पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री माननीय अनिल विज ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा स्वस्थ रहने व स्वस्थ होने के लिए बहुत उपयोगी है, यह अति सरल, सस्ती व सुलभ है, आम आदमी को इसे अपनाना चाहिए।

पंचकूला 17 सितम्बर – हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री माननीय अनिल विज ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा स्वस्थ रहने स्वस्थ होने के लिए बहुत उपयोगी है, यह अति सरल, सस्ती व सुलभ है, आम आदमी को इसे अपनाना चाहिए।

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श्री विज हरियाणा योग परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय के आॅनलाईन वेबीनार में बोल रहे थे। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 2 दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा वेबीनार का आयोजन किया गया जिसमे भारत के वरिष्ठ व प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सको जैसे कोयम्बटूर से डॉ बी टी सी मूर्ति, पुणे से डॉ जितेंद्र आर्य, योगग्राम हरिद्वार से डॉ नागेंद्र नीरज, रुद्रपुर उत्तराखंड से डॉ डी एन शर्मा, गोरखपुर से डॉ विमल कुमार मोदी वक्ता के रूप में शामिल हुए। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से लगभग 250000 लोगों ने इसे सीधे देखा।

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स्वास्थ्य मंत्री ने वेबिनार में आम जन के लिए प्राकृतिक चिकित्सा को सर्वोत्तम बताया। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद से होने वाली कब्ज से लेकर कैंसर तक लगभग सभी बीमारियों का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से सम्भव है। इससे भी ज्यादा इसकी उपयोगिता स्वस्थ रहने मे है। प्राकृतिक चिकित्सा को सीखकर हर व्यक्ति स्वयं को, परिवार को व समाज को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। आज महंगाई के समय मे प्राकृतिक चिकित्सा सबसे सस्ती है। वर्तमान प्राकृतिक चिकित्सा को विकसित करने में अमेरिका, जर्मनी व इंग्लैंड के एलोपैथी के चिकित्सकों की बड़ी भूमिका है। भारत मे भी अनेक वरिष्ठ ऐलोपथ्स जैसे डॉ विमल छाजेड़, डॉ बी एम हेगड़े, डॉ विमल मोदी जैसे प्राकृतिक चिकित्सा की पैरवी करते हैं। यह पद्धति पूरी तरह वैज्ञानिक है और सब तरफ से निराश लोगों के जीवन मे भी आशा का संचार रखने की सामर्थ्य रखती है। जटिल रोगों का भी इलाज इस पद्धति में है।

वेबीनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा योग परिषद के चेयरमैन डॉ जयदीप आर्य व समापन सत्र में इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनंत बिरादर शामिल हुए। वेबीनार मे सयोजक की भूमिका हरियाणा योग परिषद के प्रथम सदस्य व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के हरियाणा प्रान्त अध्यक्ष डॉ मदन मानव ने निभाई। कार्यक्रम में परिषद के रजिस्ट्रार डॉ हरिश्चन्द्र, योगेश गुप्ता, नीरज, ईशान, प्रवीण प्रभाकर, रक्षिता अरोड़ा , व ओमांशु का भी सराहनीय योगदान रहा।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार धान की कटाई के लिए कम्बाईन मशीनों पर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है।

पंचकूला 17 सितम्बर – उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार धान की कटाई के लिए कम्बाईन मशीनों पर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई कम्बाईन मशीन आपरेटर यह सिस्टम नहीं लगवाते तो उन्हें कम्बाईन मशीनें चलाने की स्वीकृति प्रदान नहीं की जाएगी।

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उपायुक्त ने बताया कि प्रायः देखने में आया है कि किसान धान की फसल कटाई के बाद बचे हुए अवशेष को आग लगा देते हैं। आग लगाने से पर्यावरण दूषित होता है ओर इसका लोगों के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ता है। इसलिए धान की कटाई मशीनों पर कम्बाईन स्ट्रा मशीन लगाना अनिवार्य किया गया है। कोई कम्बाईन आपरेटर यह सिस्टम नहीं लगवाएगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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उपायुक्त ने बताया कि इस कार्य के लिए मशीन की निगरानी हेतू जिला स्तर पर कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें प्रतिदिन कार्रवाई से जिला प्रशासन को अवगत करवाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में लगभग 35 कम्बाईन मशीनें हैं उनके आपरेटरों को इस बारे आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने जिला के किसानों से अनुरोध किया है कि वे धान की कटाई उन मशीनों से ही करवाएं जिन पर कम्बाईन स्ट्रा मशीनें लगी हुई हो।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

पंचकूला में 38 करोड़ की लागत वाला कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट शुरू

पंचकूला, 17 सितंबर


पंचकूला वासियों के लिए परेशानी का सबब बने सेक्टर-23 स्थित डंपिंग ग्राउंड का कायाकल्प शुरू हो गया है। वीरवार को विधान सभा अध्यक्ष एवं पंचकूला से विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने नारियल फोड़ कर और इलेक्ट्रिक बटन दबाकर इस कार्य का श्रीगणेश किया। इस मौके पर उन्होंने कचरे को अलग करके खाद बनाने के कार्य का अवलोकन किया और कचरा निष्तारण कार्य के सेग्रीगेशन, डिस्पोजल, बायो माइनिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। 38 करोड़ की लागत से बने इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 2000 टन कचरे का निष्तारण होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि एक वर्ष के भीतर डंपिंग ग्राउंड के पूरे कचरे का निष्तारण हो जाएगा और इस जगह पर हरा-भरा पार्क विकसित होगा।

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पंचकूला के घग्गर पार के सेक्टर के लिए वीरवार का दिन नई सुबह का आगाज लेकर निकला। 16 वर्षों से डंपिंग ग्राउंड की दुर्गंध में फंसे यहां के लोगों के लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं रहा। कोरोना से मुक्ति मिलते ही विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता इस बड़े प्रोजेक्ट का शुभारंभ करने पहुंचे तो शहरवासियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दरअसल यह प्रोजेक्ट घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले लोगों के लिए जरूरी होने के साथ-साथ ज्ञान चंद गुप्ता के लिए भी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है। गुप्ता ने ही अपने पिछले कार्यकाल में इसे मंजूर करवाया था। उसके बाद से वे लगातार इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखे हुए थे। गत 11 जुलाई को उन्होंने साइट का दौरा कर अफसरों को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। तब उन्होंने कार्य में हो रही देरी पर जवाबदेही तय करने के लिए संबंधित ठेकेदार को भी मौके पर बुलाया था।


ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि लोग बहुत उम्मीदों के साथ अपना जनप्रतिनिधि चुनते हैं, उनकी हर आवश्यकता का ख्याल रखना जिम्मेदार नेता का दायित्व है। इस डंपिंग ग्राउंड में कचरा निष्पादन का प्रोजेक्ट उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। गुप्ता ने कहा कि पंचकूला में प्रतिदिन 150 टन सोलिड वेस्ट पैदा होने से शहर में बड़ा कूड़े का ढेर बन गया, जिससे पंचकूला की अधिकांश आबादी प्रभावित हो रही थी। इस प्लांट में कचरा निष्पादन का कार्य रुकने नहीं दिया जाएगा। कचरे का सेग्रिगेशन कर खाद बनाया जाएगा। इसके साथ यहां इस प्लांट के सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। यहां पौधरोपण करके सुंदर पार्क विकसित हो रहा है। इससे आसपास के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को बदबू और गैस की समस्या से निजात मिलनी शुरू हो गई है।

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नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एक वर्ष के भीतर यहां मौजूद पूरे कचरे का निष्तारण कर दिया जाएगा। बॉयो माइनिंग प्रोजेक्ट से यहां रोजाना 2 से 3 हजार टन कचरे की माइनिंग कर खाद तैयार किया जाएगा। कचरे से निकलने वाले ड्राई वेस्ट को सीमेंट फैक्ट्री भेजा जाएगा। उसके अलावा कुछ ऐसे वेस्ट हैं जो किसी के लिए भी इस्तेमाल नहीं होता है, उन्हें इकट्ठा कर उठा लिया जाएगा। इस अवसर पर नगर निगम के आयुक्त महावीर सिंह, संयुक्त सचिव संयम गर्ग, कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह, तहसीलदार पुण्यदीप शर्मा, भाजपा जिला प्रधान अजय शर्मा, पूर्व जिला प्रधान दीपक शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


जैविक खाद से बदलेगी शहर की आबोहवा


प्लांट में 30 से 50 प्रतिशत कार्बोनिक अंश से जैविक खाद बनाई जाएगी। 30 से 40 प्रतिशत तक ज्वलनशील अंश अलग अलग करके ईंंधन के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। केवल 10 प्रतिशत अंश को रिसाइकिल किया जाएगा। इस जैविक अंश का कम्पोजिंग या बायोगैस उत्पादन के लिए आसानी से उपयोग किया जा सकेगा। जैविक अंश का उपयोग आरडीएफ वैकल्पिक एवं ग्रीन ईंधन एवं रिसाइकिल के रूप में भी किया जा सकता है। इस प्रकार शहर में गड्ढे भरने के अलावा पौधों में भी इस जैविक खाद का प्रयोग किया जा सकेगा। इससे जहां नागरिकों को सोलिड कूड़े से निजात मिलेगी, वहीं जैविक खाद शहर को हरा-भरा करने में सहायक होगा।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम व नगर परिषद के चुनाव निकट भविष्य में सम्पन्न करवाने के लिए मतदाता सूचियों को वार्ड वाईज तैयार करने के निर्देश दिए है।

पंचकूला 17 सितम्बर – उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम व नगर परिषद के चुनाव निकट भविष्य में सम्पन्न करवाने के लिए मतदाता सूचियों को वार्ड वाईज तैयार करने के निर्देश दिए है।


उपायुक्त ने बताया कि नगर निगम व नगर परिषद चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को विधानसभा मतदाता सूचियों के अनुसार ही अपडेट किया जाना है। विधानसभा सूचियों का प्रकाशन 25 सितम्बर 2020 को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा नगर निगम चुनाव नियम 1994 के संशोधन एवं हरियाणा नगर पालिका नियम 1978 की नोटिफिकेशन 2017 के अनुसार अब केवल संबधित विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा वोटर ही नगर निगम व नगर परिषद की वार्ड वाईज सूची में मतदाता हांेगेे और इस सूची में नए मतदाता नहीं जोड़े जाएगें।


उपायुक्त ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति नगर निगम व नगर परिषद की मतदाता सूचियों मंे विधान सभा सूची अनुसार अपना नाम शामिल करवाने का इरादा रखता है तो उसे सलाह दी जाती है कि वह पहले विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाए। अन्यथा उसका नाम नगर निगम की वार्ड वाईज सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।


उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा विधानसभा सूचियों का 25 सितम्बर 2020 को अंतिम प्रकाशन कर भारत चुनाव आयोग को उपलब्ध करवा दिया जाएगा। मतदाता सूचियों का वार्ड वाईज वितरण और अपडेटिंग का कार्य कमीशन द्वारा जारी किया जाएगा। इसलिए जिला प्रशासन द्वारा तुरंत प्रभाव से रिवाईजिंग अर्थोरटी एवं स्पोर्टिंग स्टाफ की तैनाती करने, वार्ड वाईज मतदाता सूचियों के वितरण, तैयार करने एवं अपडेट करने का प्रशिक्षण देने तथा पूरी सर्तकता के साथ डाटा बेस डाउनलोड करने जैसे आवश्यक कदम उठाए जाएगें। इसके बाद आयोग 24 सितम्बर को अनुपालना करने के लिए सूचित करेगा।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

कोरोना के फैलाव को रोकनेे व नशे के खात्मे के लिए सामूहिक प्रयास जरुरी : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण

सिरसा, 17 सितंबर।
                    उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने कहा कि आज जिला में कोरोना के फैलाव के साथ-साथ नशा भी बहुत बड़ी चुनौती है। इन दोनों बीमारियों पर काबू पाने के लिए हर नागरिक को आगे आकर अपना योगदान देना होगा तभी हम अपने जिला में कोरोना के फैलाव को रोकने व नशे का खात्मा करने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए नागरिक कोविड-19 के नियमों की गंभीरता से पालना करें। मास्क को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और दूसरे व्यक्ति से सामाजिक दूरी बना कर रखें। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की बजाय आमजन खुद आगे आकर अपनी जांच करवाएं, समय पर जांच करवाने से कोरोना से बचा जा सकता है। इसके अलावा कोरोना संक्रमित होम क्वारंटाइन व्यक्ति अपने परिवार जनों व आसपास के लोगों से न मिले। इससे परिवार के सदस्य सुरक्षित रहेंगे और कोरोना के फैलाव में भी रोक लग सकेगी।

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                    उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नागरिक जिला से नशे को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सहयोग करें और यह संकल्प लें कि नशे में लिप्त लोगों को नशा छुड़वाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस प्रशासन को देकर नशा मुक्त समाज व राष्टï्र के निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि लोग नशे में लिप्त युवाओं को नशा छोडऩे के लिए प्रेरित करते हुए इलाज के लिए भी प्रेरित करें। नशे में लिप्त व्यक्ति यदि मजबूत इच्छाशक्ति रखें तो निश्चित रूप से नशे की लत से बाहर निकल सकते हैं। ऐसे लोगों के इलाज स्थानीय नागरिक अस्पताल सिरसा व नशा मुक्ति केंद्र कालांवाली में इलाज करवा सकते हैं। नशा मुक्त भारत अभियान में सरपंच के साथ-साथ हर नागरिक यह संकल्प लें कि जिला को नशा मुक्त बनाने में दिल से अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी अभियान सामूहिक योगदान से ही सफल होता है और इस पुण्ति कार्य में हम सबका पूर्ण सहयोग बहुत जरुरी है।

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                    उन्होंने कहा कि जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा गांव स्तर पर लोगों को जागरुक करने के लिए न केवल कमेटियों का गठन किया गया है बल्कि योजनाबद्ध तरीके से नशे को जड़मूल से खत्म करने के लिए अधिकारियों द्वारा भी एक-एक गांव को गोद लिया गया है। जिला को नशा मुक्त बनाने में प्रशासन नागरिकों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। नागरिक नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस प्रशासन द्वारा तीन टोल फ्री नंबर 88140-11620, 88140-11624 व 88140-11675 पर भी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है और सूचना पर तत्परता से कार्रवाई की जाती है।


भजन मंडलियां गांव-गांव जाकर कोरोना से बचाव व नशा मुक्त भारत अभियान में सहयोग का कर रही है आह्वïान


                   उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण के निर्देशानुसार जिला में आमजन को कोरोना फैलाव को रोकने तथा जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए जिला सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है। विभाग की भजन मंडलियां गांवों में जाकर लोगों को कोरोना से बचाव के उपायों के बारे में जागरुक कर रही हैं तथा वाहन के माध्यम से सिरसा शहर के मुख्य बाजारों व कॉलोनियों में लोगों को मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करने का संदेश दे रही हैं।


                    इसी कड़ी में आज विभाग के वाहन द्वारा शहर के महाराणा प्रताप चौक, शाह सतनाम चौक, बस स्टेंड, नागरिक अस्पताल, अनाजमंडी, घंटा घर चौक, गौशाला मौहल्ला, रानियां गेट, सांगवान चौक, भगत सिंह चौक, उधम सिंह चौक, सब्जी मंडी व विभिन्न कॉलोनियों में पहुंच कर मुनादी के माध्यम से लोगों को कोरोना के प्रति गंभीरता बरतने व कोविड-19 के नियमों की सख्ती से पालना करने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त विभाग की भजन मंडलियों में वीरवार को गांव ढाबां, बिरुवाला गुढा, बुर्जभंगु में ग्रामीणों को नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने का आह्वïान किया। कलाकारों ने ग्रामीणों को भजनों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए नशे में लिप्त लोगों को नशा छुड़वाने व उनके इलाज के लिए भी प्रेरित किया।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

Webinar on NEP2020 by Chemistry Deptt,PU

Chandigarh September 17, 2020

The Department of Chemistry and Centre of Advanced Studies in Chemistry, Panjab University, Chandigarh organized a webinar on “New Education Policy 2020: A Roadmap to Higher Education”, today.

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 Dr. (Mrs.) Geeta Bhatt, Director Non Collegiate Women’s Education Board (NCWEB), University of Delhi was the keynote speaker and in her address, mentioned that NEP-2020 focusses on promoting value-based education and development of scientific temperament. She briefed everyone on the innovative reforms such as Right to education, Vocational skill development, education in mother tongue, interdisciplinary education system, progress-based evaluation system, multiple entries and exit points in higher education for all age sectors. She opined that the awareness of reforms of NEP-2020 at grass-root level would ensure access of opportunities to everyone. She mentioned the famous examples of Prof. Ruchi Ram Sahni and Prof. Shanti Swaroop Bhatnagar and their adaptive and modernized educational policies for better development of intellectual minds. She concluded her lecture by answering the questions from the audience and thanked everyone for such an engrossing and interactive session.

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The initiative was hailed by Prof. Raj Kumar as one of the most important and relevant topics in the current trends of the educational infrastructure to work upon  Atma-Nirbhar Bharat. He laid emphasis on the successful implementation of the NEP-2020 and its awareness among the masses. New Education Policy-2020 was recently approved by the Govt. of India for the transformation of our education system. It is not only focused on the school and college level teaching but is also designed to educate the professionals and lifelong learners, to uphold the Indian languages and culture at global levels, to extract best of Indian technologies and to expand the horizons of classroom teaching from black-board to e-learning. It will give an autonomous system for education. Our Honorable Prime Minister Narendra Modi Ji very well said that there are two types of thoughts for acquiring autonomy; one says“freedom for working independently” and other says“lack of Government supervision”. The NEP will construct a road passing through the two perspectives to provide quality education to the Indians. So, irrespective of the people’s perspective, NEP has a broad vision to improve the standard of education and to educate every learner.  

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 PU VC added that the NEP-2020 will prune the unwanted branches of the plant of the higher education system and will fertilize it for its re-growth in a healthy and fruitful plant. It will cover the lacunae of the 34-years old system by developing multidisciplinary universities and colleges across India, by developing student-friendly approaches, by re-establishing the integrity of the faculty, and by skill enhancement to make the independent individuals. He opined that  NEP-2020 has come with special benefits to the women who have a special role in shaping society. The New education policy will provide ‘Gender-Inclusion Fund’ to educate the girls and assisting the females

 Earlier,Prof. K.N. Singh, Convenor and Chairperson, gave a welcome address to 175 attendees from different backgrounds. He introduced and welcomed the speaker of the event. Further, Dr. Bhatt was formally introduced by Prof. S.K. Mehta from the Department of Chemistry. Prof. Mehta accentuated the importance of NEP-2020 in revisiting and amending the educational policies for better development of the students and the faculty members.

The webinar ended with a vote of thanks from Dr. Ramesh Kataria, Coordinator.

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

बेटियों के उज्जवल भविष्य की दिशा में कारगर साबित हो रही है सुकन्या समृद्धि योजना : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण

सिरसा, 17 सितंबर।


              उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को साकार रूप देने के लिए भारत सरकार द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना कारगर सिद्ध हो रही है। इस योजना अंतर्गत मिलने वाली धनराशि बेटी की उच्च शिक्षा के लिए तथा उसके विवाह के समय सहायक सिद्ध होगी। आमजन को इस योजना का लाभ डाकघरों व बैंकों के माध्यम से दिया जा रहा है।

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                  उपायुक्त बिढ़ाण ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कोई भी माता-पिता अपनी बेटी के नाम पर किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में खाता खुलवा सकता है। अधिकतम दो बच्चियों के नाम पर खाता खुलवाया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत दस साल तक की आयु की बच्ची के नाम पर अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इस स्कीम में 15 साल तक निवेश किया जा सकता है। अगर बेटी की उम्र 18 साल हो जाती है और उसे पढ़ाई या उसकी शादी के लिए पैसों की जरुरत है तो जमा राशि की 50 फीसदी तक राशि निकाल भी सकते हैं। बेटी के 21 साल के होने पर खाते को बंद किया जा सकता है।


                  उन्होंने बताया कि योजना के तहत 0 से 10 वर्ष तक की उम्र में बेटी का खाता खुलवाया जा सकता है। किसी भी अधिकृत बैंक की शाखा या डाकघर में इस स्कीम के लिए खाता खुलवा सकते हैं। इसमें हर महीने कम से कम 250 रुपये और साल में अधिकतम 1.50 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं। लेकिन हर साल अपना खाता चालू रखने के लिए न्यूनतम निवेश बरकरार रखना होगा। योजना के अंतर्गत इस समय 7.6 फीसदी का ब्याज सरकार की ओर से मिलता है। हर साल न्यूनतम 250 रुपये जमा नहीं करने पर आपका अकाउंट डिस्कंटीन्यू कर दिया जाता है और न्यूनतम रकम के साथ 50 रुपये की जुर्माने के भुगतान के बाद इस अकाउंट को फिर से जारी रखा जा सकता है।

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                  उन्होंने बताया कि जरुरत पडऩे पर बेटी की उच्च शिक्षा के लिए आंशिक राशि निकाली जा सकती है। इसके अलावा इंट्रा ऑपरेटेबल नेट बैंकिंग व इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) के माध्यम से खाते में रुपये जमा करवाने की सुविधा भी उपलब्ध है। सुकन्या समृद्धि अकाउंट स्कीम में खाते में माता-पिता व संरक्षक द्वारा किया निवेश धारा 80 सी के तहत आयकर से छूट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 22 जून 2015 को पानीपत से सुकन्या समृद्धि योजना का शुभारंभ किया था।


इन डाक्यूमेंट की पड़ेगी जरुरत :

                  उपायुक्त बिढ़ाण ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेेने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र, कानूनी अभिभावक के दो फोटो आवश्यक दस्तावेज हैं तथा सुकन्या समृद्धि अकाउंट की शुरुआती जमा राशि के साथ खोला जा सकता है। किसी महीने या किसी वित्तीय वर्ष में जमा राशि की कोई सीमा नहीं है। सुकन्या समृद्धि योजना लड़कियों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। कन्या के वयस्क होने तक उसके अभिभावक द्वारा कन्या के नाम पर खाते में नियमित रूप से पैसे की बचत के साथ लड़की के लिए एक निश्चित वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। 

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

कंटेनमेंट जोन में प्रशासन द्वारा जारी हिदायतों की गंभीरता से हो पालना : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण

सिरसा, 17 सितंबर।


                    उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि बुधवार को जिला में कोरोना संक्रमण के नए केस मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन व साथ लगते क्षेत्र को बफर जोन बनाया गया हैं। संबंधित एसडीएम कंटेनमेंट व बफर जोन के ओवरऑल इंचार्ज रहेंगे, जो सभी प्रबंधों व व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कंटेनमेंट जोन में प्रशासन द्वारा जारी हिदायतों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा यह भी ध्यान रखा जाए कि कंटेनमेंट जोन में रह रहे लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो व सुविधाएं सरलता से उपलब्ध हो।

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नए कंटेनमेंट व बफर जोन स्थापित, कंट्रोल रुम नम्बर जारी :


                    उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि जिला में कोरोना केस मिलने पर नए कंटेनमेंट व बफर जोन बनाए गए हैं जिनमें सिरसा में बी-ब्लॉक (01666-240289, 240091), ए-ब्लॉक व बी-ब्लॉक (01666-240289, 240091), शिव चौक नामधारी वाली गली नजदीक पंजाबी मंडी (01666-220613), मंडी डबवाली वार्ड नंबर 3 डॉ. गिरधारी केपीछे (94165-86669), वार्ड नंबर 9 एकता नगरी गली नंबर 4 (01668-223902), वार्ड नंबर 10 मोंगा वाली गली (01668-223902), वार्ड नंबर 17 फ्रेंडस कॉलोनी नजदीक शीतला माता मंदिर, राजीव नगर, वार्ड नंबर 16 जीटी रोड़ नजदीक मेहता फर्नीचर हाउस (01668-227253), वार्ड नंबर 21 धर्म कुटियां वाली गली (01668-226274), वार्ड नंबर 2 आनंद कुटियां वाली गली, लूणा फैक्ट्री वाली गली व हरद्वारी वाली बंद गली (01668-222784), वार्ड नंबर 4 पब्लिक कल्ब के पीछे दर्शना की चक्की (01668-222784), वार्ड नंबर 20 जवाहर नगर (94667-79977), मंडी कालांवाली मॉडल टाउन आर-2 व वार्ड नंबर 15 (01696-222014), खंड ओढा के गांव जगमालवाली नजदीक मोतीपुर डेरा (सरपंच 94161-07846, ग्राम सचिव 90448-19000), गांव ओढा नजदीक बस स्टैंड ग्रीन मार्केट, ख्योवाली रोड़, नजदीक खाटु श्याम मंदिर व श्री दुर्गा मंदिर के पीछे (01696-251257) व गांव मोटा पन्नीवाला वार्ड नंबर 10 (सरपंच 89014-28112/ग्राम सचिव 98126-06333) में कंटेनमेंट जोन व बफर जोन बनाए गए हैं।

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कंटेनमेंट व बफर जोन के लिए हिदायतें जारी :


                    उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने अधिकारियों को कोरोना वायरस के आस-पास के क्षेत्रों में इसके फैलाव को रोकने के लिए संदिग्धों की स्क्रीनिंग, संदिग्ध मामलों का परीक्षण, क्वारंनटाइन, सोशल डिस्टेंस आदि कार्यों के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन, खाद्य सामग्री की सुचारु आपूर्ति, बिजली व पानी की सुचारु सप्लाई, कंटेनमेंट जोन में रहने वालो लोगों का डाटा आरोग्य सेतु एप पर अपलोड करने, पशुधन के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने आदि कार्यों के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को हिदायतें जारी की गई है। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में सभी प्रकार की गतिविधियों व आवागमन पर रोक लगा दी गई है। केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही बाहर जाया जा सकता है।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 9 करोड़ 68 लाख 15 हजार रुपये की राशि का अनुमोदन : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण

सिरसा, 17 सितंबर।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को मिलेगा रोजगार : उपायुक्त बिढ़ाण


                उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2020-21 में विभिन्न मदों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9 करोड़ 68 लाख 15 हजार रुपये की राशि खर्च करने का अनुमोदन किया गया है। योजना के तहत जिला में नए रिमरिंग तालाब, नए ग्रोआउट तालाब बनाना, खाद्य खुराक, बड़ा व मध्यम आरएएस लगाना, बॉयोफ्लॉक सिस्टम बनाना, थ्री व्हीलर विद आइस बॉक्स, मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स व साइकिल विद बॉक्स बनाना शामिल है।

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                    उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 9 करोड़ 68 लाख 15 हजार रुपये की राशि का अनुमोदन बना कर मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा गया है। मंजूरी के बाद योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिये मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन करने वालों को 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। अनुसूचित जाति व महिलाओं को मछली पालन के लिए 60 प्रतिशत तथा सामान्य जाति के आवेदकों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ मत्स्य पालकों की आमदनी को भी दोगुना करना है।


खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन व्यवसाय आमदनी बढ़ाने में कारगर : उपायुक्त बिढ़ान


                    उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने बताया कि मत्स्य पालन को अपनाकर न केवल लोग अपने आपको आर्थिक रूप से सुदृढ बना रहे हैं, बल्कि पंचायतों को भी इससे राजस्व प्राप्त हो रहा है। किसानोंं को मत्स्य पालन के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्ïेश्य से नीली क्रांति योजना के तहत अनेक लाभकारी अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा को मत्स्य पालन के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं क्रियांवित की गई है। जिससे किसानों व बेरोजगार युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिलते हैं बल्कि आर्थिक रुप से भी सुदृढ होते हैं। विभाग द्वारा तालाबों की पट्टïे की धनराशि पर 50 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर अधिकतम या पट्टïा राशि का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा जाल खरीदने पर अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति व्यक्ति पर 50 प्रतिशत, मछली बेचने की थोक व अन्य दुकानों के किराये भी विभाग द्वारा 50 प्रतिशत राशि विभाग द्वारा वहन की जाती है।

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जलीय कृषि प्रणाली (आरएएस) है मछली पालन का अनोखा तरीका


                    जलीय कृषि प्रणाली में पानी का पुन: उपयोग (आरएएस) मछली पालन के लिए एक नया और अनोखा तरीका है, खुले तालाबों और बहते हुए पानी में मछली पालने की पारंपरिक पद्धति के बजाय, यह प्रणाली नियंत्रित वातावरण के साथ इनडोर टैंकों में उच्च घनत्व पर मछली का पालन करती है इस जलीय कृषि प्रणाली में मछली पालन टैंकों के माध्यम से पुनर्चक्रण के लिए पानी को फिल्टर और साफ किया जाता है, इस जलीय कृषि प्रणाली में मूल रूप से उत्पादन में पानी का पुन: उपयोग करके मछली या अन्य जलीय जीवों की खेती के लिए एक तकनीक है प्रौद्योगिकी यांत्रिक और जैविक फिल्टर के उपयोग पर आधारित है।



                    जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना के माध्यम से किसानों, मछली पालकों व जरुरतमंद बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मछली पालन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत जिला में नए तालाब बनाने, आरएएस सिस्टम लगाने के अलावा जिला में मछली बिक्री के लिए युवाओं को थ्री व्हीलर, मोटर साइकिल व साइकिल प्रदान की जाएगी जिसमें आइस बॉक्स लगे होंगे। ये लोग गली-गली में जाकर मछली बिक्री कर सकेंगे।