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उपायुक्त ने पीएम-विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम विकास) योजना के तहत गठित ड्रिस्टिकट इंपलीमेंटेशन कमेटी की आयोजित पहली बैठक की करी अध्यक्षता

योजना के तहत 18 विभिन्न वर्ग के कारीगरों और शिल्पकारों से प्राप्त आवेदन पर विस्तारपूर्वक की गई चर्चा

योजना का मुख्य उदेश्य कारीगरों और शिल्पकारों को विश्वकर्मा के रूप में मान्यता देना और उन्हें योजना के तहत सभी लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र बनाना

लाभार्थी कारीगर को स्वः रोजगार स्थापित करने के लिए पहली बार एक लाख रूपये और दूसरी बार दो लाख रूपये का श्रण 5 प्रतिशत की सस्ती ब्याज दर पर करवाया जाएगा उपलब्ध

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पंचकूला, 19 फरवरी- उपायुक्त श्री सुशील सारवान की अध्यक्षता में आज लघु सचिवाय के सभागार में पीएम-विश्वकर्मा कौशल सम्मान(पीएम विकास) योजना के तहत ड्रिस्टिकट इंपलीमेंटेशन कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई।  बैठक में योजना के तहत 18 विभिन्न वर्ग के कारीगरों से प्राप्त आवेदन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

योजना में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके पारंपरिक उत्पादों और सेवाओं को बढ़ाने में शुरू से अंत तक समग्र सहायता प्रदान करने की परिकल्पना की गई है

उपायुक्त ने बताया कि विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम-विकास) एक नई योजना है और इसमें पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उनके पारंपरिक उत्पादों और सेवाओं को बढ़ाने में शुरू से अंत तक समग्र सहायता प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। इस योजना का मुख्य उदेश्य कारीगरों और शिल्पकारों को विश्वकर्मा के रूप में मान्यता देना और उन्हें योजना के तहत सभी लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र बनाना है साथ ही उनके कौशल को निखारने के लिए कौशल उन्नयन प्रदान करना और उनके लिए प्रासंगिक और उपयुक्त अवसर उपलब्ध कराना है। इसके अलावा उनकी क्षमता, उत्पादकता और उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेहतर और आधुनिक उपकरणों के लिए सहायता प्रदान करना और विकास के नए अवसरों तक पहुंचने में मदद करने के लिए ब्रांड प्रचार और बाजार लिंकेज के लिए एक मंच प्रदान करना है।

प्रत्येक लाभार्थी को अपने कार्य अनुसार टूल किट खरीदने के लिए 15 हजार रूपये का मिलेगा अनुदान

    बैठक में उपायुक्त और ड्रिस्टिकट इंपलीमेंटेशन कमेटी के चैयरमेन श्री सुशील सारवान द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवेदनों के सत्यापन के लिए अलग- अलग कमेटियों का गठन किया गया। आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों केा आई कार्ड जारी किए जाएंगे। प्रत्येक लाभार्थी को अपने कार्य के अनुसार टूल किट खरीदने के लिए 15 हजार रूपये अनुदान का ई-वाउचर दिया जाएगा। स्वः रोजगार स्थापित करने के लिए लाभार्थी को पहली बार एक लाख रूपये और दूसरी बार दो लाख रूपये का श्रण 5 प्रतिशत की सस्ती ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके अलावा लाभार्थियों को 5 से 7 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसके लिए उन्हें प्रतिदिन के हिसाब के 500 रूपये स्टाईफंड भी दिया जाएगा।

इन श्रेणी के कारगरों को मिलेगा योजना का लाभ

बढई, नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथौडा, टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार(पत्थर तराशने वाला), पत्थर तोडने वाला, मोची (चर्मकार)/ जूता कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई, झाडू निर्माता/ कायर बुनकर, गुडिया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक), नाई, माला निर्माता(मालाकार), धोबी, दर्जी और मछली पकडने का जाल निर्माता

कारीगर पीएम विश्वकर्मा का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी सीएससी (अटल सेवा केद्र) पर निशुल्क पंजीकरण करवा सकते है

बैठक में बताया गया कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और उसने पिछले 5 वर्षो में पीएमईजीपी, पीएमम स्वनिधि एवं मुद्रा योजना के तहत श्रण न लिया न हो। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नही होगे। कारीगर पीएम विश्वकर्मा का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी सीएससी (अटल सेवा केद्र) पर निशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं।

ये रहे उपास्थि

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डा. हरिश वशिष्ठ, सीईओ जिला परिषद गगनदीप सिंह, प्रौजैक्ट आफिसर चिराग मेहरा, एमएसएमई करनाल के सहायक निदेशक हरपाल सिंह, एलडीएम सुरेंद्र शर्मा, एमएसएमई पंचकूला के विस्तार अधिकारी रोहित टिंडल, बीडीपीओ रायपुररानी परमनंदन, बीडीपीओ पिंजौर विनय प्रताप सिंह के अलावा मनोनित सदस्य अजय शर्मा, वीरेद्र राणा और सुनील धीमान ।

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