*श्रीमती अरूणा आसफ अली राजकीय महाविद्यालय कालका में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन*

वन विभाग द्वारा गांव चीकन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुये डा0 अमरिन्द्र कौर

 वन विभाग द्वारा गांव चीकन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुये डा0 अमरिन्द्र कौर

पंचकूला,( चीकन ) 20 मार्च 2019

वन विभाग द्वारा चीकन के विश्रामगृह में विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डाॅ0 अमरिन्द्र कौर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, कम-प्रबन्धक निदेशक, हरियाणा, वन विकास निगम थीे। 

उन्होंने इस अवसर पर बोलते हुये कहां कि हमे इस दिवस पर गौरैया चिड़िया केे संरक्षण की शपथ लेनी चाहिये। हमें चिड़ियों के प्रति संवदेनशीलता रखते हुये उनके सरंक्षण में सहयोग करना चाहिये ं। गर्मीयों में उनको दाना व पानी डालकर उनके प्रति हमे प्रेम रखना चाहिये, क्योंकि मानव को नष्ट होने से बचाने के लिए प्रकृति का संरक्षण जरूरी है । उन्होंने कहा कि मानव व प्रकृति का गहरा रिस्ता है। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, व मुख्य वन्यप्राणी वार्डन, हरियाणा वी0एस0 तंवर ने भी गौरैया को बचाने की अपील की। उन्होंने स्कूली बच्चों से अनुरोध किया के वे पशु-पक्षीयों से प्रेम करना अपने जीवन का हिस्सा बनायें। जगदीष चन्द्र, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व प्रबन्ध निदेषक, हरियाणा कृषि उद्योग ने भी चिड़िया की कम होती जनसंख्या पर चिंता जताई और इनकी कमी के कारणों पर प्रकाश डाला। एम0एल0 राजवंशी, वन संरक्षक, वन्यप्राणी ने चिड़ियों की कम होती जनसंख्या के लिए फसल चक्कर परिवर्तन को काफी हद तक दोषी माना तथा आये हुये सभी मेहमानों का स्वागत भी किया। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, विनोद कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में वन व वन्यप्राणी विभाग के मण्डलीय अधिकारी जगमोहन शर्मा, शिव सिंह, दीपक, पवन गरोवर, मुख्य प्रचार अधिकारी श्री धर्मबीर, डाॅ0 चेतना शर्मा, डाॅ0 विभूव प्रकोष्ठ उपस्थित रहें। मंच का सफल संचालन राजीव रंजन ने किया। इस अवसर पर शुरूवात समिति के रंग कार्मीयों द्वारा वन्य प्राणियों के साथ जीना होगा नामक नाटक की प्रस्तुति की गई तथा प्रचार एवं शिक्षा विंग अम्बाला द्वारा गौरैया संरक्षण पर आधारित प्रर्दशनी का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर वन विभाग के विभिन्न कर्मचारी तथा स्कूल के बच्चों व आस-पास के 400 ग्रामीणों ने भाग लिया। 

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