जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई साइकिल रैली

ठंडाई सेहत के लिए अमृत

गर्मियों का मौसम आते ही दिमाग में ठंडी-ठंडी ठंडाई का ख़्याल आने लगता है, जो पेट को ठंडक देने के साथ मन को भी संतुष्ट करती है.

ठंडाई सेहत के लिए अमृत

लेकिन साथ ही ये भी ख़्याल आता है कि कौन सी ठंडाई है बेहतर? आजकल बाजार में ठंडाई के बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं जिसमें से सही और सेहतमंद ठंडाई का चयन करना मुश्किल हो जाता है.

गर्मियों में ठंडाई पीना अमृत से कम नहीं, ठंडाई गर्मी के प्रकोप को दूर करने के साथ साथ शरीर को तुरंत शक्ति देने वाला ग़ज़ब का पेय है.

दिमागी टॉनिक के साथ ये अनेक बड़े रोगों की रामबाण दवा भी है. आजकल के मॉडर्न युवा जहाँ प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स जैसे ज़हर इस्तेमाल करते हैं, वहीँ पर भारतीय घरों में गर्मियों की शान है ठंडाई, ये बाज़ार में बनी बनाई मिल जाती है, जिसको एक गिलास पानी या दूध की लस्सी (एक हिस्सा दूध और तीन हिस्से पानी) में  सिर्फ 20 – 30 मि. ली. डालकर तुरंत पी सकतें हैं. और ठंडाई को आप घर पर भी बना सकते हैं.

बाज़ार में मिलने वाली ठंडाई जहाँ चीनी से बनी होती है और इसमें प्रिस्र्वेटिवस भी मिले होतें हैं. वही पर आप इसको मिश्री डालकर खुद ही घर पर बनायें तो इसके गुणों में चार चाँद लग जायेंगे.

ठंडाई बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:-

  •     सौंफ 100 ग्राम
  •     खस खस 50 ग्राम
  •     मगज खरबूजा 50 ग्राम (खरबूजे से निकलने वाले बीजो की गिरियाँ)
  •     काली मिर्च 60 ग्राम
  •     बादाम 150 ग्राम
  •     इलायची दाना 20 ग्राम
  •     केसर 3 ग्राम
  •     गुलाब जल 30 मि ली
  •     मिश्री 2.0 कि ग्रा
  •     वंश लोचन 3 ग्राम
  •     पानी 1.5 लीटर

ठंडाई बनाने की विधि:-

  1. रात को बादाम, सौंफ, काली मिर्च, मगज और खस खस को अलग अलग भिगो देंवें।
  2. सुबह इन सबको अलग अलग पीस लें। बादाम के छिलके उतार कर पीसना है।
  3. अब पिसे हुए सौंफ को 1.5 लीटर पानी में उबालें। (इतना उबालें कि, आधा लीटर तक पानी उड़ जाये।) इस पानी में से सौंफ को छान कर फेंक दें। छने हुए पानी को पुनः उबालें। एक उबाल आने पर मिश्री डाल कर 10 मिनट तक उबलने दें। पानी के ऊपर से मैल निकाल लें। इस मिश्री युक्त पानी को छान लीजिये और छानने के बाद इस में पिसे हुए बादाम, खस खस, काली मिर्च और मगज मिलाकर आधे घण्टे तक उबालने के बाद ठंडा होने दें।
  4. वंश लोचन को बारीक पीस लें।
  5. केसर और इलायची दाने को पीस कर गुलाब जल में घोट लें।
  6. वंशलोचन, केसर इलायची और गुलाबजल के मिश्रण को ठंडाई में मिला कर बोतलों में भर लें।

ठंडाई के फायदे.

1. एसिडिटी – पेट में गर्मी

जिनको अम्ल पित्त, पित्त प्रकोप और उदर में ज्यादा गर्मी होने की तथा पेट में जलन होने की शिकायत हो उनको गर्मियों में सुबह खाली पेट दूध की लस्सी में ठंडे डालकर पीना बहुत फायदेमंद है.
2. मुंह में छाले

मुँह में छाले होते रहते हों तो ठंडाई का नित्य सेवन करने से छाले होना बंद हो जायेंगे.
3. पेशाब में जलन

अगर पेशाब करते समय जलन हो तो ठंडाई का नित्य सेवन करने से ये समस्या दूर हो जाती है.
4. आँखों में जलन

आँखों में जलन हो ठंडाई का रोजाना सेवन करने से इसमें बहुत आराम आता है.
5. अलसर (पेट के छालों में)

पेट में अल्सर होने पर यह बहुत ही रामबाण है. दिन में 3-4 बार दूध की लस्सी में ठंडाई डालकर पीने से अल्सर में थोड़े दिनों में ही आराम होता है.
6. स्वपनदोष और शीघ्रपतन

शरीर में अति उष्णता बढ़ जाने से तथा पित्त के कुपित रहने से जिन्हे स्वप्नदोष और शीघ्रपतन होने की शिकायत हो उनके लिए इसका सेवन अत्यधिक फायदेमंद है. शीघ्रपतन के रोगियों को इसे दूध में डालकर पीना चाहिए. और स्वपन दोष के रोगियों को इसे दूध की लस्सी में.
7. रक्तप्रदर और श्वेत प्रदर में.

स्त्रियों को रक्तप्रदर या श्वेतप्रदर की समस्या होने पर 40 दिन तक नियमित रूप से ठंडाई का सेवन करने से बहुत लाभ होता है।
8. दिमागी टॉनिक.

ठंडाई एक प्रकार का दिमागी टॉनिक भी है. गर्मियों में ठंडाई का नियमित सेवन दिमागी काम करने वालों और पढने वाले बच्चों के लिए ये विशेष रूप से लाभकारी है.

नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.

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