लोकसभा चुनाव की कमान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों में ही होगी।

हरियाणा में लोकसभा चुनाव की कमान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों में ही होगी।
अब कांग्रेस आलाकमान ने भी हुड्डा की अध्यक्षता वाली 15 सदस्यीय समन्वय समिति को हरी झंडी दे दी है।
15 सदस्यीय समिति के हुड्डा चेयरमैन होंगे। प्रदेश में गुटों में बंटी कांग्रेस को इस कमेटी के जरिए हाईकमान ने एक सूत्र में पिरोने की कोशिश की है।
इसमें सभी गुटों के बड़े नेताओं के साथ ही उनके समर्थकों को भी एडजस्ट किया गया है।
तीन दिन पहले शुक्रवार को समन्वय समिति की ओर से यही सूची जारी की गई थी लेकिन उसे एक घंटे बाद ही रद्द कर दिया गया था।
सूची रद्द करने पर यह दलील दी गई कि इस पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर नहीं हैं। उनके हस्ताक्षर के साथ ही सूची जारी होगी।
इसके साथ ही चुनाव समिति, प्रचार-प्रसार समिति और कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा की जाएगी। लेकिन बदले राजनीतिक हालात में सोमवार को कांग्रेस हाईकमान को वही सूची जारी करनी पड़ी, जिसे शुक्रवार को हरियाणा कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने जारी किया था।
यही नहीं, प्रदेश में लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने और गुटों में बंटी कांग्रेस की एकजुटता दिखाने के लिए हाईकमान ने आंध्रप्रदेश और कर्नाटक की तर्ज पर बस यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है।
15 सदस्यीय इस कमेटी में छह नेता हुड्डा समर्थक हैं। इनमें सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक कुलदीप शर्मा, जयवीर वाल्मीकि, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व सीपीएस अनिल ठक्कर, पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।
इनके अलावा प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सैलजा, कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन रणदीप सुरजेवाला, विधायक कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव, पूर्व सांसद नवीन जिंदल और जयपाल लाली को समिति का सदस्य बनाया गया है।