhwal Sah motivated the students to take this profession as a career.

            Dr Ranjana Bhandari advocated that how adoption of entrepreneurship principles is very important in the field of pharmacy. It’s only the entrepreneurs who have made India world’s largest generic drugs exporter to the world. India has become a pharma manufacturing hub because of the efforts of entrepreneurs in the pharma market.

            The outreach acivity by UIPS under this Rashtriya Avishkar Abhiyan evoked a huge response among students. The speakers were flooded with number of questions about Honours School, courses available, entrance test requirements, eligibility, fee structure, job prospects and future career options. Dr Anurag Kuhad explored students to “Joy of Science” and inspire them to join sciences as future career path.

            This outreach activity was organised after the directions of State Project Director-Cum Director School Education Samagra Siksha, Chandigarh by Mrs Sunita Singh (Principal), Mr Paramjeet Singh (Lecture Physics) and Mr Rajesh Kumar (JBT) from Government Model Senior Secondary School, Sector 8-B, Chandigarh.

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हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल खेल स्टेडियम में 82वें राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2020 का शुभारंभ किया।

पंचकूला, 15 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल खेल स्टेडियम में 82वें राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2020 का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 15 से 23 फरवरी 2021 तक आयोजित की जायेगी। 15 से 18 फरवरी तक महिला एकल प्रतियोगिता होगी जबकि 20 से 23 फरवरी में पुरूष एकल प्रतियोगिता का आयोजन होगा।

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इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री व टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया व हरियाणा राज्य टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दुष्यंत चैटाला, विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता एवं श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री अनूप धानक और नगर निगम महापौर श्री कुलभूषण गोयल भी उपस्थित थे।

उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि इस बार राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2020 का आयोजन हरियाणा के पंचकूला जिले में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, इसे हम खेल गांव भी कह सकते है। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल खेल स्टेडियम एक राष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान है, जहां इस तरह के बड़े स्तर के खेल आयोजित करने की सभी सुविधायें उपलब्ध हैं।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस वर्ष हरियाणा को खेलो इंडिया गेम्स-2021 के आयोजन का अवसर भी प्राप्त हुआ है, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतो से लगभग 12 हजार खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का खेलों में अपना एक अलग स्थान है। देशभर में खिलाड़ियों द्वारा जितने भी मैडल जीते जाते हैं, उनमें से 50 प्रतिशत से अधिक हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा प्राप्त किये जाते हैं। कैच दैम यंग कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में बचपन से ही खेल के प्रति रूचि पैदा की जा रही है ताकि वे आगे चलकर खेलों में देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। इसके अलावा प्रदेश में विभिन्न  स्थानों पर खेल नर्सरियां भी स्थापित की जा रही हैं, जहां पर खिलाड़ियों को उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी प्रकार, राज्य स्तर के अलावा जिला व ब्लाॅक स्तर पर भी खेल स्टेडियम बनाये गये हैं।

हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्री संदीप सिंह स्वयं हाॅकी के उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं और ओलंपिक में गोल्ड मैडलिस्ट भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीतने पर प्रदेश सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा अन्य खेलों में भी पुरस्कार राशि के साथ-साथ उनकी उपलब्धियों के आधार पर क्लाॅस-1, क्लाॅस-2 और क्लाॅस-3 की नौकरियां दी जाती हैं। इसके साथ-साथ चतुर्थ वर्ग श्रेणी की नौकरियों में खिलाड़ियों को दस प्रतिशत का आरक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हरियाणा के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये की राशि (खुराक, प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण के उद्देश्य) तैयारी के रूप में दिये जाने का फैसला लिया है। इसका लाभ विशेषकर उन खिलाड़ियों को ज्यादा होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।

इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिये शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को एक दूसरे की प्रतिभाओं से सीखने के मौका मिलेगा, जिससे वे भविष्य में अपना प्रदर्शन और बेहतर कर पायेंगे।

इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चैटाला जोकि टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया व हरियाणा राज्य टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि पिछले चार सालों में फेडरेशन के एक-एक कर्मचारी, कोच और खिलाड़ियों की मेहनत के परिणामस्वरूप टेबल टेनिस में एक नया आयाम स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये आईपीएल की तर्ज पर यूटीटी लीग आयोजित की जाती है। इसके परिणामस्वरूप काॅमनवेल्थ-2018 में भारत ने टेबल टेनिस में आठ मेडल जीते जोकि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके अलावा एशियन गेम्स में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने तीन मेडल देश की झोली में डाले थे। उन्होंने कहा कि सफलताओं का यह दौर अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि देश की सात ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जो कि टेबल टेनिस में भारत में अलग-अलग स्तर पर चेंपियन बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि आज से शुरू हुई 82वें राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप-2020, 23 फरवरी तक आयोजित की जायेगी, जो प्रदेशवासियों में क्रिकेट से भी ज्यादा टेबल टेनिस के प्रति रूचि पैदा करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चैटाला ने टेबल टेनिस में देश व प्रदेश का नाम रोशन करने वाली सात महिला खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
 इन सम्मानित खिलाड़ियों में मनिका बत्रा, मधुरिका सुहास पाटकर, सुथरिथा मुखर्जी, अनिका दास, के. शामिनी, अर्चना कामथ गिरीश और सुहाना सैनी शामिल है।  

इससे पूर्व विभिन्न प्रदेशों के खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के समक्ष मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर पंचकूला के उपायुक्त श्री मुकेश कुमार आहूजा, पुलिस कमिशनर श्री सौरभ सिंह, पुलिस उपायुक्त श्री  मोहित हांडा, एसडीएम श्री राकेश संधु व अन्य प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।

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योजनाओं के लाभ के लिए परिवार पहचान पत्र जरूरी : एसडीएम

ऐलनाबाद, 15 फरवरी।

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एसडीएम दिलबाग सिंह ने कहा कि परिवार पहचान पत्र(पीपीपी) सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है, जिसका उद्ेश्य पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का सीधे लाभ पहुंचाना है। बुढापा पैंशन से लेकर प्रदेश सरकार की अधिकतर योजनाओं को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा जा चुका है। अब बिना परिवार पहचान पत्र योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा, इसलिए जिस भी परिवार ने अपना परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाया है, वो अपने नजदीकी सीएसएसी सैंटर पर जाकर अपनी फैमली आईडी को अपडेट या बनवा लें।
एसडीएम ने कहा कि परिवार पहचान पत्र हर परिवार व व्यक्ति के लिए जरूरी है। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब परिवार पहचान पत्र के माध्यम से ही दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुढापा पैंशन सहित कई योजनाओं को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिया गया है। नागरिक अपने नजदीकी सीएससी पर अपने परिवार पहचान पत्र के विवरण को अपडेट करवा व बनवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र नि:शुल्क अपडेट व बनाए जा रहे हैं। अभी तक किसी व्यक्ति ने अपना परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाया है, वो अपने नजदीकी सरल केंद्र या अटल सेवा केंद पर अपना परिवार पहचान पत्र अपडेट करवा लें, ताकि उसे योजनाओं के लाभ में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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उपायुक्त प्रदीप कुमार ने आमजन से किया अंबाला में बनने वाले शहीद स्मारक के लिए 1857 की क्रांति से जुड़ी धरोहर रुपी वस्तुएं देने का आह्वïान

सिरसा, 15 फरवरी।

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              उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि 1857 की क्रांति की याद में वीर जवानों की बहादुरी एवं शहादत को नमन करने के लिए हरियाणा राज्य के अंबाला शहर में 22 एकड़ भूमि पर लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से भव्य और विशाल स्मारक का निर्माण किया जा रहा है।

              उपायुक्त ने कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति के पास उनके पूर्वजों की धरोहर के रूप में 1857 की क्रांति से संबंधित कोई भी वस्तु जैसे राइफल, बंदूक, पिस्टल, बंदूक की गोली(मस्कट कार्टरिज), वर्दी, तलवार, चाकू, बैज, मेडल, दस्तावेज, 1857 की क्रांति पर जारी हुई पोस्टल स्टाम्प (डाक टिकट), पत्र या पत्र व्यवहार, मूल रूप में कोई समाचार पत्र, उस दौर की पेंटिंग, कोई मानचित्र या अन्य कोई भी वस्तु जो 1857 की क्रांति से संबंधित हो, को हरियाणा सरकार को धरोहर के लिए दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर दी गई वस्तु, दस्तावेज या अन्य चीजें प्रामाणिक पाए जाते हैं तो उसे दिए जाने वाले व्यक्ति के नाम व पते सहित स्मारक में बनने वाली गैलरी में दर्शाया जाएगा।

              उन्होंने आमजन से आह्वïान किया कि वे वीरों की शहादत को नमन करने के लिए बन रहे भव्य व विशाल स्मारक के लिए धरोहर देने में पूर्ण सहयोग करें, उनके द्वारा दी गई धरोहर को पूरे सम्मान के साथ दी गई निधि को अंबाला में बन रहे युद्ध स्मारक में बनाई जाने वाली गैलरी में संजोकर रखा जाएगा। उन्होंने धरोहर देने वाले महानुभावों से कहा कि वे इस संदर्भ में मोबाइल नंबर 94634-37252 अथवा 98880-09339 पर संपर्क किया जा सकता है, इसके अलावा ईमेल आईडी पर पत्र व्यवहार भी कर सकता है।

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पोषण अभियान के तहत 25 से अधिक गांवों में किया गया नाटकों का मंचन : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 15 फरवरी।

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              उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत आमजन को पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जा रहा है। नाटक मंडलियों द्वारा गांवों में नाटकों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों में खून की कमी को दूर करने, पौष्टिïक भोजन के महत्व बारे जानकारी देने के साथ-साथ प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं बारे में अवगत करवाया जा रहा है। नाटक मंडलियों द्वारा अब तक जिला के 25 गांवों को कवर किया जा चुका है।

              उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि नाटकों के माध्यम से कलाकार जहां संतुलित पौष्टिïक आहार के फायदों के बारे में बता रहे हैं वहीं पौष्टिïक तत्वों की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में भी अवगत करवाया जा रहा है। नाटकों के मंचन के दौरान कलाकारों द्वारा महिलाओं द्वारा खान पान व स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही से होने वाली बीमारियों से  बचाव के तरीकों बारे बताया जाता है वही उन्हें नियमित रुप से पौष्टिïक आहार लेने व अच्छे स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का संदेश भी दिया जा रहा है। इसके अलावा आमजन को साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताते हुए अपने घरों व आसपास में स्वच्छता का माहौल बनाए रखने की अपील की जा रही है क्योंकि गंदगी से बच्चों के बीमार होने की अधिक संभावना रहती है। लोगों को कूड़ा-कर्कट हमेशा डस्टबिन में ही डालने तथा गीला व सूखा कचरा अलग-अलग डालने के बारे मे बताया जा रहा है। साथ ही उन्हें खाना खाने से पहले स्वयं तथा बच्चों के अच्छे से हाथ धुलवाने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।

              उपायुक्त ने बताया कि नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विभाग द्वारा क्रियांवित की जा रही योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना के अंतर्गत पहली, दूसरी तथा तीसरी बेटी को एक वर्ष के अंदर-अंदर फार्म भरने पर मिलने वाले लाभ की जानकारी दी जा रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के संदर्भ में नाटक के माध्यम से यह भी संदेश दिया जा रहा है कि यदि बेटी नहीं होगी तो सृष्टि कैसे चलेगी, बेटी एक वरदान है, पढी लिखी बेटी किसी पर बोझ नहीं है। अगर बेटी को सही मार्गदर्शन व प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर अपने जिला, प्रदेश व परिवार का नाम रोशन कर सकती है।

नाटकों के माध्यम से दिया जा रहा है पौष्टिïक आहार का महत्व व योजनाओं की जानकारी : उपायुक्त प्रदीप कुमार

              उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत जिला के ग्रामीण व शहरी इलाकों में 5 नाटक मंडलियों द्वारा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जा रहा है। ऐलनाबाद व रानियां खंड में कर्ण लड्डïा एंड पार्टी, डबवाली व ओढ़ां खंड में मुकेश सपरा एंड पार्टी, नाथूसरी चौपटा में सोनम सात्विक आर्टस, माधोसिंघाना व सिरसा में संदीप कुमार सत्परंग आर्टस तथा बड़ागुढा में जनकल्याण परिषद भून्ना द्वारा पोषण अभियान व महिला एवं बाल विकास विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में आमजन को अवगत करवाया जा रहा है। इन नाटक मंडलियों द्वारा अबतक गांव धनूर, अभोली, रानियां, सुलतानपुरिया, नानुआना, धोतड़, कुस्सर, गिंदड़, घोड़ांवाली, खैरेकां, वनसुधार, कुसुंबी, फूलकां, नानकपुर, भंभूर, केलनिया, झोरडऩाली, मंगाला, माधोसिघाना, ढूढियांवाली, जगजीत नगर, सादेवाला, बाहिया, चामल, मोरीवाला, सुचान, लहंगेवाला व कोटली आदि गांवों में नाटकों का मंचन किया जा चुका है। इन कार्यक्रमों के दौरान मुख्य रूप से सरपंच, पंच, आंगनवाड़ी वर्कर, हेल्पर सहित गांव के बच्चे, महिलाएं एवं गांव के अन्य लोग भी मौजूद रहे।

स्वच्छता बनाए रखने व संपूर्ण टीकाकरण का दिया जा रहा है संदेश :

              महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी डा. दर्शना सिंह ने बताया कि पोषण अभियान के तहत जिला के 25 से भी अधिक गांवों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इन नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को पोषण के महत्व के बारे में समझाया गया तथा पौष्टिïक आहार की कमी से होने वाली बीमारी की जानकारी दी गई। हमारे आसपास फैली गंदगी के कारण बच्चों में उल्टी, दस्त की बीमारी हो जाती है जिसके कारण बच्चों की मृत्यु भी हो सकती है। इन नाटकों के माध्यम से साफ-सफाई रखने तथा बच्चों का समय पर संपूर्ण टीकाकरण करवाने का भी संदेश दिया गया।