जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकाली गई साइकिल रैली

इस रोस्टर के तहत उसी किसान की सरसों की खरीद मण्ड़ी में की जाएगी, जिसका ब्यौरा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड होगा

करनाल:

 उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने गुरुवार को बताया कि जिले में सरसों की समूचित खरीद के लिए हैफेड द्वारा तिथि व गांववार रोस्टर तैयार कर लिया गया है।

खरीद जिला की एकमात्र मण्ड़ी घरौण्ड़ा में गुरूवार से प्रारम्भ हो गई है।

इसके तहत प्रारम्भ के 3 दिन यानि 30 मार्च तक ओपन फारआल यानि जिले के किसी भी गांव का किसान मण्ड़ी में जाकर अपनी सरसों की फसल बेच सकता है। 

उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से 18 अप्रैल तक सरसों की खरीद के लिए गांव के अनुसार रोस्टर बनाया गया है। इस रोस्टर के तहत उसी किसान की सरसों की खरीद मण्ड़ी में की जाएगी, जिसका ब्यौरा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड होगा।

उन्होंने बताया कि मण्ड़ी में ठीक प्रकार से सरसों की खरीद हो, किसानो की सुविधा के लिए सम्बंधित तहसीलदार और उनके पटवारी किसानो की रजिस्ट्रेशन का विवरण मार्किट कमेटी घरौण्ड़ा के कार्यालय में भिजवा रहें है, ताकि किसानो को फसल बेचने में कोई दिक्कत ना हो और रजिस्ट्रेशन के प्रमाण से फसल की गेट पर्ची कटवाई जा सके।

उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार सरसों की फसल की अदायगी किसानो को उनके खाते में ऑनलाईन भेजी जाएगी तथा गेहूं की पेमेंट की अदायगी आढ़ती के माध्यम से होगी। 

उन्होंने बताया कि मण्डियों में गेहू की फसल की खरीद एक अप्रैल से आरम्भ होगी। इसके लिए सभी मण्डियो के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त ने किसानो से अपील की है कि वे अपनी सरसों रोस्टर के अनुसार ही मण्ड़ी में लाएं। 

हैफेड के जिला प्रबंधक एम.एल. पोसवाल ने बताया कि सरसों की खरीद के रोस्टर के अनुसार एक अप्रैल को घरौण्ड़ा खण्ड़ के गांव डिंगर माजरा, अमृतपुर कलां व अमृतपुर खुर्द, 2 अप्रैल को गगसीना व कलहेड़ी, 3 अप्रैल को हरीसिंहपुरा, शेखपुरा खालसा व अराईपुरा, 4 अप्रैल को स्टौण्ड़ी, पनौड़ी फरीदपुर, शाहजाहंपुर, रायपुर जटान, कोहण्ड, कुटेल, बसताड़ा, समालखा, समालखावाली, नूरवाला, बादशाहपुर, बीजना, गुढा, जमालपुर, बड़ौली, गढ़ीमुल्तान, मलिकपुर, पुण्डऱी, बरसत, कैमला, खोरा खेड़ी, चौरा, गढीखजूर, मुबारखाबाद तथा गढ़ीभरल के किसान अपनी सरसों बेच सकेंगे।

गांव के किसान अपनी सरसों की फसल को घरौण्ड़ा मण्ड़ी में ब्रिकी के लिए ले जा सकेंगेे। 

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