Seminar on Academic writings concluded at PU

Seminar on Academic writings concluded at PU

Chandigarh November 22, 2019

Seminar on Academic writings concluded at PU


On the concluding day of Two days seminar cum workshop on “Academic writings: addressing the contemporary challenges” organized by department of Education, Panjab University, Chandigarh, Prof. S. Srinivas Rao from Jawaharlal University, Delhi addressed  “Academic Integrity as Essential Element in Academic Publications, here today.

Dr. Rao linked the role of society in ensuring academic integrity. He was critical for the role of teachers and supervisors in inculcating moral and ethical values in their students to ensure academic integrity. He further suggested “Double Blind Process” in order to curb the maniac of predatory journals leading to the earlier “Pay and Publish system”. He outlined five basic fundamental values in research consisting of honesty, trust, fairness, respect and responsibility.

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Prof. Manish Jain, from B. R Ambedkar University addressed ‘Nuances of quality writing and publishing in quality journals’. He shared his experiences and mentioned Prof. Avijit from JNU and expected the participants to take their position while writing a research paper and emphasised on the importance of understanding a reader so as to know
how to pitch and where to pitch?

Prof. Jayanti Dutta discussed essential steps in writing a book review as a creative exercise.

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Prof. Shobha Sinha Chairperson, Central Institute of Education, University of Delhi discussed the contents of academic writing, writing processes and concerns of author. She emphasized on reader friendly writing and cohesion in writing. She narrated stories to make context interesting.

Valedictory address was given by Prof. R.K. Kohli, Senior Ecologist and Vice Chancellor, Central University of Punjab, Bhatinda. He deliberated on the need of writing good quality research papers and what are factors which are affecting the quality of our publication.

Prof. Sanjay Kaushik, UBS, Dean, College Development Council, Panjab University, Honorary Director, NWRC, ICSSR, Panjab University in his remarks emphasised the role of academic writings in understanding the
social issues.

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जिला स्तरीय यूथ रैडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर में 16 महाविद्यालयों के 120 छात्र-छात्राओं व काउंसलर ने लिया भाग

सिरसा, 22 नवंबर।

जिला स्तरीय यूथ रैडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर में 16 महाविद्यालयों के 120 छात्र-छात्राओं व काउंसलर ने लिया भाग


              भारतीय रैडक्रॉस सोसायटी की जिला शाखा द्वारा आयोजित किए जा रहे जिला स्तरीय यूथ रैडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डा. तेजा सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की।

जिला स्तरीय यूथ रैडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर में 16 महाविद्यालयों के 120 छात्र-छात्राओं व काउंसलर ने लिया भाग


                  प्राचार्य डा. तेजा सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए रैडक्रॉस के चिन्ह, पर्यावरण, स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में रैडक्रॉस चिन्ह जरूरतमंद लोगों के प्रति एक निष्पक्ष और गैर पक्षपातपूर्ण सेवा का प्रतीक रहा है। इस चिन्ह का इस्तेमाल किसी भी दशा में किसी भी तरह के फायदे के उद्देश्य से नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस चिन्ह का प्रयोग केवल युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को सहायता प्रदान करने के लिए रैडक्रॉस के स्वयंसेवियों द्वारा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने पर बल दिया तथा युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए फास्ट-फूड का त्याग कर अपने भोजन में हरी सब्जियों का उपयोग अत्यधिक करें।


                  जिला रैडक्रॉस सोसायटी के सचिव लाल बहादुर बैनीवाल ने बताया कि इस शिविर में जिला के 16 महाविद्यालयों से आए हुए 120 छात्र/छात्राएं व काउंसलर भाग ले रहे हैं। जिला रैडक्रॉस सोसायटी सिरसा के जिला प्रशिक्षण अधिकारी  गुरमीत सिंह सैनी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण देकर डैमो के माध्यम से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने हेतु एक कुशल प्राथमिक सहायक की समाज में अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल एक प्रशिक्षित कुशल प्राथमिक सहायक ही मौका पडऩे पर आपातकालीन स्थितियों में किसी रोगी/घायल व्यक्ति का जीवन बचाकर पुण्य का भागी बन सकता है जो कि अपने आप में बहुत ही बड़ी उपलब्धि है।

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हरियाणा उर्दू अकादमी की और से भारत की ‘उर्दू पत्रकारिता में ‘गैर-मुस्लिम पत्रकारों’ का योगदान’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया।

हरियाणा उर्दू अकादमी की और से भारत की ‘उर्दू पत्रकारिता में ‘गैर-मुस्लिम पत्रकारों’ का योगदान’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया।

पंचकूला, 22 नवंबर- हरियाणा उर्दू अकादमी की और से भारत की ‘उर्दू पत्रकारिता में ‘गैर-मुस्लिम पत्रकारों’ का योगदान’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता प्रमुख लेखक एवं वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी के.पी.सिंह ने की और मुख्य अतिथि के तौर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने शिरकत की।

हरियाणा उर्दू अकादमी की और से भारत की ‘उर्दू पत्रकारिता में ‘गैर-मुस्लिम पत्रकारों’ का योगदान’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया।


इस अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रोफे़सर ज़ियाउर रहमान सिद्दीकी ने उर्दू पत्रकारिता में गैर मुस्लिम पत्रकारों की भूमिका के विषय में ‘हरियाणा के गैर मुस्लिम पत्रकारों का योगदान’ शीर्षक पर एक दिलचस्प शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ‘जामे जहाँ नुमा’ नामक उर्दू के पहले अख़बार के सम्पादक मुंशी सदासुख लाल थे, जिनका सम्बन्ध संयुक्त पंजाब से रहा। यह अख़बार 1822 में प्रकाशित हुआ। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र भी ऐसे पत्रकार थे कि जिन्होंने उर्दू और हिन्दी दोनों भाषाओं में समाचार पत्र जारी किए। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ही ऐसे प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने सबसे पहले देवनागरी लिपि में उर्दू के अखबार को प्रकाशित करना शुरू किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि देश के बटवारे के समय हरियाणा की सरजमीन से 22 उर्दू के अखबार निकलते थे जिनके सम्पादक सभी हिन्दू थे। सिद्दीकी साहब ने सर छोटू राम के ‘जाट गजट’ और लाला लाजपत राय के समाचार पत्र का भी जिक्र किया। सबसे विशेष बात प्रोफे़सर ज़ियाउर रहमान सिद्दीकी ने अपने भाषण में ये कही कि हमारा फर्ज बनता है कि हम इन गुमनाम पत्रकारों पर अधिक से अधिक शोध करंे और इनकी साहित्यिक व सामाजिक सेवाओं को लोगों के सामने लाए ताकि आने वाली नस्ले इनके कारनामों एवं सेवाओं से परिचित हों सकें।

हरियाणा उर्दू अकादमी की और से भारत की ‘उर्दू पत्रकारिता में ‘गैर-मुस्लिम पत्रकारों’ का योगदान’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया।


अध्यक्ष के.पी. सिंह, आई.पी.एस. ने अपने वक्तव्य में कहा कि इसमें कोई सन्देह नहीं की उर्दू के गैर मुस्लिम पत्रकारों ने उर्दू पत्रकारिता को नया मोड दिया था। इसी के साथ उन्होंने पत्रकारिता के दृष्टिकोण में इस तहजीब और संस्कृति को भी बढ़ावा दिया था जिसे हम गंगा जमनी तहजीब कहते हैं। मुख्य अतिथि के रूप में धनपत सिंह, आई.ए.एस. ने कहा कि हरियाणा उर्दू अकादमी ने इस अछूते विषय पर सेमिनार कराकर पत्रकारिता को एक नई दिशा प्रदान की है। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार एन.एस.परवाना ने भी उर्दू पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दू पत्रकारों के योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय पत्रकारिता में इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। विशिष्ठ अतिथि और केन्द्रीय साहित्य अकादमी, दिल्ली के उपाध्यक्ष माधव कौशिक ने उर्दू और हिन्दी पत्रकारिता के सम्बन्धों को महत्वपूर्ण ढंग से उजागर किया।


इस अवसर पर अकादमी की ओर से दस वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ पत्रकार एन.एस.परवाना, केदार नाथ केदार, मुकेश राजपूत, राकेश गुप्ता, महेश परमार, शशि अरोडा, मृणाल लाला, चन्द्र शेखर और सुरेन्द्र सागवान, प्रदीप शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन अकादमी के निदेशक डाॅ. चन्द्र त्रिखा ने किया और सभी विद्वानों तथा अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया। विशिष्ठ उपस्थिति में शिखर लेखक डाॅ. अत्मजीत, बी.डी. कालिया ‘हमदम’, डाॅ. आर.पी.सेठी कमाल, एस.एल.धवन आदि शामिल थे।

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उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण विभाग द्वारा पोस्को एक्ट के तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए।

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण विभाग द्वारा पोस्को एक्ट के तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए।

पंचकूला, 22 नवंबर- उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने कहा कि हमारे समाज में ऐसे घृणित तत्व भी मौजूद है जो बच्चों को उनकी मासूमियत की वजह से आसानी से शिकार बना लेते है। ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि हम जिम्मेदार समाज का निर्माण करें जोकि सजगता और सह्र्दयता तथा कानूनी प्रावधानों द्वारा असमाजिक तत्वों से बच्चों की सुरक्षा कर सके। श्री आहूजा आज यहां जिला सचिवालय के सभागार में जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण विभाग द्वारा पोस्को एक्ट के तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक दिन की कार्यशाला के अवसर पर महिला बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, बाल संरक्षण यूनिट, पुलिस विभाग व महिला थानों व अन्य संबंधित विभागों के स्टेक होल्डर्स को संबोधित कर रहे थे।

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण विभाग द्वारा पोस्को एक्ट के तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए।


उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा का विषय समाज के लिये अत्यंत गंभीर है। अकसर देखा जाता है कि बच्चों के मामलों में विशेषकर बालिकाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों को लेकर लोग मामलों को सामाजिक तौर पर ही सुलझाने का प्रयास करते है और इसमें सामाजिक लांछन से बचने के लिये कानूनी प्रावधानों की तरफ ध्यान नहीं देते। इससे इस तरह के जघन्य अपराध करने वाले घृणित व्यक्ति कड़ी सजाओं से बच जाते है और मासूम बच्चों को न्याय नहीं मिल पाता। हम सभी का कत्र्तव्य हैं कि हम सजग होकर सभी से बच्चों का ध्यान रखे ताकि इस तरह की समस्यायें न उभर सके। उन्होंने कहा कि यदि पोस्को के अंतर्गत कोई मामला आता है तो इसमें सख्ती से कानून को लागू करना चाहिए ताकि समाज में इस तरह के घृणित अपराध करने वाले अपराधी को कड़ा संदेश जाये और वह अपराध करने के बारे में सोच भी न सके।


पोस्को संशोधन अधिनियम 2019 के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यह एक्ट केवल लड़कियों के यौन प्रताड़ना करने वालों पर लागू होता था। 2019 में इस एक्ट में संशोधन किया। अब यह एक्ट लड़कों व लड़कियों के लिये समान रूप से लागू किया गया है।

उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण विभाग द्वारा पोस्को एक्ट के तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए।


बाल मजदूरी की रोकथाम पर जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी को रोकने के लिये भी सरकार ने सख्त कानून बनाये है। 14 साल से कम आयु के बच्चों को चाय की दुकानों, ढाबों, खदानों, भट्ठों और अन्य खतरनाक रोजगार में सम्मलित करना भी अपराध है। ऐसा करवाने वाले व्यक्ति पर एक लाख रुपये जुर्माना और एक साल सश्रम कारावास का प्रावधान है। छोटे बच्चों से भीख मंगवाना में चाहे उसके माता पिता ही क्यों न शामिल हो, उनको भी दोषी माना जायेगा। माता पिता होने से वे इस बाल अपराध से नहीं बच सकते। ऐसे दोषी व्यक्ति को पांच साल की सजा व एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। किसी भी बच्चे को नशीली दवां, शराब व तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनी अपराध है। दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति को सात वर्ष का कठोर कारावास व एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।


उन्होंने कहा कि बच्चों के संरक्षण के लिये बाल संरक्षण सेवा को बच्चों के लिये सुरक्षित माहौल प्रदान करने के लिये सेवाओं के समूह के रूप में तैयार किया गया है। इसमें बच्चों की देखभाल, संरक्षण तथा विकास के लिये कार्यक्रमों के अतिरिक्त वर्तमान की बाल योजनाओं का एकीकरण किया गया है ताकि संगठित रूप से बाल संरक्षण व बाल विकास की योजनायें चलाई जा सके। उन्होंने कहा कि जिला बाल संरक्षण इकाई की तरफ से गरीब एकल व अनाथ बच्चों की पढ़ाई हेतू एक से 18 साल के बच्चों को सपोन्सरशिप व फोस्टर केयर स्कीम के तहत 2000 रुपये मासिक दिये जाते है। यह लाभ परिवार में से केवल दो बच्चों को दिया जा सकता है।


इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर रंजन शर्मा ने किशोर न्याय संरक्षण अधिनियम और पोस्को के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बचपन बचाओ के राज्य कोर्डिनेटर पुनीत शर्मा, बाल कल्याण कमेटी की चेयरमैन वंदना गुप्ता, बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डाॅ प्रतिभा ने भी बैठक में स्टेक होल्डर्स के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

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उपयुक्त मुकेश कुमार के निर्देशों की अनुपालना में और खण्ड बरवाला व रायपुररानी के लोगों को मखियों की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

पंचकूला, 22 नवंबर- उपयुक्त मुकेश कुमार के निर्देशों की अनुपालना में और खण्ड बरवाला व रायपुररानी के लोगों को मखियों की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में बरवाला के खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा बरवाला व रायपुररानी के नायब तहसीलदारों द्वारा बरवाला व रायपुररानी में चलाए का रहे पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा किये गुए निरीक्षण में 4 पोल्ट्री फर्मों में मखियों की अधिकता पाई गई और फर्मों द्वारा प्रधासन द्वारा जारी हिदायतों की भी पालना नहीं की जा रही। संबंधित फार्मों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिख दिया गया है।

जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी, कंवर दमन सिंह ने बताया कि जिन पोल्ट्री फार्मों की चैकिंग के दौरान गंदगी मिली है, उनमे दबकोरी स्थित भूषण पोल्ट्री फार्म, कनोली स्थित अरोड़ा पोल्ट्री फार्म, रत्तेवाली स्थित देव पोल्ट्री फार्म तथा एक्सल पोल्ट्री फार्म शामिल हैं।


उन्होंने कहा कि हिदायतों की अवहेलना करने वाले पोल्ट्री फार्मों के खिलाफ सख्त करवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को मखियों की समस्या से निजात दिलवाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा कि जो भी पोल्ट्री फार्म आवश्यक हिदायतों की पालना नही करेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी करवाई की जाएगी और पोल्ट्री फार्मो को गन्दगी फैलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि भूषण पोल्ट्री फार्म में निरीक्षण दौरान पाया गया कि वहां पर मरे हुए पक्षी (मुर्गियों) का गढ्ढा भरा हुआ था और मुर्गियों को दिया जाने वाला खाना भी साफ नहीं था, जबकि अरोड़ा पोल्ट्री फार्म में ग्रीन बेल्ट 3 मीटर से कम पाई गई। इसी प्रकार देव पोल्ट्री फार्म में मरी हुई मुर्गियों को दबाया नही गया था और मुर्गियों का खाना साफ नही था तथा स्वच्छता की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। एक्सल पोल्ट्री फार्म ना तो मरी हुई मुर्गियों को दबाया गया था और न ही दवाई का स्टॉक इंद्राज था। निरीक्षण के दौरान मौके पर दवाई भी नहीं पाई गई और मुर्गियों का खाना भी बहुत गंदा था।

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पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफ़ाश करने के लिए अभियान मुख्यमंत्री के गृह जिले पटियाला से शुरू किया जाएगा — कैंथ

पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफ़ाश करने के लिए अभियान मुख्यमंत्री के गृह जिले पटियाला से शुरू किया जाएगा -- कैंथ

चंडीगढ़, 22 नवंबर ( )-पंजाब के अनुसूचित जाती वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप योजना हाल के ही वर्षों में अपने भारी दुरूपयोग के कारण विवाद का एक ज्वलंत विषय बन गई है। जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा किये जाने की आवश्यकता उतपन्न हो गई है. इस योजना में भ्र्ष्टाचार को लेकर जहां सरकार को दोषी ठहराया जा रहा है और उस पर इस योजना को लेकर भाँति-भांति के सवाल खड़े किये जा रहे हैं, वहीं निजी शिक्षा संस्थान भी पीछे नहीं हैं। पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप के रूप में दलित छात्रों की फीस और अन्य खर्चे सरकार द्वारा कॉलेजों को उनके खाते
में पैसा भेज कर जमा कराये जाते हैं। परन्तु इस स्कॉलरशिप को लेकर कालेजों की प्रबंधक कमेटियों द्वारा किये जा रहे भ्र्ष्टाचार के कारण ना केवल दलित छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है बल्कि इसका दलित छात्रों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का केंद्र सरकार का मूल उद्देश्य भी मलियामेट होता नजर आ रहा है।
निजी शिक्षा संस्थान इस स्कॉलरशिप को बहती गंगा में हाथ धोने का अवसर मानते हुए फंड की बड़ी राशि का डकार मारने से भी पीछे रहते नजर नहीं आते। यही वजह है कि पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप के मुद्दे को लेकर पंजाब भर में दलित छात्रों को अपनी शिक्षा को लेकर कालेजों के बाहर धरना प्रदर्शन तक करने पड़ रहे है और
सरकार द्वारा पैसा रिलीज किये जाने के बाबजूद कालेज प्रबंधन अनुसूचित जाति के छात्रों को फीस जमा ना कराने का बहाना लगा कर उनके रोल नंबर रोक कर उनकी समस्याओं को और बढ़ा रहे हैं। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना को लेकर निजी शिक्षा संस्थाओं में भ्र्ष्टाचार किस सीमा तक व्याप्त है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण पटियाला के धैंठल स्थित आदर्श पॉलिटेक्निक कालेज में हुए इस योजना के अधीन लगभग सवा करोड़ रुपये की धन राशि के दुरूपयोग के रूप में सामने आया है।

पंजाब में यह सबसे बड़ा पोस्ट मेट्रिक स्कालरशिप घोटाला माना जा रहा है. इस कालेज की मैनेजमेंट इसके दो सदस्यों डॉक्टर विक्रमजीत और उनकी
धर्मपत्नी डॉक्टर रंजू सिंगला के हाथों में है और उनकी जोड़ी को ही पोस्ट मेट्रिक स्कालरशिप फंड में घोटाले के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेवार ठहराया जा रहा है। और उन पर 1,23,78, 535 रुपये की स्कालरशिप की राशि का दुरूपयोग करने के आरोप लगाए गये हैं. इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने निजी लाभ के लिए किया है, ऐसी बातें भी सामने आ रही हैं। यह दंपति नोवा एजुकेशनल सोसाइटी के सदस्य होने के नाते कालेज के प्रबंधन और अन्य कार्य कलापों के संचालन के लिए जिम्मेवार हैं, जिसके चलते वह स्कॉलरशिप फंड में भ्र्ष्टाचार को लेकर भारी संदेह के घेरे में हैं. इस सारे मामले और घोटाले का खुलासा नेशनल शड्यूल्ड कास्ट्स अलायंस के अध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने आज यहां एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान किया। अलायंस पिछले कई वर्षों से पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप योजना को राज्य में उपयुक्त और अच्छे ढंग से लागू करने के लिए अपनी आबाज़ बुलंद करता चला आ रहा है और जिस ढंग से इसे लागू किया जा रहा है,यह घोटाला इस का सबसे बड़ा उदाहरण है। जिसके कारण हज़ारों दलित विद्यार्थियों का शैक्षिक भविष्य चौपट होने के कगार तक पहुंच गया है. कैंथ ने आरोप लगाया कि डॉक्टर विक्रमजीत और उनकी धर्मपत्नी रंजू सिंगला पोस्ट मेट्रिक स्कालरशिप के फंड का दुरूपयोग करके ना केवल समाज के साथ धोखा कर रही है बल्कि अनुसूचित जाति छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी संबंध में इसी कालेज में 2016 के वर्ष के दौरान निर्माण सुपरवाइजर के तौर पर कार्य करने वाले कुलवंत सिंह ने जो स्वयं अनुसूचित जाति वर्ग से संबंध रखता है, अलायंस को इस बात की जानकारी दी कि वह कैसे निजी रूप से अनुसूचित जाति छात्रों के विकास और शिक्षा के लिए रखे गए फंड में किये गए घोटाले के कारण प्रभावित हुआ है।

कुलवंत सिंह ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को लिखे पत्र में इस बात का खुलासा किया कि डॉक्टर विक्रमजीत और उनकी धर्मपत्नी ने सेल्फ बेयरर चैक जारी किये और सिस्टम में फ़र्ज़ी इंद्राज (एंट्रिया) करके फंड को सोसाइटी के खाते से निकाल कर अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया। इसी मामले को सोसाइटी के
एक अन्य सदस्य के. के. जौहरी पहले ही मई 2018 में पटियाला के एसएसपी के पास एक शिकायत पत्र भेज कर उठा चुके हैं।इस संबंध में रिकार्ड किये गए सबूतों और बैंक खातों की स्टेटमेंट्स भी शिकायत के साथ दी गई थी परन्तु आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कैंथ ने कहा कि यही नहीं बल्कि अब तो कुलवंत सिंह को अपना मुंह तक बंद रखने की धमकिया भी दी जा रही हैं। ना तो सिविल और ना ही पुलिस प्रशासन ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के साथ किये गए इस सबसे बड़े धोखे, जिस में उनका भविष्य ही दांव पर लगा दिया गया है और सरकारी फंड को खुर्द बुर्द किया गया है, की जिम्मेवार आरोपी दंपति के विरुद्ध अभी तक कोई कार्रवाई ही शुरू नहीं की है बल्कि इस घोटाले को ठंडे बस्ते में

डाल कर खत्म करने के प्रयास भी जारी हैं। जो नौकरशाही की ढीली ढाली कार्रवाई का जीता जागता उदाहरण है ताकि घोटालेबाज़ों को फायदा और आम आदमी को उत्पीड़ित किया जा सके अब तक जो सबूत उपलब्ध हुए हैं, उनके अनुसार आरोपी दंपति ने वेतन की अदायगी की आड़ में फ़र्ज़ी कर्मचारियों के नाम पर पैसे डाले और निकलवाए। इसी संबंध में मई 2015 से मार्च 2016 तक 60, 37, 735 रुपये कारपोरेशन बैंक से नोवा सोसाइटी के खाते से निकाले गए और फिर अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक 63, 40, 800 रुपये दंपति ने बैंक से निकाले। संबंधित अधिकारियों द्वारा स्कालरशिप का यह पैसा 2015 से 2017 तक के बीच उसी खाते में जमा कराया गया था जो दंपति द्वारा अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया. नियंत्रक एवं महालेखाकार (कैग) द्वारा 2018 में प्रकाशित 12वीं रिपोर्ट में पंजाब के अलावा देश के चार अन्य राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मेट्रिक स्कालरशिप योजना को लागू किये जाने के बाद इन राज्यों की कारगुज़ारी रिपोर्ट के आधार पर किये गए आडिट के परिणामो का उल्लेख किया गया है। इसमें आडिट के दौरान उन तथ्यों का भी उल्लेख किया गया है जो अप्रैल 2012 से मार्च 2017 अवधि के दौरान सामने आये थे। आडिट की जांच में स्कालरशिप फंड का दूसरे कार्यों के लिए इस्तेमाल, फंड देने से इंकार करने और स्कालरशिप के पैसे का अल्प भुगतान, स्कालरशिप फंड की अत्याधिक अदायगी और अयोग्य विद्यार्थियों को स्कालरशिप देने की बातें सामने आई थी।

पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफ़ाश करने के लिए अभियान मुख्यमंत्री के गृह जिले पटियाला से शुरू किया जाएगा -- कैंथ


कैंथ ने कहा कि दलित विद्यार्थियों के विवरण जिस में उनका नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि आदि भी शामिल है, दो दो बार दर्शाई गई है, जो इस बात का संकेत है कि इन विद्यार्थियों और संबंधित शिक्षा संस्थाओं ने झूठी और फ़र्ज़ी स्टेटमेंट्स प्रस्तुत करके फीस और रख रखाव का पैसा दो दो बार हासिल किया है।
पटियाला के धैंठल स्थित आदर्श पॉलिटेक्निक कालेज भी उन 17 शिक्षा संस्थाओं में शामिल है जिनका इस घोटाले में उल्लेख किया गया है। फ़र्ज़ी कर्मचारियों के नाम पर स्कालरशिप का फंड खुर्द बुर्द करना कई तरीकों में से एक है। परन्तु डॉक्टर विक्रमजीत और उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर रंजू सिंगला द्वारा संस्था के पदाधिकारियों के रूप में अपने ओहदे और अधिकारों का दुरूपयोग करके सार्वजनिक कोष का इस तरह दुरूपयोग करने का मामला एक निराला मामला है जिसमे उन्होंने पैसे का अपने निजी स्वार्थो के लिए इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि डॉक्टर विक्रमजीत ने जो आदर्श पॉलिट्क्निक कालेज की देखभाल करते हैं, स्कालरशिप फंड की अत्याधिक रकम की वापसी का दावा किया है।


कैंथ ने कहा कि नेशनल शड्यूल्ड कास्ट्स अलायंस पंजाब सरकार से मांग करता है कि इस भारी वित्तीय घोटाले के कर्णधारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और स्कालरशिप के जिस फंड को डॉक्टर विक्रमजीत और उनकी धर्मपत्नी रंजू सिंगला ने अपने निजी स्वार्थो के लिए खुर्द बुर्द किया है, उस फंड के एक एक पैसे की वसूली इस दंपती से की जाए। उन्होंने कहा कि दंपती का यह घोटाला एक बहुत चौंकाने वाला वित्तीय घोटाला है। इस लिए इन दोनों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। क्योंकि इस मामले में हर साक्ष्य मौजूद है और शक की कोई गुंजायश नहीं है कि यही दंपती इस के लिए पूरी तरह से जिम्मेवार है।

कैंथ ने पंजाब सरकार से स्कालरशिप घोटाले के मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन करने की भी मांग की है ताकि कैग की रिपोर्ट के आधार पर और धोखाधड़िया भी सामने आ सकें और दलित वर्ग के लोगों के कल्याण को देखते हुए ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसा जा सके जो सरकारी फंडों को लूटने के काम में लगे हुए हैं।

कैंथ ने कहा कि पोस्ट मेट्रिक स्कालरशिप फंड में घोटाले के पर्दाफाश अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जिले पटियाला से की जाएगी.

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हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पोर्ट फोलियो के हिसाब से आगामी मंत्री मंडल विस्तार के दौरान जननायक जनता पार्टी से भी एक मंत्री बनाया जाएगा।

सिरसा, 22 नवंबर।

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पोर्ट फोलियो के हिसाब से आगामी मंत्री मंडल विस्तार के दौरान जननायक जनता पार्टी से भी एक मंत्री बनाया जाएगा।


           हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पोर्ट फोलियो के हिसाब से आगामी मंत्री मंडल विस्तार के दौरान जननायक जनता पार्टी से भी एक मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा पार्टी के अन्य विधायकों को भी को भी अलग-अलग जिम्मेवारी सौंपी जाएगी, ताकि विकास कार्यों में ओर तेजी लाई जा सके।

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पोर्ट फोलियो के हिसाब से आगामी मंत्री मंडल विस्तार के दौरान जननायक जनता पार्टी से भी एक मंत्री बनाया जाएगा।


               उप मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने सिरसा निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगले दस दिनों के अंदर-अंदर गांव से शराब के ठेके बाहर करने की दिशा में उठाए गए कदमों के परिणाम दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि वायदेे के मुताबिक हमने 50 किलोमीटर के दायरे में एचटैट की परीक्षा का सफल आयोजन करवाया। यह तो महज एक शुरूआतभर है, प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने की दिशा में निरंतर काम किया जाएगा।


               पत्रकारों द्वारा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बारे पूछे सवाल के जवाब में कहा कि सरकार द्वारा कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत विकासात्मक घोषणाओं को पूरा किया जाएगा। इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है जिसमें मंत्री अनिल विज, राज्य मंत्री अनूप धानक व पूर्व तीन विधायक शामिल हैं। कमेटी घोषणाओं के क्रियान्वयन पर विचार करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के साथ बातचीत करके आगे का रोडमैप तैयार करेगी।


उप मुख्यमंत्री ने धान की खरीद पर विपक्षियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लक्ष्य से अधिक धान की खरीद की गई है। धान खरीद का लक्ष्य 50 लाख टन था, जबकि सरकार द्वारा 63 लाख टन से अधिक की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि विपक्षियों को बताना चाहिए वे आखिर वो प्रदेश के बारे में क्या सोच रखते हैं और प्रदेश को कहां ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी की योजना बनाई गई है और बहुत से किसानों ने अपना मूल भरकार इसका लाभ भी उठाया है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे अपना मूल भरकर अपने कर्ज माफी करवाएं।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आग्रह पर संविधान दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा विधानसभा में एक विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें संवैधानिक चीजों पर चर्चा की जाएगी। यह एक सकारात्मक चर्चा होगी और सभी विधायक संवैधानिक पार्टस पर अपने विचार रखेंगे। उप मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोगों की समस्याएं भी सुनी और उनके समाधान के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

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आलू, प्याज, टमाटर व गोभी उगाने वाले किसान ले सकते हैं भावांतर भरपाई योजना का लाभ

सिरसा, 22 नवंबर।


                  प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए भावांतर भरपाई योजना में किन्नू व अमरूद फल तथा सब्जियों में गाजर, मटर, शिमला मिर्च व बैंगन फसलों को नई ओर शामिल की गई है। इससे पहले इस योजना के अंतर्गत केवल आलू, टमाटर, प्याज व गोभी फसलें शामिल थी। अब दो फलों किन्नू व अमरूद और आठ सब्जी फसल आलू, टमाटर, प्याज, गोभी, गाजर, मटर, शिमला मिर्च व बैंगन कुल दस फसलें इस योजना में शामिल हो गई है।


                  उद्यान विकास अधिकारी सतबीर शर्मा ने बताया कि भावांतर भरपाई योजना हरियाणा में 30 दिसंबर 2017 को करनाल जिले के गांव घंग्घर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुभारम्भ किया गया था। उस समय इस योजना में 4 फसल आलू, टमाटर, प्याज व गोभी को शामिल किया गया था। अब हरियाणा सरकार द्वारा इस योजना में 2 फल किन्नू व अमरूद तथा 4 सब्जी फसल गाजर, मटर, शिमला मिर्च व बैंगन को इस योजना में शामिल किया गया है।

आलू, प्याज, टमाटर व गोभी उगाने वाले किसान ले सकते हैं भावांतर भरपाई योजना का लाभ


                  विभाग द्वारा आलू, गोभी, गाजर, मटर, मटर व किन्नू के लिए 30 नवंबर तथा प्याज, टमाटर के लिए 15 फरवरी 2020, शिमला मिर्च व बैंगन के लिए 15 मार्च 2020 तथा अमरूद के लिए 15 मई 2020 पंजीकरण की अंतिम तिथि है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आलू, बैंगन व टमाटर फसल के लिए 500 रूपये प्रति क्विंटल, गोबी के लिए 750, गाजर के लिए 700, मटर व किन्नू के लिए 1100, प्याज के लिए 650, शिमला मिर्च के लिए 900, अमरूद के लिए 1300 रूपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है।


                  इस स्कीम में किसान स्वंय ऑनलाइन फसलएचआरवाई डॉट इन/मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अलावा किसान बागवानी विभाग के जिला व ब्लॉक कार्यालय के साथ-साथ मार्किटिंग बोर्ड के कार्यालय से भी पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला सिरसा में आलू फसल में 161 किसानों ने 664 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवा चुकें हैं तथा गोभी फसल में 28 किसानों ने 50 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवा चुके हैं। उन्होंने जिला के किसानों से आह्वïान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना के तहत अपनी फसल का पंजीकरण करवाएं तथा योजना का लाभ लें।  

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हिसार में 29 को लगेगी पैंशन अदालत

सिरसा, 22 नवंबर।


                  रक्षा पेंशन भोगियों के पेंशन से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटान के लिए रक्षा पेंशन संवितरण कार्यालय हिसार की ओर से 29 नवंबर को लघु रक्षा पेंशन अदालत का आयोजन जवाहर नगर की गली नंबर एक स्थित कार्यालय में आयोजित की जाएगी।


                  रक्षा पेंशन संवितरण कार्यालय प्रवक्ता ने बताया कि 29 नवंबर को कार्यालय में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक लघु रक्षा पेंशन अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पेंशन अदालत में केवल नियमानुसार देय पेंशन से संबंधित मामलों व निवेदनों पर ही विचार किया जाएगा। विधिक व नीति निर्धारण से संबंधित मामले विचारणीय नहीं होंगे। उन्होंने रक्षा पेंशनभोगियों से आह्वान किया कि वे अपनी पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इस आयोजन का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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अगले सीजन के लिए अभी से बनाएं लॉग टर्म प्लान : मुख्य सचिव

सिरसा, 22 नवंबर।

अगले सीजन के लिए अभी से बनाएं लॉग टर्म प्लान : मुख्य सचिव


              पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक व इसके संपूर्ण प्रबंधन के लिए आगामी सीजन के लिए अधिकारी अभी से लॉग टर्म प्लान की तैयारी में जुट जाएं, ताकि अगली बार पराली जलाने की एक भी घटना ना हो सके।

अगले सीजन के लिए अभी से बनाएं लॉग टर्म प्लान : मुख्य सचिव


                  ये निर्देश हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने आज वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के उपायुक्तों से फसल अवशेष आगजनी व पराली प्रबंधन कार्य की समीक्षा करने के दौरान कही। उन्होंने इन सीटू मैनेजमेंट, एक्स सीटू मैनेजमेंट, आगजनी के मामलों, फसल अवशेष प्रबंधन कर रहे किसानों को एक हजार रुपये अदायगी आदि बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले फसल कटाई सीजन के लिए लॉग टर्म प्लान बनाएं, इसके लिए एक राज्य स्तरीय योजना भी बनाई जाएगी ताकि पराली जलाने पर पूर्णत: लगाम लगाई जा सके।

अगले सीजन के लिए अभी से बनाएं लॉग टर्म प्लान : मुख्य सचिव


                  वीडियो कॉफ्रेंस में उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि जिला में 2250 एकड़ एक्स सीटू मैनेजमेंट हो चुका है जिसमें से 343 एकड़ की वैरिफिकेशन की जा चुकी है। इसके अलावा 10540 एकड़ इन सीटू मैनेजमेंट हो चुका है जिसमें से 1243 एकड़ की वैरिफिकेशन की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले छोटे व सीमांत किसानों के खाते में जल्द ही एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अदायगी की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक पराली जलाने वाले 48 व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तथा 5 लाख 22 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जिला में इस समय 102 स्ट्रा बेलर पराली की गांठे बनाने में लगे हुए हैं जिसमें से 71 सब्सिडी पर दिए गए हैं तथा 15 पंचायती शामिल हैं।


                  सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो ने वीडियो कॉफ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि 30 नवंबर से 10 दिसंबर तक गीता जयंति महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए होर्डिंग्ज व अन्य प्रचार सामग्री को लगाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक महोत्सव के आयोजन संदेश को पहुंचाया जा सके। जिला में भी गीता जयंति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय रहते गीता महोत्सव से संबंधित तैयारियों को अभी से मूर्तरूप देना शुरू कर दें, ताकि गीता जयंति महोत्सव का भव्य तरीके से आयोजन किया जा सके।


                  वीडियो कॉफ्रेंस सिरसा कक्ष में एसडीएम सिरसा जयवीर यादव, एसडीएम कालांवाली निर्मल नागर, एसडीएम डबवाली डा. विनेश कुमार, एसडीएम ऐलनाबाद संयम गर्ग, जिला न्यायवादी दीपक लेगा, डीएसपी राजेश कुमार, क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर सुखदेव, सहायक कृषि अभियंता जसविंद्र सिंह चौहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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