पीएम किसान योजना की 7वीं किस्त, एक दिसंबर से किसानों के खातों में डलना शुरू हो जाएगी !

जिला, उपमंडल व ब्लाक स्तर पर गठित कमेटियां रखेंगी उर्वरकों की कालाबाजारी पर नजर: उपायुक्त प्रदीप कुमार

यूरिया व डीएपी उर्वरकों की ब्लैक मार्किटिंग पर नजर रखने के लिए कमेटियों का किया गठन, अधिकारी नियमित रुप से चैकिंग अभियान चलाकर रिपोर्ट भिजवाना करे सुनिश्चित

सिरसा 21 नवम्बर। उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशानुसार जिला सिरसा में यूरिया व डीएपी उर्वरकों की ब्लैक मार्किटिंग, चोरी, दैनिक उपलब्धता व खपत, खरीददारों द्वारा बड़ी/एकाधिक खरीद पर नजर रखने के लिए जिला, उपमंडल व ब्लाक स्तर पर अधिकारियों की कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां संबंधित विषय पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक्शन टेकन रिपोर्ट उप-निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय मे भिजवाना सुनिश्चित करेंगी व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी इस रिपोर्ट को निरंतर हरियाणा सरकार को भिजवाना सुनिश्चित करेंगे।उपायुक्त प्रदीप कुमार ने शनिवार को जारी आदेशों में कहा कि जिला स्तर की कमेटी में अतिरिक्त उपायुक्त सिरसा, उप पुलिस अधीक्षक (हैड क्वार्टर) व उप-निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सिरसा को शामिल किया गया है।

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इसी प्रकार उपमंडल स्तर की कमेटी में संबंधित उपमंडल अधिकारी नागरिक/तहसीलदार/नायब तहसीलदार, उप अधीक्षक पुलिस , उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सिरसा का प्रतिनिधि व ब्लाक स्तर कमेटी में सम्बन्धित क्षेत्र के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, संबंधित एडीओ/बीएईओ/प्रतिनिधि कृषि विभाग सिरसा, संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को शामिल किया गया है।उन्होंने कहा कि ये कमेटियां अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण व छापेमारी कर रासायनिक खादों की कालाबाजारी करने पर वालों पर नजर रखेंगी और नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगी। यदि कोई भी किसान या डीलर इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्घ फर्टिलाईजर मूवमेंट आर्डर, 1973 के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीमें भी यूरिया के अनाधिकृत मूवमेंट पर अंकुश लगाने के लिए जिले में छापेमारी करे इस प्रकार के कार्य में संलिप्त पाए जाने वाले फर्टीलाईजर का खाद लाईसैंस तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की कार्रवाई को अंजाम दे। यदि कोई भी किसान या डीलर इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्घ फर्टिलाईजर मूवमेंट आर्डर 1973 के अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।   

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    उपायुक्त ने बताया कि जिला में बीज व फर्टिलाइजर की कोई परेशानी नहीं है तथा फर्टिलाइजर की आगे भी उपलब्धता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि खाद दूसरे राज्यों में जाए ताकि जिला के किसानों को खाद के लिए किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।