First meeting of Interdisciplinary Task Force Held

उपायुक्त ने बताया जिला की रायपुररानी, बरवाला व पंचकूला सहित तीनों मंण्डियों में धान की आवक तेजी से जारी है अब तक किसानों के 1 लाख 14 हजार 929 मिट्रिक टन धान की खरीद जा चुकी है।

पंचकूला 4 नवम्बर- उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया जिला की रायपुररानी, बरवाला पंचकूला सहित तीनों मंण्डियों में धान की आवक तेजी से जारी है अब तक किसानों के 1 लाख 14 हजार 929 मिट्रिक टन धान की खरीद जा चुकी है।

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उपायुक्त ने बताया कि उपायुक्त ने बताया कि पंचकूला में 23365 मिट्रिक टन, रायपुररानी में 35114 मिट्रिक टन व बरवाला में 56450 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

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उपायुक्त ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर धान का उठान एवं खरीद का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए है। अब तक खरीदे गए धान में से एक लाख 10 हजार 154 मिट्रिक टन का उठान किया गया तथा शेष धान का उठान कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए उचित दूरी का पालन करते हुए जिला की इन मण्डियों में धान की खरीद युद्ध स्तर पर की जा रही है।

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नगर निगम, पंचकूला द्वारा शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों को बदल कर एल.ई.डी लाइटें लगाई जाएगीं। इसके लिए सर्वे अभियान युद्व स्तर पर जारी है।

पंचकूला 4 नवम्बर- नगर निगम, पंचकूला द्वारा शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों को बदल कर एल.ई.डी लाइटें लगाई जाएगीं। इसके लिए सर्वे अभियान युद्व स्तर पर जारी है।

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नगर निगम आयुक्त आर के सिंह ने इस संबध में जानकारी देते हुए बताया कि इस दिशा में शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक एंड इंडस्ट्री लिमिटेड जयपुर को वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पंचकूला नगर निगम क्षेत्र में इस फर्म द्वारा 4 नवम्बर से सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। फर्म एलईडी लाईटें लगाने के सर्वे कार्य को 25 नवम्बर तक पूर्ण करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। फर्म द्वारा सर्वे कार्य पूरा करने के उपरांत स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य की डीपीआर तैयार की जाएगी।


निगम आयुक्त ने बताया कि डीपीआर की जांच करने के बाद टैंडर कार्य का प्रोसेस पूरा किया जाएगा। इस प्रकार नए साल के जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में निगम दायरे में एलईडी लाइटों को बदले जाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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पंचकूला विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के पुर्नरीक्षण का कार्य सुचारू ढंग से सम्पन्न करने एवं बीएलए की नियुक्ति करने में सहयोग करने के लिए 10 नवम्बर को जिला के सभी राजनैतिक पार्टियांे के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।

पंचकूला 4 नवम्बर- उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेष कुमार आहूजा ने बताया कि कालका पंचकूला विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के पुर्नरीक्षण का कार्य सुचारू ढंग से सम्पन्न करने एवं बीएलए की नियुक्ति करने में सहयोग करने के लिए 10 नवम्बर को जिला के सभी राजनैतिक पार्टियांे के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।

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उपायुक्त ने बताया कि जिला सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में स्पेषन समरी रिवीजन 2021 कार्य एक जनवरी 2021 को अर्हक तिथि मानकर 16 नवम्बर से 12 दिसम्बर तक किया जाएगा। इस बारे विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों के इस कार्य के प्रचार प्रसार व सहयोग के लिए राजनैतिक पार्टियों द्वारा बीएलए नियुक्त किए जाने है। इसके लिए जिला स्तरीय प्रधानों, सचिवों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में उनके सुझाव भी लिए जाएगें।

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उन्होंने बताया कि रिविजन कार्य के तहत 15 नवम्बर तक एक से 8 नम्बर तक फोरमेट व सप्लीमेंट ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। इसके बाद 16 नवम्बर से मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रकाषित ड्राफ्ट के विरूद्व 16 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक दावे एवं आपतिंया दर्ज की जाएगी। इनमें 28 व 29 नवम्बर एवं 12 व 13 दिसम्बर को मतदाताओं के वोट बूथ लेवल पर बनाने का स्पेषल अभियान चलाया जाएगा।


उपायुक्त ने बताया कि 5 जनवरी तक दावे एवं आपतिंयों का निपटारा किया जाएगा तथा 15 जनवरी 2021 को पंचकूला व कालका विधानसभा की फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाषन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कालका विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 79 हजार 56 मतदाता है जिनमें 94455 पुरुष एवं 84582 महिलाएं षामिल है। इसी प्रकार पंचकूला विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 11 हजार 780 पुरुष एवं 99 हजार 267 महिलाओं सहित दो लाख 11 हजार 70 मतदाता है। इस प्रकार दोनों हलकों मंे 3 लाख 90 हजार 126 मतदाता है जिनमें दो लाख 6 हजार 235 पुरुष एवं एक लाख 83 हजार 849 महिला मतदाता है।

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धूमधाम से मनाया गया गंगा उत्सव

देश के कई शहरों में आयोजित किए गए कार्यक्रम

पंचकूला 4 नवंबर 2020, नमामि गंगे और जल शक्ति मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित किए गए तीन दिवसीय गंगा उत्सव कार्यक्रम का तीसरे दिन भी बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने रग रग में गंगा सीजन 1 में अपने काम करने के अनुभवों को साझा किया। वहीं, गंगा गान तैयार करने वाले त्रिचुर बदर्स ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिती दर्ज कराई।

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गंगा उत्सव के तीसरे दिन के कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों के मंत्रियों और राज्यों के प्रमुखों ने वर्चुअल तरीके से शिरकत की। जल शक्ति राज्यमंत्री श्री रतन लाल कटारिया ने कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए कहा कि माँ गंगा की महिलाओं का वर्णन करने वाले इस गंगा उत्सव को देश भर में बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होने बताया कि फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के द्वारा आज न केवल देश से बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग इस उत्सव से जुड़ रहे हैं। इन 6 सालों में यह कार्यक्रम आम जन के बीच इतना लोकप्रिय हो गया है कि लोग अलग अलग तरह से इससे जुड़ रहे हैं. युवा नदियों की स्वच्छता से जुड़ रहे हैं, जोकि बहुत ही हर्ष का विषय है। वहीं, कार्यक्रम में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, मुझे उम्मीद है कि इस बार ज्यादा से ज्यादा लोग गंगा उत्सव में शामिल होकर जांकारीयन प्राप्त करेंगे और उसे अन्य लोगों से भी साझा करेंगे।

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गंगा उत्सव के तीसरे दिन की थीम यह रही कि नमामि गंगे के साथ मिलकर काम करने से उनके भीतर किस तरह के बदलाव आए हैं और माँ गंगा के साथ उनका बंधन कितना अटूट हुआ है। इस सवाल के जवाब पर अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने रिचा अनिरुद्ध को बताया कि मैंने यह काम का पेशेवर के रूप में शुरू किया था, लेकिन समय बीतते माँ गंगा के प्रति मेरे नजरिए में कई सार्थक बदलाव आए और ये मेरे लिए जीवन बदलने वाला अनुभव बन गया। उन्होने आगे बताया कि रंग राग में गंगा का पहला सीजन डीडी नेशनल द्वारा प्रसारित किया गया था, और 3 महीने से कम समय में ही इस शो ने देशभर के 16 मिलियन से अधिक दर्शकों तक अपनी पहुँच बना ली। उन्होने बताया कि इस शो का मुख्य उद्देश्य भारत के लोगों को अपने समृद्ध इतिहास और संस्कृति के माध्यम द्वारा गंगा नदी से जोड़ना है।


सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा कि गंगा उत्सव जैसी पहल लोगों को नदी से जोड़ने में बहुत ही महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होने कहा कि हमारी नई पीढ़ी को गंगा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में पूर्ण रूप से समर्पित होने की जरूरत है। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी मां गंगा की भव्यता और महिमा को उसी तरह से जान सकें जैसी कि हमारे पूर्वज उन्हें जानते थे।


गंगा डायलॉग सेगमेंट में पदम भूषण पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने नदियों के महत्व और उन्हें संरक्षित करने के महत्व को समझाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को नदी से किसी भी तरह का लाभ नहीं होता लेकिन लोगों को जरूर होता है, इसलिए उन्हें इसके संरक्षण में शामिल होने की जरूरत है।
कहानी जंक्शन में योर स्टोरी बैग की कहानियों ने दर्शकों को एकदम बांधे रखा। इस दौरान योर स्टोरी बैग से गरिमा और कमल ने कठपुतली शो के जरिये जल संरक्षण का एक अनमोल संदेश दिया। इसके अलावा लाइफ इन रिवर, वी शेयर दि सेम रिवर और दि रिवर ऑफ टुमोरो जैसी शानदार कहानियाँ सोच बदल देने वाली रहीं।

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उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि जिला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक लिए गए नमूनों अनुसार बुधवार को 63 नए पोजिटिव मामले सामने आए है।

पंचकूला 4 नवम्बर- उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि जिला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक लिए गए नमूनों अनुसार बुधवार को 63 नए पोजिटिव मामले सामने आए है। इनमंें 33 पंचकूला से सबंधित है।

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उपायुक्त ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक जिला में 9570 नमूने लिए गए हैं इनमें से पंचकूला के 7264 मामले पोजिटिव पाए गए है। जिला में अब तक स्वास्थ्य विभाग के सार्थक प्रयासों सें 6896 रोगी ठीक हो गए हैं तथा अब केवल जिला में 252 एक्टिव मामले षेष रह गए है। उन्हांेने बताया कि विभाग द्वारा जिला में 93194 से अधिक आरटीपीसी नमूने लिए है।

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उपायुक्त ने बताया कि कालका, एमडीसी-5, मंढावला, रैली, सुरजपुर, सैक्टर 4, 7, 11, 12 व 27 में एक एक मामले पोजिटिव पाए गए है। इसी प्रकार सैक्टर 8, व 19 में दो दो, एंव पिंजौर, सैक्टर 21, व 25, तथा 15, में चार एवं सैक्टर 20 में 6 ममाले पोजिटिव पाए गए है।

संत कबीर दास जी की जयंती के उपलक्ष पर पंचकूला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम

नगर परिषद मतदाता सूचि के संबंध में 11 नवंबर तक दर्ज होंगे दावे व आपत्तियां, 5 दिसंबर को होगा अंतिम प्रकाशन

सिरसा, 4 नवंबर।

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                 एसडीएम जयवीर यादव ने बताया कि सिरसा नगर परिषद द्वारा वार्ड नंबर 29 के उप चुनाव के मद्देनजर सभी वार्डों की मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाशन 5 नवंबर को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूचियों के संबंध में दावे व आपत्तियां 11 नवंबर तक प्राप्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्राप्त सभी दावे व आपत्तियों का निपटान समीक्षा समिति द्वारा 19 नवंबर तक किया जाएगा।

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                  उन्होंने बताया कि दावे व आपत्तियों के निपटान के संबंध में 24 नवंबर तक उपायुक्त के समक्ष अपील की जा सकती हैं, जिसका निपटान उपायुक्त द्वारा 27 नवंबर तक कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 5 दिसंबर को किया जाएगा।

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गरीब परिवारों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है राशन : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 04 नवंबर।


                  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कोरोना महामारी के चलते गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के माध्यम से निशुल्क राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार द्वारा गुलाबी, पीले व खाकी राशन कार्ड धारकों को गेहूं, बाजरा, चना, नमक व सरसों का तेल आदि खाद्य सामग्री प्रति परिवार के आधार पर दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा अप्रैल से जून 2020 तक नि:शुल्क राशन देने की घोषणा की गई थी, जिसे बाद में बढ़ा कर नवंबर 2020 कर दिया गया था।

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                  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि केवल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नवंबर 2020 तक गेहूं व चना का वितरण निशुल्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा खाद्य अधिनियम 2013 के तहत गुलाबी, पीले व खाकी राशन कार्डधारकों को वितरित किए जाने वाले गेहूं 2 रुपये प्रति किलो, बाजरा एक रुपये प्रति किलो, चीनी 13.50 रुपये प्रति किलो, सरसों का तेल 20 रुपये प्रति लीटर व नमक 6 रुपये प्रति किलो इत्यादि के वितरण पर निर्धारित मूल्य लाभार्थियों से लिया जा रहा है, जोकि पहले की भांति रियायती दरों पर ही लाभार्थियों को उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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                  उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गुलाबी रंग के राशन कार्ड धारक 5 किलोग्राम गेहूं प्रति सदस्य व एक किलोग्राम निशुल्क चना प्रति परिवार के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त इन्हें 25 किलोग्राम गेहूं 2 रुपये प्रति किलो, 10 किलोग्राम बाजरा प्रति कार्ड एक रुपये, एक किलो चीनी 13.50 रुपये प्रति किलो, 2 लीटर सरसों का तेल प्रति परिवार 20 रुपये प्रति लीटर व नमक 6 रुपये प्रति किलो शुल्क पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीले रंग के राशन कार्ड धारक 5 किलोग्राम गेहूं प्रति सदस्य व एक किलोग्राम निशुल्क चना प्रति परिवार के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त इन्हें 3 किलोग्राम गेहूं 2 रुपये प्रति किलो, 2 किलोग्राम बाजरा एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर प्रति सदस्य, एक किलो चीनी 13.50 रुपये प्रति किल, 2 लीटर सरसों का तेल प्रति परिवार 20 रुपये प्रति लीटर व एक किलोग्राम नमक 6 रुपये प्रति किलो शुल्क पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाकी रंग के राशन कार्ड धारक 5 किलोग्राम गेहूं प्रति सदस्य व एक किलोग्राम निशुल्क चना प्रति परिवार के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत वितरित किए जाने वाला गेहूं 3 किलोग्राम प्रति सदस्य 2 रुपये प्रति किलो व 2 किलोग्राम बाजरा एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर प्रति सदस्य के हिसाब से दिया जा रहा है।


राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर डिपूधारक के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई : उपायुक्त प्रदीप कुमार


                  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि यदि डिपूधारक इस योजना के तहत वितरित किए जाने वाले राशन पर लाभार्थियों से कोई राशि लेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यदि किसी लाभार्थी को राशन वितरण के संबंध में कोई शिकायत है तो वे संबंधित जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक के कार्यालय में या मुख्यालय पर स्थित राज्य उपभोक्ता सहायता केंद्र के टोल फ्री नम्बर 1800-180-2087, 1967 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।

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किसान पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति हों सचेत : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 4 नवंबर।

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  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हम सभी को अपना सहयोग देना होगा। किसानों को पराली जलाने से उठने वाले धुंए व आग से होने वाले नुकसान को समझते हुए अभी से सचेत होना होगा। पराली जलाकर जहां हम पर्यावरण को दूषित करते हैं, वहीं इससे भूमि की उर्वरा शक्ति को धीरे-धीरे खत्म करने की ओर ले जाते हैं। इसलिए किसान जागरूक हों और पराली को जलाने की बजाए इसका विभिन्न माध्यमों से इसका प्रबंधन करें।


उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं को लेकर सर्वोच्च न्यायालय सख्त है और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं। इन्हीं निर्देशों की अनुपालना में प्रदेश सरकार गंभीरता से जीरो बर्निंग लक्ष्य को लेकर इस दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार के आदेशों के तहत प्रशासन की ओर से पूरा प्रयास है कि जिला में कोई पराली जलाने की घटना न हो। इसके लिए प्रशासन की ओर से तमाम आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जहां गांव स्तर पर पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, वहीं हरसेक के माध्यम से सेटेलाइट द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी पराली जलाने की घटना बारे सूचना मिले तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाए।

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पराली जलाने से होने वाले नुकसान :


उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि पराली जलाने से निकलने वाली जहरीली गैस वातावरण को दूषित करती है। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलने के साथ ही भूमि में स्थित मित्र कीट-पतंगे भी कर जाते हैं। राजमार्गों के साथ लगते खेत में फसल अवशेष जलाने से उठने वाले धुंए के कारण दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। फसल अवशेष के जलाने से उठने वाला धुंआ श्वास, त्वचा तथा आंख की बीमारी होने का खतरा पैदा करता है।


पराली नहीं जलाने से होने वाले फायदे :


उपायुक्त ने बताया कि जहां पराली जलाने से अनेकों नुकसान हैं, वहीं इसका प्रबंधन करने से इससे भी अधिक फायदे है। पराली प्रबंधन के लिए विभिन्न प्रकार की आधुनिक तकनीक के कृषि उपकरण उपलब्ध है, जिनमें एक स्ट्राबेलर मशीन भी है। इस मशीन से पराली की गांठे बनाकर किसी भी उद्योग या फैक्ट्री में बेच सकते हैं। इसके अलावा कृषि उपकरणों द्वारा ही फसल अवशेषों को मिट्टी में ही मिलाकर भूमि की उर्वरा शक्ति को बढाया जा सकता है।


कोई भी पराली जलाने की घटना न होने पर पंचायत होगी पुरस्कृत :


उपायुक्त ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगे और किसान पराली प्रबंधन की ओर अग्रसर हों इसके लिए प्रदेश सरकार पराली न जलाने वाली पंचायतों को पुरस्कृत करेगी। उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं वाले संभावित गांव जो रैड जोन में आते हैं, यदि इन गांवों में फसल अवशेष जलाने का कोई भी मामला सामने नहीं आता है, तो उन गांवों की पंचायतों को तीन से दस लाख रुपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।


 पराली प्रबंधन के लिए मिलेंगे प्रति एकड़ पर एक हजार रुपये या 50 रुपये प्रति क्विंटल :


  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि जो किसान अपने धान की पराली का कृषि यंत्र द्वारा पराली प्रबंधन करवाएगा तो उस किसान को प्रति एकड़ अधिकतम एक हजार रुपये या 50 रुपये प्रति क्ंिवटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए किसान को विभागीय पोर्टल एग्रीहरियाणासीआरएमडॉटकॉम पर अपना पूर्ण विवरण देकर पंजीकरण करवाना होगा। उन्होंने बताया कि किसान यदि औद्योगिक ईकाई में गांठों को बेचता है तो उसे संबंधित औद्योगिक ईकाई से बिल प्राप्त करना होगा। इसके अलावा यदि पंचायत द्वारा उपलब्ध करवाई गई भूमि पर गांठों को एकत्रित करता है तो ग्राम पंचायत एंव विभागीय कर्मचारियों द्वारा उसे सत्यापित प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा जिसे किसान द्वारा उक्त पोर्टल पर अपलोड करना होगा ताकि किसान को पराली प्रबंधन बारे प्रोत्साहन राशि दी जा सके।

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जिला की मंडियों में खरीद कार्य सुचारु, 1,16,511 मीट्रिक टन धान की हुई खरीद : उपायुक्त प्रदीप कुमार

सिरसा, 04 नवंबर।


                  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि मंगलवार तक जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों पर 1,16,511 मीट्रिक टन धान व 5498.7 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की जा चुकी है।

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                  उपायुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि अबूबशहर मंडी में धान की 1968 मीट्रिक टन खरीद, डबवाली मंडी में 36,245 मीट्रिक टन, दड़बी मंडी में 4123 मीट्रिक टन, देसूजोधा मंडी में 1665 मीट्रिक टन, डिंग मंडी में 601 मीट्रिक टन, ऐलनाबाद मंडी में 3149 मीट्रिक टन, कालांवाली मंडी में 25,248 मीट्रिक टन, लोहगढ़ मंडी में 3552 मीट्रिक टन, मौजगढ़ मंडी में 2739 मीट्रिक टन, रानियां मंडी में 5117 मीट्रिक टन, रोड़ी मंडी में 11,381 मीट्रिक टन, सिरसा मंडी में 15,859 मीट्रिक टन, सुरतिया में 4446 मीट्रिक टन तथा थिराज मे 418 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

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                      उन्होंने बताया कि जिला में बाजरा की खरीद भी खरीद केंद्रों पर सुचारु रुप से जारी है। नाथूसरी चौपटा खरीद केंद्र पर 1572 मीट्रिक टन, रानियां खरीद केंद्र में 338 मीट्रिक टन, रोड़ी खरीद केंद्र पर 118 मीट्रिक टन, गोरीवाला खरीद केंद्र पर 320 मीट्रिक टन, सिरसा खरीद केंद्र में 2232.5 मीट्रिक टन तथा ऐलनाबाद खरीद केंद्र में 918.2 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद की है।

संत कबीर दास जी की जयंती के उपलक्ष पर पंचकूला में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : डॉ. आर.पी सिहाग

सिरसा, 4 नवंबर।

संयुक्त निदेशक (कपास) की अध्यक्षता में सहायक पौधा सरंक्षण कार्यालय परिसर में किया गया पौधा रोपण, संयुक्त निदेशक ने लगाई त्रिवेणी


पर्यावरण सरंक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में सभी को मिलकर आगे बढकर पौधारोपण करना होगा। पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेवारी है। स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण का होना बहुत ही जरूरी है। इसलिए सभी लोग पौधारोपण कर पर्यावरण सरंक्षण में अपना योगदान दें।

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यह बात संयुक्त निदेशक(कपास) डॉ. आर.पी सिहाग ने मंगलवार को सहायक पौधा सरंक्षण अधिकारी के कार्यालय परिसर में त्रिवेणी लगाने उपरांत कही। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी कार्यालय परिसर में अपने हाथों से पौधारोपण किया। कार्यालय परिसर में भिन्न-भिन्न किस्म के सैंकड़ों पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर  उप निदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग डा. बाबू लाल, बीज विश्लेषक डा. जितेंद्र अहलावत, सहायक कृषि अभियंता डीएस यादव, कृषि विकास अधिकारी बलराज गौरा, एआई विरेंद्र सिंह, वरिष्ठ आशुलिपिक सुनील यादव  आदि उपस्थित थे।

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संयुक्त निदेशक डा. आर.पी सिहाग ने कहा कि पर्यावरण को सरंक्षित करना हम सबकी जिम्मेवारी है। यह एक सामाजिक सरोकार का कार्य है। पौधारोपण अभियान के साथ सभी को जुडऩा चाहिए और पौधा लगाकर इसमें अपना सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज सहायक पौधा सरंक्षण कार्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को कहा कि वे स्वयं तो पौधारोपण करें ही, दूसरों को पौधोरोपण करने के लिए प्रेरित करें।