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बाढ़ संभावित क्षेत्र में पशुधन के बचाव के लिए 32 टीमें गठित : डीसी

सिरसा, 4 मई।

जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी की 

सघन पशुधन विकास परियोजना द्वारा जिला में बाढ़ से संभावित क्षेत्रों व गांवों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने एवं पशुओं को सुरक्षित रखने हेतु 32 विशेष टीमें गठित की गई हैं और बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है तथा नियंत्रण कक्ष का मोबाईल नंबर 94677-16473 है।

यह जानकारी देते हुए उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने बताया कि गठित टीमों के इंचार्ज पुश पालन विभाग के संबंधित उपमंडलाधिकारी होंगे। उन्होंने बताया कि गठित टीमों की कार्य प्रगति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, इसके लिए टीमों की कार्य प्रणाली का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला के वीएस डा. पीसी नंदा को नियंत्रण अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी टीमों के लिए आवश्यक वैक्सीन व दवाइयोंं से संबंधित पशु चिकित्सक केंद्रीय भंडार राजकीय पशु चिकित्सालय सिरसा से प्राप्त कर टीमों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। सभी टीम इंचार्ज क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य संक्रामक रोगों, गलघोटू, शीपपॉक्स, ईटीवी आदि के टीके लगाकर वैक्सीनेशन डिवरमिंग आदि करके अपने इलाके के पशु-पक्षियों को इन रोगों से सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने बताया कि पशु पालन विभाग द्वारा बाढ़ से संभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित पशुओं को तुरंत आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए इस बारे भी कड़े प्रबंध किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय में दवाइयां तथा वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में स्टॉक होने चाहिए इस बारे में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं को कृमि रोग से सुरक्षित रखने हेतु पशुओं को कृमिनाशक इलाज देना भी जरूरी है। विभाग द्वारा बनाई गई टीमें प्रत्येक गांवों में घूम-घूमकर कृमि रोगों का इलाज करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गठित विशेष टीमें दवाइयां पिलाने का कार्य अपने उपस्थिति में ही करेंगी।

उपनिदेशक पशुपालन विभाग डा सुखविंद्र सिंह ने बताया कि बाढ संभावित क्षेत्रों में लगाई गई टीमों को निर्देश दिये गए हैं कि पशुओं को संक्रमक रोगों से बचाने के लिए आवश्यक वैक्सीन व दवाईयां सम्बन्धित पशु चिकित्सक केन्द्रीय भण्डार, राजकीय पशु चिकित्सालय, सिरसा से प्राप्त करके अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध करवाई जाएंगी। सभी टीमों को यह निर्देश दिए गए है कि वे अपने क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य रक्षा हेतु संक्रामक रोगों गलघोटु, रानीखेत, शीपपॉक्स, ईटीवी इत्यादि के टीके लगा कर वैक्सीनेशन/ डिवरमिंग आदि करके अपने इलाके के पशु-पक्षियों को इन रोगों से सुरक्षित कर लेवें । यह कार्य विशेष अभियान के रूप में शुरू कर दें ताकि वर्षा ऋतु से पूर्व यह कार्य पूर्ण किया जा सके । 

टीमों को कार्य क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्र जैसे बरूवाली-ा, भरोखां, संगरसरिस्ता, पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, मुसाहिबवाला तथा सभी ढाणिया, फरवांईकलां, फरवांईखुर्द, नेजाडेला कलां, झोंपड़ा, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, मल्लेवाला व साथ लगती सभी ढ़ाणियां, खैरपुर, बरनाला रोड, वैदवाला, हाण्डीखेड़ा, खाजाखेड़ा, सलारपुर, नटार व सभी ढाणियां, भावदीन, पतलीडाबर, मौजुखेड़ा, बगुवाली, नरेलखेड़ा, डिंग मोड़ व सुचानकोटली व साथ लगती ढाणिया, सिकन्दरपुर, बाजेकां, फूलकां व साथ लगती  ढाणियां, मोरीवाला, दड़बी, रसूलपुर, थेड़ी व साथ लगती ढाणियां, अलीकां, झिड़ी, ढ़ाबां, बप्पां, नेजाडेलाखुर्द, सहारनीए नागोकी व सभी साथ लगती ढाणियां, मत्तड़, लहंगेवाला, रंगा व साथ लगती सभी ढाणियां, रोड़ी, सुरतियां तथा सभी ढाणियां, फग्गु, रोहण व साथ लगती सभी ढाणियां, देसुखुर्द, भीमा, मलड़ी व साथ लगती ढाणियां, थिराज, झोरडऱोही, पंजमाला व सभी ढाणियां, ओटू, धनूर, फिरोजाबाद, अबूतगढ़, व सभी ढाणियां, धौतड़, सुलतानपुरियां, नानूआना, व सभी ढाणियां, रानियां कस्बा, ढ़ाणी सतनाम सिंह, नगराना, अभौली व साथ लगती ढाणियां, बालासर, मौहम्मदपुरियां, फतेहपुरियां, मंगालिया व सभी ढाणियां, भड़ोलांवाली, रामपुरथेड़, नकौडा़ व सभी ढाणियां, अमृतसरकलां, बुड़ीमेड़ी, अमृतसरखुर्द, प्रतापनगर, मिर्जापुर, थोबरिया, हि मतपुरा व सभी ढाणियां, माधोसिंघाना, मंगाला, टीटुखेड़ा, मोडिय़ाखेड़ा, शहीदांवाली, भम्भूर, ढाणी काहनसिंह तथा सभी ढाणियां। इसके अतिरिक्त मल्लेकां, मौजदीन, गिंदड़ावाली नानकपुर, चकसाहिबा, चकराईयां व साथ लगती ढाणियां, खैरेकां, अहमदपुर, मीरपुर व मीरपुर कॉलोनी, बनसुधार, चामल, खुहवाली ढाणी, झोरडऩाली, सुखचैन ढाणी, केलनियां व ढाणी-400, शमशाबाद पट्टी, पंजुवाना, बुर्जभंगु, साहुवाला-ा, भंगु व साथ लगती सभी ढाणियां, कर्मगढ़, शेखुपुरियां, फतेहपुरियां व साथ लगती ढाणियां, ऐलनाबाद कस्बा, तलवाड़ाखुर्द, धौलपालियां, ढाणी जाटान, नीमला, मिठनपुरा, कर्मशाना, बेरवालाखुर्द व सभी ढाणियां, मौजुखेड़ा, पट्टीकृपाल, ममेरा, शेखुखेड़ा, हुमायुखेड़ा व सभी ढाणियां, संतनगर, हरीपुरा, जीवननगर, करीवाला, संतोखपुरा, हारनी, धर्मपुरा, मंजिल थेड़, शहीदांवाली थेड़ व सभी ढाणियां, सिरसा शहर, खैरपुर को छोड़कर, चत्तरगढ़पट्टी,  बेगु, रंगड़ी, रामनगरियां, कंगनपुर व श्री गौशाला सिरसा, ढूढियांवाली, नथौर, सैनपाल, बाहिया, बनी व सभी ढांणियां, कैहरवाला, सादेवाला, मत्तुवाला,बचेर व सभी ढांणियां, कुत्ताबढ़, कोटली, केसुपुरा, रत्ताखेड़ा व सभी ढांणियां शामिल हैं।

इन गांवों में तथा ढाणियों में विभाग के सभी पशु चिकित्सक व वीएलडीए सहित विभाग के कर्मचारी पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाएंगे तथा किए गए कार्यों की रिपोर्ट से भी उच्चाधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाते रहेंगे।

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