पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

बरकरार रहेगा किसानों का एमएसपी का अधिकार, कोई आंच आई तो छोड़ दूंगा पद – दुष्यंत चौटाला

चंडीगढ़, 20 सितंबर। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि केंद्र सरकार के कृषि संबंधित नए अध्यादेशों में कहीं भी फसलों के एमएसपी को समाप्त करने की बात नहीं कही गई है। किसानों की फसल अनाज मंडियों में बिना किसी रूकावट के निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही खरीदी जाएंगी और ज्यादा कीमत का अवसर मिलने पर किसान चाहेंगे तो ओपन मार्केट में भी बेच सकेंगे। जिस दिन अन्नदाताओं को उनकी फसल का एमएसपी देने की व्यवस्था पर कोई आंच आएगी, उसी दिन मैं अपना पद छोड़ दूंगा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों के सवालों के जबाव में ये बातें कही। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी का अधिकार बरकरार रहेगा और इस विषय पर आम लोग किसी के बहकावे में ना आएं।

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अपने कार्यकाल में ओपन मार्केट और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की वकालत करने वाले कांग्रेसी आज क्यूं कर रहे हैं विरोध ? – डिप्टी सीएम

डिप्टी सीएम ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने राजनीतिक स्वार्थ की खातिर भोले-भाले किसानों को गुमराह करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नए अध्यादेशों का विरोध करने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए ना केवल ओपन मार्किट की वकालत की थी बल्कि केंद्र की तात्कालिक मनमोहन सिंह सरकार द्वारा गठित समिति के चेयरमैन के तौर पर इन सिफारिशों पर दस्तख़त भी किए थे। उन्होंने हुड्डा से सवाल किया कि वे किसानों को बताएं कि उनके इस दोगली नीति को अपनाने के पीछे क्या मजबूरी है और कांग्रेस प्रदेश के किसानों को क्यूं गुमराह कर रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में भी कांग्रेस पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की वकालत की गई थी, लेकिन राजनीति से विवश कांग्रेसी आज व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं जबकि यह किसानों के लिए खुशहाली के नए रास्ते खोलने वाला कदम है।

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अगले माह से खरीफ फसलों का एक-एक दाना तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। उन्होंने किसानों की शंकाओं को दूर करते हुए कहा कि बाजरा, धान के अलावा पहली बार मक्के की फसल की भी सरकार एमएसपी पर खरीद करेगी। सरकार द्वारा की गई खरीफ की फसल खरीद का भुगतान एक सप्ताह के भीतर-भीतर किसानों के खाते में कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरे लिए किसान के हित सर्वोपरी है। किसानों को लेकर उनकी नीयत में ना कभी कोई खोट आया और ना आगे कभी आएगा।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

एसडीएम दिलबाग सिंह ने की मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर अपलोड डाटा की समीक्षा

ऐलनाबाद, 20 सितंबर।


एसडीएम दिलबाग सिंह ने रविवार को गांव धोलपालिया के खेतों में जाकर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर अपलोड डाटा का मिलान किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि डाटा अपलोड करने से पहले आंकड़ों का मिलान किया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर तहसीलदार हरकेश गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
एसडीएम ने खेतों में मौके पर जाकर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड विवरण की समीक्षा की। इसके लिए उन्होंने गांव धोलपालिया के खेतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से अपलोड विवरण बारे विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने किसानों द्वारा उगाई गई फसलों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा, ए-गिरदावरी व हरसेक (एचएआरएसएसी) में दर्ज ब्यौरे से मिलान किया।

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उन्होंने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों के लिए फसलों का विवरण अपलोड करवाना अनिवार्य है। मंडी में पोर्टल पर रजिस्ट्र होने वाले किसानों की फसल को प्राथमिकता के आधार पर खरीद किया जाएगा। इसके अलावा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है, जिसमें अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्र भी शामिल है। किसान को चाहिए कि वे अपनी फसल का विवरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अवश्य दर्ज करवाए।


किसान पराली को जलाने की बजाए इसका उचित प्रबंधन कर लाभ कमाएं :


एसडीएम दिलबाग सिंह ने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत करने के दौरान कहा कि किसान पराली को जलाएं ना, बल्कि इसका उचित प्रबंधन कर इससे लाभ कमा सकते हैं। सरकार द्वारा पराली के उचित प्रबंधन के लिए अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध करवा रही है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे इन उपकरणों का इस्तेमाल कर पराली का उचित प्रबंधन व निपटान करें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष को चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसका उचित निपटान करके इसे खाद में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि फसल के अवशेष जलाने से जहां भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होती है, वहीं पर्यावरण दूषित होता है। किसान फसलों को न जलाकर पर्यावरण सरंक्षण में सहयोगी बनें।

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पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

संत निरंकारी मिशन की और से आयोजित रक्तदान कैम्प में 130 श्रद्धालुओं ने किया रक्तदान।


समगौली, 20 सितम्बर-

निरंकारी सत्गुरू माता सुदीकशा जी महाराज के आशीर्वाद के साथ संत निरंकारी मिशन की शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की और से आज कोविड -19 के चलते गाँव समगौली में स्थित संत निरंकारी सतिसंग भवन में दूसरे रक्तदान कैंप का आयोजन किया गया, इस कैम्प में 130 श्रद्धालुओं,के साथ गाँवों के लोगों ने  शामिल हो कर रक्तदान किया।

इस रक्तदान कैंप का उद्घाटन डेराबस्सी म्युनिसिपल कौंसिल के ऐक्सियन इंज: गुरप्रताप सिंह जी ने किया। इस मौके उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन ने कोविड -19 की महामारी दौरान इलाको में समाज भलाई के लिए बहुत बढ़िया काम किये हैं, जो कि बहुत ही शलाघयोग हैं। विशेश तौर पर पहुँचे चण्डीगढ़ क्षेत्र के क्षेत्रीय संचालक श्री आत्म प्रकाश जी ने कहा कि संत निरंकारी मिशन ने covid -19 के इस दौर में आज रक्तदान कैम्प का आयोजन निरंकारी मिशन की तरफ से किये जा रहे अलग अलग कार्यों में वृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन का मुख्य उदेश एक प्रभु परमात्मा की जानकारी करवा कर मनुष्य जन्म के असली मंतव्य को पूरा करना है। सत्गुरू माता सुदिक्षा जी महाराज की रहनुमाई में आज मिशन अध्यात्म जागृति के साथ साथ जीवन जाँच भी सिखा रहा है।

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 इस कैम्प में सरकारी मल्टी स्पेशिलिटी हस्पताल, सैक्टर 16, चण्डीगढ़ की 10 सदस्यता टीम ने डा. सिमरजीत कौर गिल के नेतृत्व में रक्त एकत्रित किया।

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 मास्टर गुरनाम सिंह, प्रमुख समगौली ने इस शुभ अवसर पर पहुँचे मुख्य मेहमान इंज: गुरप्रताप सिंह जी, गणमान्य सज्जनों, डाक्टरों की टीम और रक्तदानीयों का धन्यवाद किया और कहा कि सन 1986 में बाबा हरदेव सिंह जी महाराज द्वारा चलाए गए रक्तदान कैंप के साथ आज संत निरंकारी मिशन पूरे संसार में रक्तदान करने में प्रथम स्थान पर है। संत निरंकारी मिशन द्वारा अनेकों तरह के समाज भलाई के कार्य किये जाते हैं, जिन में पौधा रोपण, सफ़ाई अभियान और रक्तदान कैंप मुख्य हैं। इस रक्तदान कैंप में पास के गाँवों के सरपंच, पंच और गणमान्य सज्जनों साथ साथ प्रमुख और सेवादल के संचालक उपस्थित थे।इस कैम्प में सोशल डिस्टैंसिंग और सैनेटाईजेशन का विशेश ध्यान रखा गया।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

सेवानिवृत शिक्षक अनमोल हिरे, इनके जुडऩे से नशा मुक्ति अभियान को मिलेगी मजबूती : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण

सिरसा, 20 सितंबर।


              शिक्षा ज्ञान से समाज को सही दिशा दिखाने वाले सेवानिवृत अध्यापक अब युवाओं को नशा प्रवृति की दलदल से बाहर निकलने व इससे दूर रहने के लिए जागरूक करेंगे। गांव के सेवानिवृत अध्यापक कमेटी बनाकर युवाओं में दृढ इच्छा शक्ति जागृत करेंगे, जिससे युवा इस बीमारी से छुटकारा पा सकें और भविष्य में नशा न करने के लिए संकल्पित हो सकें।


              उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने बताया कि जिला से नशा प्रवृति को जड़मूल से खत्म करने के लिए नशा मुक्ति अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से विभागों की अलग-अलग जिम्मेवारियां निर्धारित की हुई हैं। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रत्येक गांव में सेवानिवृत अध्यापक ग्रामीणों को विशेषकर युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करेंगे।

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              उन्होंने बताया कि सेवानिवृत शिक्षक अनमोल हिरे की तरह होते हैं, जिनका अनुभव नशा मुक्ति अभियान को बल देगा। एक अध्यापक का युवाओं पर गहरा प्रभाव होता है। एक अध्यापक की बातों का असर  दूसरे व्यक्ति की अपेक्षा कहीं अधिक होता है। इसलिए गांव के सेवानिवृत अध्यापक अपने गांवों के युवाओं को नशा न करने के लिए प्रभावी रूप से जागरूक कर सकते हैं। इसके साथ ही जो युवा इस दलदल में फंस गया है, उसमें दृढ इच्छा शक्ति को जागृत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में सेवानिवृत अध्यापक कमेटी बनाकर गांव स्तर पर नशा मुक्ति की मुहिम चलाएं, जिससे गांव को नशा मुक्त बनाया जा सके।


दृढ इच्छा शक्ति के बल पर नशे से छुटकारा संभव : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण


              उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने कहा कि दृढ इच्छा शक्ति के बल पर नशे से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा जिला में नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं, जहां पर इलाज द्वारा नशा छुड़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि गांव में कोई भी व्यक्ति नशे की दलदल में फंस गया है, तो उसे नशा छुड़वाने के लिए प्रेरित करें तथा उसे इलाज के लिए जागरूक करें। ग्रामीण अपने गांव को नशा मुक्त बनाने में एकजुटता के साथ कार्य करें। यदि कोई गांव नशा मुक्त होता है, तो उस गांव को विकास कार्यों के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसलिए ग्रामीण अपने गांव को नशा मुक्त करके विकास की ओर अग्रसर होने में भूमिका निभाएं।

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भजन पार्टियां लोक गीतों से लोगों को कर रही जागरूक :


             नशा मुक्ति अभियान के तहत सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की भजन मंडलियां भी लोक गीतों के माध्यम से ग्रामीणों को नशा न करने के लिए जागृत कर रही हैं। भजन मंडलियां गांव-गांव जाकर लोगों को नशा प्रवृति के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए इससे बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भजन मंडलियां जिला के प्रत्येक गांव को कवर करेंगी।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

पोषण अभियान महिलाओं, किशोरियों व बच्चों में कुपोषण को समाप्त करने के लिए बड़ा कदम : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण

सिरसा, 20 सितंबर।


                उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि बच्चों, किशोरियों व महिलाओं में कुपोषण से बचाने व जागरुक करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सितंबर माह को पोषण माह के रुप में मनाया जा रहा है। जिला में इस अभियान की शुरुआत गत 7 सितंबर को की गई। इस दौरान विभिन्न प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर महिलाओं व किशोरियों को अच्छे खानपान व विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव के बारे में जागरुक किया जा रहा है।

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                उपायुक्त बिढ़ाण ने बताया कि पोषण अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, माताओं व बच्चों के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करना है। अभियान का लक्ष्य मातृ मत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी लाना भी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से कुपोषण की शिकार तथा एनीमिया से पीडि़त महिलाएं लाभांवित हो रही हैं। यह अभियान कुपोषण को समाप्त करने के लिए एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत किशोरियों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं पर भी फोकस किया जा रहा है ताकि कुपोषण की समस्या का समग्र रूप से समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि पोषण अभियान के मुख्य लक्ष्य में जीरो से 6 वर्ष आयु समूह के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं घात्री महिलाओं में कुपोषण स्तर को चरणबद्ध तरीके से प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत की कमी लाते हुए 3 वर्षो में 6 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

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                जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग डा. दर्शना सिंह ने बताया कि जिला में 7 सितंबर से 30 सितंबर 2020 तक पोषण माह मनाया जा रहा है। अभियान के तहत प्लंाटेंशन ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत पौधारोपण किया जाता है तथा किचन गार्डनिंग व औषधीय पौधों के बारे में भी बताया जाता है। कम्यूनिटी बेस्ड इवेंट के दौरान गौद भराई, बच्चों की ग्रॉथ मोनेटरिंग, महिला गोष्ठïी, ग्राम पंचायत का आयोजन, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं व किशोरियों की गोद भराई, अन्नप्राशन, कुआंपूजन आदि गतिविधियां आयोजित कर अच्छे पोषण के प्रति जागरुक किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं को छोटे बच्चों को ब्रेस्ट फिडिंग तथा उपरी आहार की शुरुआत करने की भी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं व बच्चों का हैल्थ चेकअप किया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें खंड स्तर की परेशानियों पर चर्चा व समाधान किया गया।

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मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों की फसलों के पंजीकरण की तिथि को बढ़ाया

सिरसा, 20 सितंबर।

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                   उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि प्रदेश सरकार ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर बाजरा फसल के पंजीकरण की अंतिम अवसर की तिथि 10 सितंबर से बढ़ाकर 20 सितंबर तथा अन्य खरीफ फसलों की 25 सितंबर कर दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि किसानों द्वारा अपने कृषि उत्पादों को मंडियों में बेचने एवं कृषि या बागवानी विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अपनी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करना अनिवार्य है।

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                    उन्होंने किसानों से कहा कि वे अपनी फसलों का पंजीकरण www.fasal.haryana.gov.in पोर्टल पर करवाना सुनिश्चित करें। किसान खरीफ सीजन में बोई गई फसल के बारे में अपने स्तर पर ऑनलाइन सूचना दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल ऑनलाइन तथा कॉमन सर्विस सैंटर के माध्यम से भी उपलब्ध होगा। मेरी फसल मेरा ब्यौरा में पंजीकृत किसानों को विभिन्न प्रकार के कृषि अनुदानों का लाभ देने के लिए भी वरीयता दी जाएगी। उपायुक्त ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों की फसलों के पंजीकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि तथा किसान कल्याण विभाग हरियाणा के टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 या जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक कार्यालय अथवा सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर सकते हैं।

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मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना : उपायुक्त ने खेतों में जाकर की दर्ज किए गए विवरण की मौके पर समीक्षा

सिरसा, 20 सितंबर।


                    मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर जो भी विवरण दर्ज किया जाए वह पूरी तरह से सही होना चाहिए। डाटा अपलोड करने से पहले आंकड़ों का मिलान किया जाए। यह योजना किसानों को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं व लाभ का सशक्त माध्यम है, इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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                    यह बात उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने शनिवार को ऐलनाबाद के गांव कर्मसाना के खेतों में मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा करने के दौरान अधिकारियों को कही। इस अवसर पर एसडीएम दिलबाग सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।


                    उपायुक्त ने खेतों में स्वयं मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड विवरण की समीक्षा की। इसके लिए उन्होंने गांव कर्मसाना के खेतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से अपलोड विवरण बारे विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने किसानों द्वारा उगाई गई फसलों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा, ए-गिरदावरी व हरसेक (एचएआरएसएसी) में दर्ज ब्यौरे से मिलान किया। उन्होंने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के अंतर्गत प्रदेश सरकार सीधे तौर पर किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इसलिए संंबंधित अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि पोर्टल पर सही विवरण अपलोड हो। उन्होंने हरसैक, कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों से मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड विवरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।

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                    उपायुक्त ने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों के लिए फसलों का विवरण अपलोड करवाना अनिवार्य है। पोर्टल पर पंजीकृत किसान की फसल को मंडी में प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाएगा। इसके अलावा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है, जिसमें अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्र भी शामिल है। किसान को चाहिए कि वे अपनी फसल का विवरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अवश्य दर्ज करवाए।


किसान पराली न जलाएं, उचित प्रबंधन कर लाभ कमाएं :


                    उपायुक्त ने इस दौरान किसानों से भी बातचीत की। उन्हेंने कहा कि किसान पराली को न जलाएं। बल्कि इसका सही प्रबंधन करके इसे लाभ का जरिया बनाएं। फसल अवशेष को चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसका उचित निपटान करके इसे खाद में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। किसान इन यंत्रों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि फसल के अवशेष जलाने से जहां भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होती है, वहीं पर्यावरण दूषित होता है। किसान फसलों को न जलाकर पर्यावरण सरंक्षण में सहयोगी बनें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में बढ़ोतरी की दिशा में आगे बढ़ें।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विकास परियोजनाएं एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर जनता के हित को ध्यान में रखते हुए बनाई जाती है ताकि जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।

उपायुक्त ने खेतों में जाकर की मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना के अंतर्गत दर्ज विवरण की समीक्षा

सिरसा, 20 सितंबर।

उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने गांव कर्मसाना के खेतों में जाकर मेरी फसल-मेेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज विवरण का किया मिलान


मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर जो भी विवरण दर्ज किया जाए वह पूरी तरह से सही होना चाहिए। डाटा अपलोड करने से पहले आंकड़ों का मिलान किया जाए। यह योजना किसानों को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं व लाभ का सशक्त माध्यम है, इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह बात उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने शनिवार को ऐलनाबाद के गांव कर्मसाना के खेतों में मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा करने के दौरान अधिकारियों को कही। इस अवसर पर एसडीएम दिलबाग सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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उपायुक्त ने खेतों में स्वयं मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड विवरण की समीक्षा की। इसके लिए उन्होंने गांव कर्मसाना के खेतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से अपलोड विवरण बारे विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने किसानों द्वारा उगाई गई फसलों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा, ए-गिरदावरी व हरसेक (एचएआरएसएसी) में दर्ज ब्यौरे से मिलान किया। उन्होंने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के अंतर्गत प्रदेश सरकार सीधे तौर पर किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इसलिए संंबंधित अधिकारी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि पोर्टल पर सही विवरण अपलोड हो। उन्होंने हरसैक, कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारियों से मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड विवरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।

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उपायुक्त ने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों के लिए फसलों का विवरण अपलोड करवाना अनिवार्य है। पोर्टल पर पंजीकृत किसान की फसल को मंडी में प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाएगा। इसके अलावा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है, जिसमें अनुदान पर दिए जाने वाले कृषि यंत्र भी शामिल है। किसान को चाहिए कि वे अपनी फसल का विवरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अवश्य दर्ज करवाए।


किसान पराली न जलाएं, उचित प्रबंधन कर लाभ कमाएं :


उपायुक्त ने इस दौरान किसानों से भी बातचीत की। उन्हेंने कहा कि किसान पराली को न जलाएं। बल्कि इसका सही प्रबंधन करके इसे लाभ का जरिया बनाएं। फसल अवशेष को चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसका उचित निपटान करके इसे खाद में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। किसान इन यंत्रों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि फसल के अवशेष जलाने से जहां भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होती है, वहीं पर्यावरण दूषित होता है। किसान फसलों को न जलाकर पर्यावरण सरंक्षण में सहयोगी बनें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में बढ़ोतरी की दिशा में आगे बढ़ें।