बेर के बाग के पौधों के फलों की नीलामी 3 दिसंबर को

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से तीन महान शख्सियतों, महान लेखक व पत्रकार बाबू लाल मुकंद गुप्त महाकवि की प्रतिमाओं का लोकार्पण किया।

पंचकूला, 18 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से तीन महान शख्सियतों, महान लेखक पत्रकार बाबू लाल मुकंद गुप्त, जन जन में अपनी रागनियों के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को स्पंदित करने वाले लोक सूर्य कवि पंडित लखमीचंद जी और संत कवि सूरदास जी भारतीय संत परंपरा एवं कृष्ण काव्य के महाकवि की प्रतिमाओं का लोकार्पण किया।

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इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि हरियाणा की पावन भूमि पर तीनों विभूतियों ने जन्म लिया। प्रत्येक हरियाणवी के लिये गर्व की बात है। सूरदास जी जन्म से अंधे होते हुए भी उन्होंने एक लाख से अधिक पदों की रचना की। कलम के तीखे तेवरों से ब्रिटिश समा्रज्यवाद को चुनौति देने वाले बाल मुकुंद गुप्त ने युवाओं में देशभक्ति की भावना पैदा की। जन जन में अपनी रागनियों व सांग के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को स्पंदित करने वाले लोक कवि पंडित लखमीचंद जी ने हरियाणा की इस माटी की सोंधी गंध में जन्म लिया है। तीनों महाविभूतियों ने समाज को अपने रचनाओं, साहित्य व काव्य और लेखनी से प्ररेणा दी। इन तीनों महाभूतियों को सदियों तक याद रखा जायेगा। आने वाली पीढ़ी के लिये भी ये प्रेरणा के स्त्रोत रहेंगे।


अतिरिक्त मुख्य सचिव पब्लिक रिलेशनस धीरा खंडेलवाल ने बताया कि तीनों महान शख्सियत बाल मुकंद गुप्त, लोककवि लखमीचंद व कवि सूरदास जी हरियाणा के सोनीपत, फरीदाबाद और रेवाड़ी में जन्में थे। बाल मुकंद गुप्त जी अनुवादक, संस्थापक, देश प्रेम जगाने वाली शख्सियत थे। उन्होंने कहा कि श्री गुप्त ने हम सभी में जन्म भूमि से प्यार करने की प्रेरणा दी और जीवन में ऐसे कार्य करें, जिससे हम अमर हो जाये। लोक कवि पंडित लखमीचंद जी के सांग और लोकगीत पूरे देश में प्रसिद्ध हुए। सूर्य कवि सूरदास जी कृष्ण महाकाव्य के रचियता है। उन्होंने हिंदी साहित्य को नया आयाम दिया। उन्होंने इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के मसीहा गुप्त जी, की गुड़ियानी और गुमनामी की पीर नामक पुस्तक का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि हरियाणवी भाषा आज भारत में ही नहीं विश्व में भी बोली जाती है। बाॅलीवुड की फिल्मों व नाटकों में तो हरियाणवी संस्कृति विशेषतौर पर देखने को मिलती है। उन्होंने तीनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं को बनाने वाले रामकुमार वर्मा की भी प्रशंसा की।

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इस अवसर पर साहित्य कला अकादमी के निदेशक डाॅ. चंद्र त्रिखा ने पंडित लखमीचंद जी और सूर्य कवि सूरदास जी और बाबू लाल मुकंद गुप्त जी के योगदान का वर्णन किया। उन्होनंे कहा कि तीनों महाविभूतियां हमारे लिये वंदनीय है और तीनों ही हमारे जीवन की धड़कनों में बसती हैं। करोना काल खत्म होते ही साहित्य अकादमी इन तीनों कालजयी साहित्यकारों की जन्मस्थलियों की साहित्यक यात्रा का आयोजन करेगी। मुझे इस बात की खुशी है कि आज सूर्य कवि लखमीचंद जी के पडपोत्र विषणुदत जी और बाबू बाल मुुकंद गुप्त के गांव गुड़ियानी एवं रेवाड़ी से उनके साहित्यिक वंशज सत्यवीर नाहड़िया हमारे बीच उपस्थित है। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने करोना महामारी के दौर के खत्म होने के बाद तीनों महाविभूतियों के पैतृक गांव में जाने का भी वायदा किया।


इस मौके पर उपायुक्त पंचकूला मुकेश कुमार आहूजा, एसडीएम रिचा राठी, धरोहर संग्रहालय कुरूक्षेत्र के महासिंह पूनिया, केंद्रीय साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक आदि गणमान्य व्यक्ति व साहित्यकार  उपस्थित थे।

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Result May /September-2020

Chandigarh November 18, 2020

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This is to inform that the result / evaluation sheet of examination May /September, 2020 of the following courses have been declared/made public today.

1.      B.Voc-(Food Processing and Preservation)-6th Semester,Sept-2020

2.      M.Sc-Nuclear Medicine-2nd Semester,May-2020

3.      Post Graduate Diploma in Buddhist Studies,May-2020

4.      MA-(Indian Classical Dance)-4th Semester,September-2020

5.      Certificate Course in Tibetan,September-2020

6.      Diploma in Tibetan,September-2020

7.      M.Sc-(Cosmetology & Health Care)-2nd Semester,May-2020

The same can be seen at the respective Departments/Colleges or Panjab University website.

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बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में कारगर साबित हो रही है सुकन्या समृद्धि योजना : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 18 नवंबर।

जीरो से 10 वर्ष की बेटी का किसी भी डाकघर या बैंक में खुलवा सकते हैं खाता


              उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को साकार रूप देने के लिए भारत सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना कारगर सिद्ध हो रही है। इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि बेटी की उच्च शिक्षा के लिए तथा उसके विवाह के समय सहायक सिद्ध होगी। आमजन को इस योजना का लाभ डाकघरों व बैंकों के माध्यम से दिया जा रहा है।

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                  उपायुक्त ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कोई भी माता-पिता अपनी बेटी के नाम पर किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में खाता खुलवा सकता है। अधिकतम दो बच्चियों के नाम पर खाता खुलवाया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत दस साल तक की आयु की बच्ची के नाम पर अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इस स्कीम में 15 साल तक निवेश किया जा सकता है। अगर बेटी की उम्र 18 साल हो जाती है और उसे पढ़ाई या उसकी शादी के लिए पैसों की जरुरत है तो जमा राशि की 50 फीसदी तक राशि निकाल भी सकते हैं। बेटी के 21 साल के होने पर खाते को बंद किया जा सकता है।


                  उन्होंने बताया कि योजना के तहत 0 से 10 वर्ष तक की उम्र में बेटी का खाता खुलवाया जा सकता है। किसी भी अधिकृत बैंक की शाखा या डाकघर में इस स्कीम के लिए खाता खुलवा सकते हैं। इसमें हर महीने कम से कम 250 रुपये और साल में अधिकतम 1.50 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं। लेकिन हर साल अपना खाता चालू रखने के लिए न्यूनतम निवेश बरकरार रखना होगा। योजना के अंतर्गत इस समय 7.6 फीसदी का ब्याज सरकार की ओर से मिलता है। हर साल न्यूनतम 250 रुपये जमा नहीं करने पर आपका अकाउंट डिस्कंटीन्यू कर दिया जाता है और न्यूनतम रकम के साथ 50 रुपये की जुर्माने के भुगतान के बाद इस अकाउंट को फिर से जारी रखा जा सकता है।

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                  उन्होंने बताया कि जरुरत पडऩे पर बेटी की उच्च शिक्षा के लिए आंशिक राशि निकाली जा सकती है। इसके अलावा इंट्रा ऑपरेटेबल नेट बैंकिंग व इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) के माध्यम से खाते में रुपये जमा करवाने की सुविधा भी उपलब्ध है। सुकन्या समृद्धि अकाउंट स्कीम में खाते में माता-पिता व संरक्षक द्वारा किया निवेश धारा 80 सी के तहत आयकर से छूट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 22 जून 2015 को पानीपत से सुकन्या समृद्धि योजना का शुभारंभ किया था।


इन डाक्यूमेंट की पड़ेगी जरुरत :


                  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेेने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र, कानूनी अभिभावक के दो फोटो आवश्यक दस्तावेज हैं तथा सुकन्या समृद्धि अकाउंट की शुरुआती जमा राशि के साथ खोला जा सकता है। किसी महीने या किसी वित्तीय वर्ष में जमा राशि की कोई सीमा नहीं है। सुकन्या समृद्धि योजना लड़कियों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। कन्या के वयस्क होने तक उसके अभिभावक द्वारा कन्या के नाम पर खाते में नियमित रूप से पैसे की बचत के साथ लड़की के लिए एक निश्चित वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। 

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Mayor launches issuance of clearance certificate facility on property tax

Chandigarh, November 18:- Smt. Raj Bala Malik, Mayor, Chandigarh today launched the facility of issuing clearance certificate in respect of residential property tax paid by the residents of Chandigarh without making any request.

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While launching this facility at command and control centre at MCC office premises in presence of Sh. K.K.Yadav, IAS, Commissioner, Sh. Anil Kumar Garg, Additional Commissioner, the Mayor said that the Corporation will issue near about 80000 certificates within 2 months time frame.

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She said that people can now deposit their Property tax dues & simultaneously get the clearance certificate without making any request.

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Mayor launches e-Awas scheme for government houses of MC pool

Chandigarh, November 18:- Smt. Raj Bala Malik, Mayor, Chandigarh today launched eAwas scheme for government houses of MC pool at command and control centre, MCC office premises in presence of Sh. K.K. Yadav, IAS, Commissioner, Sh. Anil Garg, Additional Commissioner and other concerned officers of MCC.

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While speaking on the occasion the Mayor said that the employees of Municipal Corporation can now submit their Online application for allotment/change/mutual exchange of MC Pool Houses through website www.eawas.mcchandigarh.gov.in/ of duly filled in and forwarded by the Head of Department/Head of Office. The applications received under this Rule on or before 20th day of a Calendar Month will be considered for allotment in the succeeding month. The applications received on 21st day to the last Month will be considered for allotment in the succeeding month. The applications received on 21st day to the last date of a calendar month will be entertained/considered for allotment after the succeeding month.

Sh. K.K. Yadav, IAS, Commissioner, MCC said that the application form will be examined by the House Allotment Committee, MCC. In case of incomplete application form or the application form of ineligible applicants the case will be rejected straight way by the House Allotment Committee and the applicant will require to submit afresh Online application on the official website. After considering the eligible applications, the seniority lists shall be updated every month, on the website. The eligible applicant will be able check the status of his/her seniority list of type of house for which he/she has submitted the online application. Henceforth, the manual allotment will not be done and existing manual application pending in HAC, MCC is hereby quashed, he added.

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                   Online update report of vacant Government houses fit for allotment/fit for occupation, belonging to MC Pool will be updated to enable the eligible applicants to ascertain the vacancy report of Government houses. The procedure for allotment is as under:-

1.    The allotment of vacant Government houses will be made through the “bidding system” every month.

2.    The eligible applicants existing in the current seniority list will submit maximum three options/bids for allotment of a Govt. house of the type applied for from 1st to 8th of every month.

3.    The allotment of Government houses shall be made to the senior most applicant keeping in view their bids as per seniority list. The applicants, who are not allotted Govt. houses after bidding, shall have the option to submit/exercise their bid from 1st to 8th of the succeeding month of the calendar year.

4.    No allotment will be made to the eligible applicants who have not participated in the “bid” for allotment of Government house and no written request for allotment of particular houses shall be entertained/ considered by the House Allotment Committee, Chandigarh, in future.

5.    The intimation with regard to the allotment of Government houses to the successful applicant by way of bidding system will be given through SMS.

6.     After getting the allotment order of the Government house, the applicant shall contact the Work Inspector, Occupation/Vacation of the area concerned for taking over the possession of the allotted house within 14 days from the date of issue of the allotment order.

The Mayor and Commissioner also declared result for the online applications received from all employees during the period of 1st to 8th November, 2020 and today on dated 18.11.2020 at 12.00 noon.

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Art and Literature in the Age of Technology Discussed by PUAA

Chandigarh November 18, 2020

Panjab University Alumni Association, in collaboration with Department of English and Cultural Studies, under the stewardship of Prof. Deepti Gupta, Dean Alumni Relations organized a web lecture on “Art and Literature in the Age of Technology” by Sh. Rajan Kashyap and Prof. Gurdeepak Singh . This was clubbed with  an inaugural session for the new batch of MA English students.

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Prof. Deepti Gupta, Dean Alumni Relations and Chairperson, Department of English and Cultural Studies welcomed the students and introduced Prof. Pratibha Nagpal, Dr. Meenu Gupta, Prof. Akshay Kumar and Mr. Sudhir Mehra to the students. . Prof. Gupta, while welcoming the  students , informed them about the syllabus, timetable, subject specialisations, career choices, assessments and the department library. She urged the students to be punctual in online classes too and attended to their queries

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Mr Rajan Kashyap,IAS,(Retd), former  Chief Secretary, Govt. of Punjab discussed how various writers and philosophers like Yuval Noah Harari in Homo Deus and Aldous Huxley in Brave New World predicted the breakneck speed of technology and its application to every aspect of human activity. For this we would survey very briefly the role that art and literature played historically even as economic and technological change was in progress. He quoted one of India’s great philosophers, Professor Sarvapalli Radhakrishnan and said “In spite of the fact that the great scientific inventions have liberated us from servitude to nature, we seem to suffer from a type of neurosis, from cultural disintegration. Science has relieved us of grinding poverty, mitigated the tortures of physical pain. Yet we suffer from an inward loneliness.” He did a critical survey of literature and how it changes with trends in society. He discussed Indian literary texts like the Vedas and Upnishads, western philosophers like Plato and Aristotle. He discussed different literary ages and the influence of the socio economic condition on Art and Literature.

Prof. Gurdeepak Singh,  Professor and Director – International Education, Gian Jyoti Group of Institutions, Mohali, discussed the impact of the changing environment, driven by technology, on creativity and vice versa. He discussed the digitisation of Arts and how technology has made available new tools for expression. In this however, some bad art is also being created. The brush pen charcoal is being replaced by a click of the mouse. Sometimes the Art upon conclusion is very different from the Artist’s conception. He said that Technology and Art will be engineering our future. He then discussed the hope and direction for Art and Literature and said that restoration of nature’s balance, psychology, separation, loss, death, disillusion with advance and optimism through faith will be a recurrent theme with the writers and artists the world over. Mr Rajan Kashyap concluded the webinar with his own very touching poem titled ‘My Very Own Prison’ that tells us about how a person feels in the present pandemic.

Earlier,Ms Sonia Chandel from PUAA introduced the guest speakers Sh Rajan Kashyap and Prof. Gurdeepak Singh to all the participants. Both the speakers were alumni of Panjab University.

Mr Rajan Kashyap was a member of Indian Administrative Service from 1965 to 2003. He is an Alumnus of the Department of English and cultural studies. He got first position in his Masters in 1963 and taught in the department as a tutor for two years. He then joined civil services and has held many important appointments like Deputy Commissioner, Ropar; Deputy Secretary, Ministry of Home Affairs, Govt. of India; Secretary to Governor, Punjab; Managing Director, MARKFED; Principal Secretary, Government of Punjab, for various departments, Finance, Health, Science, Technology, Environment, Technical Education etc. and Chief Secretary, Govt. of Punjab.

She informed that Prof. Gurdeepak Singh has worked as Senior Scientific Officer with Punjab State Science & Technology, worked in Government of Punjab for computerization of State Assembly Budget, was Regional Director for bksb, skills anytime, India – subsidiary of West Nottinghamshire College, UK(an online English eLearning tool, designed to help people improve their English). He has been instrumental in setting up International Education ventures in India. He is on the advisory panel of different National and International Tertiary Education Institutions. 

The webinar aimed to consider the place of art and literature in the technology driven world of today.

There was a very interesting interactive session with the students later on where they asked many questions from the speakers. Prof. Akshay Kumar proposed a vote of thanks.

बेर के बाग के पौधों के फलों की नीलामी 3 दिसंबर को

Webinar by Philosophy Deptt,PU

Chandigarh November 18, 2020

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A Two-Day (17th-18th Nov) National Webinar  on Shrii Shrii  Anandamurtiji’s Contribution to Philosophy, Science, Neo-humanism, Economics and Neo-humanist Education has been  jointly organised by The Department of Philosophy, Panjab University, Chandigarh and Renaissance Universal (RU).

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The Webinar was inaugurated by Prof. Saket Kushwaha, Vice-chancellor, Rajiv Gandhi University, Arunachal Pradesh on 17th Nov. Dr. Shivani Sharma, Chairperson, Department of Philosophy, Panjab University delivered introductory and Welcome Speech.  She told that Shrii Prabhat Ranjan Sarka popularly known as Shrii Shrii Anandamurtiji was a great Indian Philosopher and the founder of Ananda Marga Pracaraka Samgha, a world-wide spiritual organization dedicated for spiritual upliftment of human society. He left behind a vast legacy, including over 500 books written on a wide variety of topics. He wrote books on sociology, agriculture, environment, ethics, psychology, history, literature, education, medicine, cosmology, and philosophy, also notably founding the philosophy of ‘Neohumanism’ in 1982 and the ‘Theory of Microvita’ in 1986. In his Theory of Microvita, Sarkar “believed that the atoms and the subatomic particles throughout the boundless universe are imbued with life”.

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 Prof Saket Kushwaha delivered the inaugural speech and told that Shrii Shrii Anandamurtiji was a versatile genius. He has written  books on multifarious subjects for the upliftment of the society . He also promised on behalf of his University that we will start research work on Ananda Marga and the contributions  of Shrii Shrii Anandamurtiji. 

The program started with singing of Prabhat Samgiita by Dr.Maneesha Kulkarni, Department of Music, University of Mumbai and She also briefly highlighted the role of Prabhat Samgiita for the new generation. She expressed her views about Prabhat Samgiita and told that its lyrical excellence and melodious beauty is unparalleled.  Dr. Godabarish Mishra, formerly Professor of Philosophy, Madras University presided over the Webinar. On this occasion, Acharya Divyachetanananda Avadhuta, Central RU Secretary, 

 Dr.Surendra Mohan Mishra, Director, Bharat Ratna, Gulzari Lal Nanda, Centre for Ethics and Philosophy, KU, Prof. Ramnath Jha, School of Sanskrit and Indic Studies, Jawaharlal Nehru  University, Delhi, Prof. Bibha Agrawal, Department of Sanskrit, KU, Dr.Bhagyashree Verma, Associate Professor, Department of English, University of Mumbai and   Dr. Anil Pratap Giri, Associate Professor, Department of Sanskrit, Mahatma Gandhi Central University, Motihari, Bihar were the main speakers today. They spoke on Shrii Shrii Anandamurtiji’s contribution to  philosophy based on Ananda Sutram, Neohumanism, ethics and Music respectively. Today Prabhat Khabar from Kolkata and Jharkhand, Jagruk Times from Mumbai and Jaipur, Samachar Jagat from Jaipur and Global Herald from Indore and Bhopal published the said news on 18th November.

बेर के बाग के पौधों के फलों की नीलामी 3 दिसंबर को

ऑनलाईन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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सिरसा, 18 नवंबर………….जिला की सीआईए सिरसा पुलिस ने महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कारवाई करते हुए ऑनलाईन ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है । इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जिला पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को काबू कर उनके कब्जा से अवैध 280 सिम, 11 मोबाईल फोन व एक लैपटोप बरामद किया है । उन्होंने बताया है कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान रमेश कुमार पुत्र रामेश्वर, विनोद कुमार पुत्र राजबीर निवासियान डिंग मंडी, सुभाष पुत्र महेंद्र सिंह व राजेश पुत्र राम सिंह निवासियान गांव दैय्यड़ जिला फतेहाबाद के रूप में हुई है । उन्होंने बताया कि अभी तक पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी विभिन्न कंपनियों के सिम जाली दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त करके उन मोबाईल सिमों के माध्यम से अमेजॉन, धनी, पे-जैप जैसी ऑनलाईन कंपनियों द्वारा आमजन को नगद राशि के रूप में दिए जाने वाले लाभ को स्वंय प्राप्त कर ठगी करते थे । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पैक्टर नरेश कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम जिसमें उप निरीक्षक अजय कुमार व सहायक उप निरीक्षक तरसेम सिंह, प्रधान सिपाही सुनील कुमार, सिपाही मंदरूप सिंह, सिपाही सुनील कुमार को महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि कुछ लोग डिंग मंडी क्षेत्र में बाहर से फर्जी आईडी पर सिम लाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऑनलाईन ठगी का धंधा कर रहे हैं । इस आशय की सूचना पाकर सीआईए की पुलिस टीम ने उक्त स्थान पर दबिश देकर चार आरोपियों को मौका से  सिम, मोबाईल फोन व लैपटोप के साथ काबू कर लिया । उन्होंने बताया कि पकड़े गए चारों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर रिमांड हिरासत पुलिस हासिल किया जाएगा । पुलिस हिरासत अवधि के दौरान पकड़े गए आरोपियों से इस बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी और इस अवधि के दौरान काफी संख्या में सिम, मोबाईल फोन, जाली दस्तावेजों व अन्य सामान बरामद होने तथा गिरोह के अन्य साथियों की गिरफ्तारी होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता और इस नेटवर्क से संबंधित बहुत बड़े गिरोह का खुलासा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता । इस गैर-कानूनी कार्य में संलिप्त पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी ।

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बेर के बाग के पौधों के फलों की नीलामी 3 दिसंबर को

सांसद सुनीता दुग्गल क्षेत्र की सुख-स्मृद्धि व कोरोना मुक्ति के लिए 20 को करेंगी हवन-यज्ञ

सिरसा, 18 नवंबर।

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                 लोकसभा सांसद सुनीता दुग्गल सिरसा क्षेत्र की कोरोना से मुक्ति तथा लोगों की सुख-स्मृद्धि खुशहाली के लिए 20 नवंबर को दोपहर 2.30 बजे रंगड़ी रोड़ स्थित शिवपुरी में हवन-यज्ञ करेंगी। इस दौरान लोकसभा क्षेत्र के लोगों के सुखमय व खुशहाल जीवन के लिए भगवान से प्रार्थना की जाएगी।

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 यह जानकारी देते हुए सांसद के निजी सचिव मुकेश मोहर ने बताया कि सांसद सुनीता दुग्गल 20 नवंबर को सिरसा के शिवपुरी में हवन-यज्ञ करेंगी। हवन-यज्ञ कर कोरोना महामारी से मौत का ग्रास बन चुकी दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोसद हवन-यज्ञ कर क्षेत्र के लोगों के सुख-समृद्धि व सुखमय जीवन की कामना करेंगी। 

बेर के बाग के पौधों के फलों की नीलामी 3 दिसंबर को

अधिकारी-कर्मचारी गंभीरता से पूरा करें ई-फाइल प्रणाली प्रशिक्षण : सिटीएम

सिरसा, 18 नवंबर।

सिटीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने लिया ई-फाइल प्रणाली का प्रशिक्षण


                राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत जिला के विभागों में ई-फाईल प्रणाली सिस्टम लागू होगा, जिसके बाद इन विभागों में स्वचालित तरीके से फाईलों का प्रबंधन किया जाएगा। ई-आफिस मिशन मोड प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के लिए लघु सचिवालय स्थित सभागार में सिटीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनआईसी की ओर से अधिकारियों/कर्मचारियों को ई-फाइल प्रणाली बारे प्रशिक्षण दिया और उन्हें बताया कि किस प्रकार से फाईलें भेजी जानी हैं। इस अवसर पर सीएमजीजीए सुकन्या जर्नादन, डीआईओ एनआईसी रमेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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                नगराधीश संदीप कुमार ने कहा कि कार्यालयों में भौतिक रूप से फाईलों तथा कागजों का प्रबंधन करने में काफी समय लग जाता था, लेकिन अब ई-फाइल प्रणाली के तहत यह कार्य होगा, जिससे समय तथा श्रम शक्ति की बचत होगी और लोगों को भी काफी सहूलियत हो जाएगी।  इस प्रणाली में कार्य को तय समय में निपटान को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होगी। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी गंभीरता से प्रशिक्षण कार्य पूर्ण करें।

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