पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

कोरोना वैश्विक महामारी के चलते पंचकूला में कोरोना के बढते हुए प्रभाव को देखते हुए, आयुष विभाग द्वारा कन्टेनमेन्ट जोन में सक्रमंण्.ा को रोकने के लिए 105 रोगियों को त्वरित गति से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाली दवाईयों का वितरण करवा गया।

पंचकूला 9 सितम्बर – कोरोना वैश्विक महामारी के चलते पंचकूला में कोरोना के बढते हुए प्रभाव को देखते हुए, आयुष विभाग द्वारा कन्टेनमेन्ट जोन में सक्रमंण्.ा को रोकने के लिए 105 रोगियों को त्वरित गति से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाली दवाईयों का वितरण करवा गया।

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जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. दलीप मिश्रा ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने के लिए 344 आयुष क्वाथ व 344 घुडुची घनवटी का वितरण किया गया। इसके लिए विभाग के चिकित्सकों की टीमों का गठन किया हुआ है जो नियमित रूप से कंटेनमेंट जोन में जाकर रोगियों को आयुर्वेदिक गोलियां एवं काढा बांटने का कार्य कर रही है।

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उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीमें आयुष क्वाथ जिसमें दालचीनी, सोठ, कालीमीर्च तथा तुलसी हैं, लोगो को काढ़ा बनाकर पीने के लिए जानकारी दे रही है। इसके अलावा गिलोय की टेबलेट भी बांटी जा रही है। इसी क्रम में कोरोना से बचाव हेतु चिकित्सकों द्वारा गरम पानी का सेवन तथा पुदीने का भाप लेने को भी बताया जा रहा है। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाने तथा दो गज की दूरी बना, रखने हेतू जागरूक किया जा रहा है।


डा. मिश्रा ने बताया कि कोविड केयर सैन्टर में कोरोना मरीजों को आनलाइन योगा तथा आनलाइन काउन्सलिंग आयुष चिकित्सकों के माध्यम से करवाई जा रहा है ताकि रोगी मानसिक रूप से सशक्त एवं मजबूत रह सके।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला के 18 से 70 वर्ष तक की आयु के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना लागू की गई है।

पंचकूला 9 सितम्बर – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला के 18 से 70 वर्ष तक की आयु के नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु या अपंगता होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

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उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने इस संबध में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना पूरी तरह से निशुल्क है। इसलिए पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत किसी भी प्रकार के प्रीमियम का भुगतान नहीं करना होगा। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आने वाले केस इस योजना में कवर नहीं होंगे। योजना का लाभ लेने के लिए दुर्घटना के 6 माह के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है।

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उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के तहत कवरेज के दायरे में केवल वही हरियाणा निवासी और राज्य के मूल निवासियांें को ही दिया जाएगा। इस योजना के तहत मृत्यु, सडक या हवाई दुर्घटनाओं, दंगों, हड़ताल और आतंकवाद जैसी दुर्घटनाओं के कारण स्थायी विकलांगता या विकलांगता, सांप के काटने, डूबने, विष, करंट लगने, ऊंचाई से गिरने, मकान या भवन के गिरने, अग्नि, विस्फोट, हत्या, जानवरों के हमले, भगदड़ और घुटन, पाला मारने, लू लगने, बिजली गिरने, जलने, भूख या भुखमरी (केवल मृत्यु) और प्रसव के दौरान मातृ मृत्यु जैसे मामले कवर होंगे।


उपायुक्त ने बताया कि इस योजना में व्यावसायिक खतरों जैसे कि थ्रेशिंग मशीन या औद्योगिक मशीन या किसी अन्य अप्राकृतिक घटना के कारण मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता या विकलांगता भी शामिल होगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत स्वीकृत लाभ का 50 प्रतिशत लाभ मिलेगा। अर्थात दुर्घटना मृत्यु के लिए एक लाख रुपए और दुर्घटना के कारण दोनों आंखों की पूर्ण या रिकवरेबल हानि या दोनों हाथों या पैरों की हानि या एक आँख की दृष्टि खोने या हाथ या पैर की हानि के मामले में एक लाख रुपए दिए जाएंगे।


उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के तहत दुर्घटना पीडित या पात्र संबंधी (मृत्यु के मामले में) द्वारा आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को किया जाएगा, उन्होंने बताया कि मृत्यु के मामले में, इस योजना के तहत जमा करवाए जाने वाले दस्तावेजों में दावा फार्म, हरियाणा डोमिसाइल सर्टिफिकेट और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी राज्य में निवास का प्रमाण पत्र, दुर्घटना पीडित का आयु प्रमाण, दुर्घटना पीडित और पात्र रिश्तेदार (मृत्यु के मामले में) का आधार कार्ड, एफआईआर या पुलिस रोजनामचा रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र और यदि दावेदार जीवित पति या पत्नी है तो इस आशय का हलफनामा कि उसने पुनर्विवाह नहीं किया है, शामिल होंगे।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

राजकीय महाविद्यालय कालका में ष्ष्स्नातक के बाद जाॅब प्रोस्पैक्टस एण्ड केरियर अर्पोच्यूनिटीश् विषय पर बेबिनार का आयोजन किया गया।

पंचकूला 9 सितम्बर – राजकीय महाविद्यालय कालका में ष्ष्स्नातक के बाद जाॅब प्रोस्पैक्टस एण्ड केरियर अर्पोच्यूनिटीश् विषय पर बेबिनार का आयोजन किया गया। इसमंे विद्यार्थियों को बेहतरीन जानकारी प्रदान कर मार्गदर्शन किया गया।

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वेबिनार में प्लेसमेंट सैल की इंचार्ज बेनू राव विद्यार्थियों को आॅनलाईन बहुत ही प्रभावशाली वक्तव्य देते हुए कहा कि अधिकांश विद्यार्थियों को स्नातक करने के बाद भी सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं मिल पाते। यदि किसी विद्यार्थी के पास स्नातक के दौरान कला विषय है तब भी शिक्षा, मीडिया, वेश – भूषा, पर्यटन, अतिथ्य सत्कार आदि व्यवासय से जुडकर आजिविका कमा सकते है। इसके अलवा लेखन कौशल पर भी विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते है। इसके विद्यार्थियों को दृढ सकंल्प बनाए रखते हुए कार्य करना चाहिए।

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वेबिनार में टैक्नीकल कार्य प्रभारी प्रो. भूपसिंह, सुनीता चैहान, प्रो. गुलशन व प्रो. सोनिया जस्सल ने भी विद्यार्थियों को अच्छी जानकारी देकर जीवन में आगे बढने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो. नीतू, आशिमा, डा.शीतल ग्रोवर सहित कई शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रभावशाली टीप्स दिए ताकि वे जीवन में सफल हो सके। इस प्रकार यह वेबिनार बहुत ही कारगर रहा और विद्यार्थियों ने इसका पूरा लाभ उठाया तथा प्राचार्य प्रोमिला मलिक का आभार जताया।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

केन्द्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने के लिए वार्षिक पुरस्कार ‘सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबन्धन पुरस्कार’ वर्ष 2021 के लिये 30 सितम्बर तक आॅनलाईन आवेदन वैबसाईट dmawards-ndma-gov-in पर आमंत्रित किये जा रहे हैं।

पंचकूला 9 सितम्बर – केन्द्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने के लिए वार्षिक पुरस्कार ‘सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबन्धन पुरस्कार’ वर्ष 2021 के लिये 30 सितम्बर तक आॅनलाईन आवेदन वैबसाईट dmawards-ndma-gov-in पर आमंत्रित किये जा रहे हैं।

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इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि विभिन्न प्राकृतिक आपदाएं हमारे जीवन, आजीविका और संपत्ति को प्रभावित करती हैं। आपदाओं से देश में करुणा और निस्वार्थ सेवा की भावना जागृत होती है। आपदा के बाद, हमारे समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आते हैं और प्रभावित लोगों की पीड़ा को कम करने की दिशा में काम करते हैं। ऐसे व्यक्तियों और संगठनों के प्रयासों को पहचानने की आवश्यकता है जो आपदाओं में मानव पीड़ा को कम करने के लिए निष्ठापूर्वक काम कर रहे हैं। सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने के लिए एक वार्षिक पुरस्कार की स्थापना की है, जिसे सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबन्धन पुरस्कार के नाम से जाना जाता है।

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उपायुक्त ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के तहत विजेता संस्था को प्रमाण-पत्र सहित 51 लाख रुपए तथा विजेता व्यक्ति को प्रमाण-पत्र सहित 5 लाख रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए केवल भारतीय नागरिक और भारतीय संस्थान ही आवेदन कर सकते हैं। संस्थागत पुरस्कारों के लिए, स्वैच्छिक संगठन, कॉर्पोरेट संस्थाएं, शैक्षणिक, अनुसंधान संस्थान या कोई अन्य संस्थान आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार हेतू कुछ मानदंड तय किए गए हैं, जिसमें आवेदक ने भारत में आपदा प्रबंधन, रोकथाम, शमन, बचाव, प्रतिक्रिया, राहत, पुनर्वास, अनुसंधान, नवाचार या प्रारंभिक चेतावनी संबंधित कार्य जैसे क्षेत्र में काम किया हो।


उपायुक्त ने बताया कि मानव जीवन को बचाना, पशुधन, आजीविका, संपत्ति, समाज, अर्थव्यवस्था या पर्यावरण पर आपदाओं के प्रभाव में कमी, आपदाओं के दौरान प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए संसाधनों का जुटाव और प्रावधान, आपदा प्रभावित क्षेत्रों और समुदायों में तत्काल राहत कार्य, आपदा प्रबंधन के किसी भी क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का प्रभावी और अभिनव उपयोग, खतरनाक क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण पहल, जोखिम में कमी के लिए समुदायों की क्षमता का निर्माण, वास्तविक समय के आधार पर लोगों को आपदा जोखिम सूचना की प्रारंभिक चेतावनी और प्रसार, आपदा प्रबंधन के किसी भी क्षेत्र में वैज्ञानिक, तकनीकी अनुसंधान और नवाचार, आपदा के बाद की वसूली और पुनर्वास, आपदाओं के दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे और बुनियादी सेवाओं का निरंतर कार्य करना, तैयारी और जोखिम में कमी के लिए जनता के बीच जागरुकता पैदा करना, आपदा जोखिम प्रबंधन से संबंधित कोई अन्य क्षेत्र किए गए कार्य शामिल हैं।

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हरियाणा के ई-रजिस्ट्रेशन मॉडल को तेलंगाना ने अपनाया – डिप्टी सीएम

चंडीगढ़, 9 सितंबर। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार जमीनों की रजिस्ट्री के मामले में ऐसा मॉडल स्थापित करेगी जो कि नागरिकों के लिए परेशानीमुक्त हो, पारदर्शी हो। इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा अपनाई जा रही ऑनलाइन प्रणाली की चर्चा देशभर में है और तेलंगाना समेत कई अन्य राज्य हरियाणा के मॉडल को अनुकरण करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। तेलंगाना ने मंगलवार से अपने प्रदेश में रजिस्ट्री बंद कर दी हैं और हरियाणा की तर्ज पर ई-रजिस्ट्रेशन प्रणाली को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिला उपायुक्तों को अगले सप्ताह तक कलेक्टर-रेट को स्टेंडर्डाइज करने के भी निर्देश दिए। बुधवार को उपमुख्यमंत्री वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों से चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में रूबरू हो रहे थे।

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रजिस्ट्री करवाते वक्त एनआरआई को पासपोर्ट नंबर भी दर्ज करवाना होगा – दुष्यंत चौटाला

डिप्टी सीएम ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे रजिस्ट्री के मामले में लगातार मॉनिटरिंग करें तथा तहसील स्तर पर भी एक कॉर्डिनेटर लगाएं जो रजिस्ट्री से संबंधित विभागों में जिला स्तर से समन्वय स्थापित करते रहें ताकि रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। एनआरआई की रजिस्ट्री के मामले में पूछे गए सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे मामलों में पासपोर्ट नंबर भी ऑनलाइन प्रक्रिया में दर्ज करना पड़ेगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को जिला उपायुक्तों द्वारा ध्यान में लाई गई ऑनलाइन रजिस्ट्री के मामले में जो भी त्रुटियां आ रही हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए।

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पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

Instructions for Students – Examinations Sept. 2020

Chandigarh September 9, 2020

1.      Admit Card Download

a.       Regular College/Department/Regional Centre Students shall get their Admit Card from their respective Colleges/Departments/Regional Centres from 12-09-2020 onwards.

b.      Private/USOL Eligible Candidates shall be able to download his/her Admit Card from UG Exam/PG Exam Website after successful login from 12-09-2020 onwards.

c.       In case, any student doesn’t remember his/her password, same can also be download from home page of UG Exam/PG Exam website by entering following details:

            Download Admit card link will appear if above entered details are valid.

In case of any issue, candidate is required to send an email to ugexam@pu.ac.in or

pgexam@pu.ac.in.

2.      Question paper Download

a.       Regular College/Department/Regional Centre Students shall receive the Question Paper/s as per Date-sheet for a particular day from their respective College/Department/Regional Centre using different electronic modes or by following Point.1 (c) above.

b.      Private/USOL students shall download Question Paper/s as per Date-sheet for a particular day in similar manner as mentioned for Downloading of Admit Card at Point 1 (b) or (c) above.

c.       Question Paper/s as per Date-sheet for a particular day will be available on UG /PG Exam website as follows:

·         8:40 AM for Slot # 1 i.e. (9 AM to 11 AM)

·         9:40 AM for Slot # 2 i.e. (10 AM to 12 noon)

·         1:40 PM for Slot # 3 i.e. (2 PM to 4 PM)

In case any student doesn’t have mobile or facing network problem etc., he/she can seek help from the nearest Nodal centre of their area/city. (List attached)

3.      Candidate must attempt the question paper in blue ball-point pen and in his own handwriting.

4.      Candidate will solve the question paper from their remote location on A4 size printable sheets (preferably lined) in his/her own handwriting. The maximum page limit is 12 sheets of which only one side has to be used.

5.      Candidate will not be asked to attempt any compulsory question.

6.      Candidate will be required to attempt 50% of the question paper by choosing any questions. However, the candidate shall ensure that he/she has attempted an answer carrying 50% of the maximum marks where 50% is fraction (2.5 will be 2). The answer should be reasonable/specific and to be covered within time limit of 2 hours. 

7.      Candidate will be required to write the following information on the first page of answer sheet:

i)          University Roll No. (in figures)   ____________ (in words) ________________     
ii)        Name of the studentiii)                Class/Semester
iv)      Name of Paperv)                  Code of Paper
vi)      Total number of pages written:vii)             Signature
viii)           Date of Exam :

8.      Candidate will be required to scan all the attempted sheets in a serial order along with Admit card and merge them into a single PDF file. The first page of PDF file should be Admit card (Compulsory).

9.      Answer-Sheet Submission

a.       Regular College/Department/Regional Centre Students Candidate will be required to submit PDF file of his/her Answer-sheet to the College E-mail/Website/Hard Copy through Registered Post/Speed Post to their respective College/Department/Regional Centre within 4 hours from the start of examination.

b.      Private/USOL students will be required to submit PDF file of his/her Answer-sheet to the College E-mail/Website/Hard Copy through Registered Post/Speed Post to the Nodal Officer of their area/city (to be available on PU website) for the same purpose within 4 hours from the start of examination.

10.  Candidate must have own personal Email ID which will be used to send/upload the Answer-Sheet.

Note: Visually Impaired or Disabled Students are allowed to have assistance from scribe/writer as per University Rules and no permission is required for the same from the University.                                                                                        

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

ई-दिशा में कर्मचारी मिला कोरोना पोजिटीव, दो दिन सेवाएं रहेंगी बंद : एसडीएम

ऐलनाबाद, 09 सितंबर।


एसडीएम दिलबाग सिंह ने बताया कि ऐलनाबाद ई-दिशा केंद्र में कोरोना का मामला सामने आया है। ई-दिशा में एक कर्मचारी कोरोना पोजिटीव मिला है। कोरोना मामला सामने आने के बाद गाइडलाइन अनुसार ऐहतियात के तौर ई-दिशा को बंद कर दिया गया है, जोकि आगामी दो दिनों तक बंद रहेगी। अब ई-दिशा में सोमवार से सेवाएं शुरू हो सकेंगी।

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उन्होंने बताया कि कोरोना हिदायतों के तहत कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट करवाया गया था। इसी कड़ी में ई-दिशा में काम करने वाले कर्मचारियों का भी कोरोना टेस्ट किया गया। इनमें एक कर्मचारी की कोरोना रिपोर्ट पोजिटीव पाई गई। रिपोर्ट पोजिटीव आने के बाद ई-दिशा को बंद कर दिया गया। ई-दिशा आगामी दो दिनों (वीरवार व शुक्रवार) को बंद रहेगी,  शनिवार व रविवार को अवकाश होगा। अब सोमवार से ही ई-दिशा में सेवाएं शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि हिदायत के तौर पर ई-दिशा के सभी कर्मचारियों को शुक्रवार को दोबारा कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा।

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एसडीएम दिलबाग सिंह ने कहा कोरोना को लेकर लोगों में यह धारणा की संक्रमण का ज्यादा प्रभाव नहीं है, बिल्कुल गलत है। जब से अनलॉक हुआ है, लोग कोरोना से बचाव उपायों के प्रति लापरवाह हो रहे हैं और इसी लापरवाही का परिणाम है कि कोरोना के मामले तेजी से बढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देखने में आ रहा है कि लोग मॉस्क का प्रयोग गंभीरता से नहीं कर रहे हैं। ऐसा करके न केवल स्वयं को बल्कि दूसरों को भी खतरे में डाल रहे हैं। लॉकडाउन में जब कोरोना का फैलाव नहीं था, उस समय लोग स्वयं के बचाव के प्रति गंभीर थे। लेकिन जब से अनलॉक के दौरान लोगों ने संक्रमण से बचाव संबंधी लापरवाही बरतनी शुरू की है, कोरोना का फैलाव में तेजी आई है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे कोरोना फैलाव की गंभीरता को समझें और इससे बचाव के सभी उपायों की कड़ाई से अनुपालना करें। मॉस्क व सामाजिक दूरी की विशेष से अनुपालना करें। 

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

नशा मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों ने एक-एक गांव लिए गोद

सिरसा, 09 सितंबर।

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जिला को नशा मुक्त बनाने की मुहिम को सिरे चढाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा गांवों को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि योजनाबद्ध तरीके से नशे को जड़मूल से खत्म किया जा सके और नशे में लिप्त लोगों को इलाज व नशा त्यागने के लिए पे्ररित किया जा सके। उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण के निर्देशानुसार अधिकारियों को एक-एक गांव गोद लेकर नशा मुक्त भारत अभियान की निगरानी व अन्य गतिविधियों की आयोजन की जिम्मेवारियां भी सौंपी गई हैं। अभियान के तहत अभी तक 88 अधिकारी जिला के विभिन्न गांवों को गोद ले चुके हैं। गोद लेने की प्रक्रिया जारी है।

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उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने गांव को गोद लेने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य को एक ड्यूटी नहीं बल्कि एक सामाजिक सरोकार का कार्य मानते हुए ईमानदारी व जिम्मेवारी के साथ करें। यदि वे समाज हित की भावना से इस दिशा में कार्य करेंगे तो उन्हें अवश्य ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को जोकि अनजाने या किसी कारणवश नशे जैसी बुरी प्रवृति की दलदल में फंस गया है, उसे इससे बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा में जोडऩा भी एक पुण्य का कार्य है। इसलिए जिस भी अधिकारी ने जो गांव गोद लिया है, वहां मेहनत के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों को नशा के प्रति जागरूक करें और गांव को नशा मुक्त बनाकर गोद की धारणा की सार्थकता को सिद्ध करें।


इन गांवों को लिया गोद :


नशा मुक्त अभियान के तहत अभी तक 88 अधिकारियों ने इतने ही गांव को गोद लिया है। पिं्रसिपल डॉ. के.एल गुप्ता ने गांव सावंत खेड़ा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. गिरिश ने गांव ढुकड़ा, प्रिंसिपल डॉ. राजेश मेहता ने गांव हांड़ी खेड़ा, एडीएसओ हनुमान प्रसाद ने गांव केलनियां, उप निदेशक ने गांव रायपुर, उप निदेशक ने गांव धिगतानियां,कार्यकारी अभियंता ने गांव तार बाबा सावन सिहं, डीपीएससी सुरेन्द्र सैनी ने गांव वैद्यवाला, डीएसओ सुरेन्द्र कुमार ने गांव मिरपुर, डीडीए डा. बाबु लाल ने गांव भुना, डा.सुभाष चंद्र ने गांव चक्कन, उपनिदेशक उद्योग ने गांव रासुलपुर, तहसीलदार नाथुश्री चौपटा ने गांव माखोश्योराण, चकजालु, एसडीओ बीएंडआर ने गांव ढाणी 400, एसडीओ बीएंडआर ने गांव सांगर सरीस्ता, एसडीओ बीएंडआर ने गांव सिकंदरपुर, चुनाव तहसीलदार ने गांव मोरीवाला, जिला मत्स्य अधिकारी  जगदीश चंद्र ने गांव खरेखा, एचएसएएम एसडीओ ने गांव मेमनखेड़ा, एचएसएएम एसडीओ बेगू, एचएसएएम एसडीओ मोधासिंघाना, एचएसएएम एसडीओ एसडीओ ने गांव खारिया, एचएसएएम इंजीनियर ने गांव नाथूसरी चौपटा, एचएसएएम इंजीनियर ने गांव वैद्यवाला, इंजीनियर ने गांव सालरपुर, इंजीनियर ने गांव ख्योवाली, इंजीनियर ने गांव गढराना, इंजीनियर ने गांव बुढ़मेरी, इंजीनियर ने गांव बारूवाली-02, इंजीनियर ने गांव मीरपुर, इंजीनियर ने गांव केवल, इंजीनियर ने गांव बुप्प,इंजीनियर ने गांव नानकपुर, इंजीनियर ने गांव लखुआना, पशुपालन विभाग एसडीओ ने गांव मोदी,डीडब्ल्यूओ सुशील शर्मा ने गांव सहुवाला-1, टीडब्ल्यूओ कमल सिहं ने गांव बाजेकां, टीडब्ल्यूओ लाल चदं ने गांव छत्तरीयावाली, बीडीपीओ  अनिल कुमार ने गांव सुल्तानपुरिया, डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज ने गांव फरवाई, डीईओ आत्मा प्रकाश ने गांव पनिहारी,,बीइओ कृष्ण लाल ने गांव घोड़ावाली, बीईओ बड़ागुडा मनीषा ने गांव ढाभ, बीइओ हरमेल सिहं ने गांव नुहियावाली, बीइओ सुभाष कुमार ने गांव बनवाला, बीईओ जसपाल सिंह ने गांव गुडिया खेड़ा, रानी देवी ने गांव बरवाली-1,एएफएसओ नरेन्द्र सरदाना ने गांव राम नगरिया, इस्पेक्टर रणवीर सिंह ने गांव मोचीवाली, एएफएसओ कृष्ण चंद्र ने गांव रोहिरावाली, इंस्पेक्टर कश्मीरी लाल ने गांव दौलतपुरा खेड़ा, इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने गांव हरीपुरा, एएफएसओ जगतपाल ने गांव मिढानपुरा, इंस्पेक्टर बालकरण सिंह ने गांव हाबुवाना, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज भरत सिंह ने गांव कंवरपुरा, एसडीओ मुन्शी राम जाखड़ ने गांव दीवान खेड़ा, एसडीओ योगिन्द्र ने गांव चक्रिया, एसडीओ सुधीर मोहन ने गांव काशी का बास, एएसडीई पृथी राज सुधार ने गांव ने गांव दौलतपुर खेड़ा व झोरार रोही, एएसडीई प्रमीनंदर सिंह ने गांव लोगेंवाला, एएसडीई परमजीत सिंह ने गांव रोड़ी, जेई राधेश्याम ने गांव बृज भंगु, जेई विनोद मेहता ने गांव चौटाला, जेई कालुराम ने गांव रीसालीया खेड़ा, एएसडीई हरजिंदर सिहं ने गांव देशु जोधा, एएससडीई काशी राम ने गांव अमृतसर कलां, जेई भरत कुमार ने गांव ढाणी कहान सिंह,एएसडीई राज कुमार ने गांव ढाणी बचन सिंह, जेई चदं्रपाल ने गांव केरीवाला, जेई प्रदीप ने गांव लुदेसर,जेई महेंद्र सिहं ने गांव माखोसरानी, जेई सौरभ ने गांव गदली, एएसडीई रणबीर सिंह ने नेजाडेला कलां, एएसडीई रमाकांत ने गांव चतरपट्टी, जेई लवीश महता ने गांव मोरीवाला, जेई कर्ण ने गांव शाहपुर बेगू, प्रमोद सिंह ने कासुंबी, एएसडीई देवेंद्र ने गांव झंडवाला जाटान, एएसडीई ओमप्रकाश ने गांव कांलावाली, जेई हेमा देवी ने गांव ओढा, एएसडीई धर्मसिंह ने गांव जमालवाली, एएसडीई अंकुर गांव ननुवाना, एएसडीई दलबीर सिंह ने गांव आटू व एएसडीई नरेश ने गांव फिरोजाबाद को गोद लिया है।

पर्यावरण सरंक्षण के लिए पौधारोपण जरूरी : सिटीएम संदीप कुमार

पराली जलाने वाले संभावित 76 गांव किए गए चिन्हित : उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण

सिरसा, 9 सितंबर।

रेड जोन में रखे 25 गांव तथा औरेंज जोन में जिला के 51 गांवों पर रहेगी विशेष नजर


उपायुक्त रमेश चंद्र बिढाण ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय व एनजीटी के निर्देशानुसार जिला में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर  पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्णतय नियंत्रण जरूरी है। इसलिए प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए गंभीरता के साथ काम किया जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वाले संभावित 76 गांवों को चिह्निïत किया गया है। इन गांवों में विशेष योजना के तहत कार्य किया जाए और किसानों को पराली न जलाने के लिए अधिक से अधिक जागरुक करें। इसके लिए निगरानी टीमों का गठन कर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाए।

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उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरुक करें और विशेष रुप से ग्रामीण महिलाओं को भी पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीटी व माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों की हर हाल में कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करें।  इसके अलावा किसानों को यह भी समझाएं कि पराली को जलाने की अपेक्षा उसे आमदनी का साधन बनाएं। पराली जलाने से न केवल वातावरण दूषित होता है बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है।

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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग के अधिकारी गांव में जाकर ग्रामीणों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें और पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी दें। इसके अलावा सरकार द्वारा पराली प्रबंधन कृषि संयंत्रों पर दिए जाने वाली अनुदान के बारे में विस्तार से बताएं, ताकि किसान इन कृषि यंत्रों का उपयोग पराली प्रबंधन के लिए कर सकें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वाले संभावित गांव के अलावा भी कृषि अधिकारी अन्य गांव पर निगरानी रखें और पंचायत प्रतिनिधियों से समय-समय पर तालमेल बनाकर ग्रामीणों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सरपंच गांव का मौजिज व्यक्ति होता है, जिसका प्रभाव ग्रामीणों पर होता है। इसलिए इस कार्य में सरपंच अहम भूमिका निभा सकते हैं।

ये 25 गांव किए रैड जोन में शामिल


गांव अलीका, बणी, चामली, दादू, दड़बा खेड़ा, धोतड़, फरमाल, जीवन नगर, जोधकां, करीवाला, कासमखेड़ा, माधोसिंघाना, मतड़, नहरावाली, नरेल खेड़ा, नटार, पनिहारी, रंगड़ी खेड़ा, रानियां, रोड़ी, शाहपुर बेगू, सिंकदरपुर, सुचान, सुरतिया, तलवाड़ा खेड़ा शामिल है।


ओरेंज जोन में हैं 51 गांव :


गांव अभोली, बेगूवाली, बाहिया, बाजेकां, बनसुधार, भादरा, भावदीन, बुप्प, धनुर, दड़बी, दौलतपुर खेड़ा, देशुजोधा,देशुमलकाना, ढुडियावाली, फिरोजाबाद, हांडी खेड़ा, हरीपुरा, हिमायु खेड़ा, जोहड़वाली, कंगनपुर, केलनियां, केवल, खुईयां मलकान, किरनावाली, कुस्सर, कुताबढ, लहंगेवाला, लीनवाली, मल्लेकां, ममेरा, मंगाला, मीरपुर, मोडिया खेड़ा, मोहमदपुरिया, मौजदीन, नागोकी, नगराना, नेजाडेला खुर्द, नेजाडेला कलां, ओटू, पक्का, पन्नीवाला-मोरिकां, फूल्लो, रंगा, रसूलपुर, शहीदावाली, शमसाबाद, तख्तमल, ठोबरियां, वेदवाला


कस्टम हायरिंग सैंटर के माध्यम से कृषि यंत्रों पर दी जाती है 80 फीसदी सब्सिडी : उपायुक्त बिढ़ाण


उपायुक्त ने कहा कि किसान पराली को जलाने की बजाय इसे अपनी आय का स्त्रोत भी बना सकते हैं। इसके अलावा पराली को पशु चारा के साथ-साथ इसे भूमि में मिला कर उपजाऊ शक्ति भी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा धान की कटाई के लिए किसानों को कृषि यंत्रों पर अच्छा अनुदान दिया जाता है। कस्टम हायरिंग सैंटर के माध्यम से किसानों को इन कृषि यंत्रों पर 80 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्र के लिए आवेदन करने से पहले किसान को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके अलावा सीआरएफ स्कीम तहत वहीं किसान अनुदान के लिए आवेदन कर सकता है जिसने कृषि विभाग से पिछले 2 साल के दौरान किसी भी स्कीम में इनसीटू कृषि यंत्र पर अनुदान का लाभ न लिया हो।