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अनिल दहिया बने इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस हरियाणा चैप्टर के अध्यक्ष

सर्वसम्मति से पूरी कार्य समिति का किया गया चुनाव

पंचकूला, 12 जुलाई।

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आज पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की हरियाणा चैप्टर की बैठक संपन्न हुई जिसमें सर्वसम्मति से। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन के अनिल दहिया को 2 वर्ष के लिए अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके अलावा वाइस चेयरमैन मानव सचिव खजांची और एग्जीक्यूटिव कमिटी के साथ सदस्यों का चुनाव किया गया। यह चुनाव सर्वसम्मति से और निर्विरोध हुआ।
इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए 200 से अधिक इंजीनियर आर्किटेक्ट और ठेकेदारों ने भाग लिया। इस दौरान बिल्डिंग मटेरियल कंपनियों ने अपने आधुनिक उत्पादों को प्रदर्शित भी किया।
कार्यक्रम के दौरान अगले दो वर्षों के लिए एग्जीक्यूटिव बॉडी का गठन करने के अलावा सभी इंजीनियर और ठेकेदार को निर्माण सामग्री की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया गया।

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हरियाणा में आयोजित दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में 05 लाख से अधिक मामलों का निपटारा

पंचकूला, 12 जुलाई।

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हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति लिसा गिल, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, हालसा के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (डी0एल0एस0ए0) के माध्यम से हरियाणा के सभी 22 जिलों और 34 उप-मंडलों में आयोजित की गई।
इसमें एक प्रमुख आकर्षण कश्मीर बनाम मैसर्स सिमर नामक 11 वर्ष पुरानी आपराधिक अपील का निपटारा था, जो करनाल जिला न्यायालय में लंबित थी। करनाल में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में इस मामले का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया और इसकी अध्यक्षता श्री रजनीश कुमार शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, करनाल ने की।
समय पर और सहानुभूतिपूर्ण न्याय प्रदान करने का एक और उल्लेखनीय उदाहरण, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) का अजय बनाम कुबेर और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड इंश्योरेंस कंपनी नामक मामला है, जो 2020 से लंबित था क्योंकि याचिकाकर्ता को विकलांगता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। मामले की तत्कालिकता और संवेदनशीलता को समझते हुए, माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश-एवं-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), फरीदाबाद ने समाधान की सुविधा के लिए सक्रिय कदम उठाए और लोक अदालत व्यवस्था के हिस्से के रूप में अदालत परिसर में मौजूद एक चिकित्सा विशेषज्ञ ने याचिकाकर्ता की तुरंत जांच की और 41 प्रतिशत की सीमा तक स्थायी विकलांगता का आंकलन किया। इस तत्काल मूल्यांकन ने सार्थक एवं विचारपूर्ण बातचीत को सक्षम किया। मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से रू. 6,50,000/-की राशि पर निपट गया, जो याचिका में की गयी 3,00,000/- रू0 के प्रारंभिक दावे से काफी अधिक थी।

आज की लोक अदालत में, जिसमें पूर्व लोक अदालत बैठकें भी शामिल थीं, 05 लाख से अधिक मामलों का निपटारा हुआ, जो सुलभ और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए हालसा और न्यायपालिका की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विभिन्न न्यायालयों में वाद-पूर्व और लंबित दोनों प्रकार के मामलों की सुनवाई के लिए कुल 170 पीठों का गठन किया गया था, जिसमें विभिन्न प्रकार के मामले जैसे व्यवहारिक विवाद, वैवाहिक मामले, मोटर दुर्घटना दावे, बैंक उगाही, चेक बाउंस, वाहन चालान, समझौता योग्य आपराधिक मामलें और स्थायी लोक अदालतों (सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएँ) के समक्ष जैसे व्यापक मामले शामिल थे। 06 लाख से अधिक मामले निपटारे के लिए पीठों को भेजे गए थे। राष्ट्रीय लोक अदालतों के आयोजन का उद्देश्य जनता को बिना किसी देरी या लंबी मुकदमेबाजी के विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए एक लागत प्रभावी और कुशल मंच प्रदान करना है। लोक अदालतों में पारित निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं और वादकारियों को निपटाए गए मामलों में अदालती शुल्क की वापसी का भी लाभ मिलता है।

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जिला न्यायालय, पंचकूला और कालका न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन

पंचकूला, 12 जुलाई

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सुश्री अपर्णा भारद्वाज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), पंचकूला ने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एचएएलएसए) के विद्वान सदस्य सचिव श्री सूर्य प्रताप सिंह के निर्देशों और श्री वेद प्रकाश सिरोही, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पंचकूला के कुशल मार्गदर्शन में, शनिवार को जिला न्यायालय परिसर, पंचकूला और उप-मंडल न्यायालय, कालका में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
सुश्री भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अनुमति से, लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए कई पीठों का गठन किया गया। जिला न्यायालय पंचकूला की पीठों में श्री बिक्रमजीत अरोड़ा, अतिरिक्त जिला एवं
सत्र न्यायाधीश; सुश्री रेखा, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय; सुश्री कीर्ति वशिष्ठ, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट; सुश्री ज्योति संधू, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी; सुश्री मनमीत कौर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी; और सुश्री अरुणिमा चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी। कालका न्यायालय में लोक अदालत पीठ की अध्यक्षता सुश्री रवनीत, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने की।

सुश्री भारद्वाज ने कहा कि विभिन्न प्रकार के सिविल, आपराधिक समझौता योग्य, धारा 138 एनआई अधिनियम के तहत चेक बाउंस, वैवाहिक विवाद, एमएसीटी मामले और अन्य मुकदमे-पूर्व मामलों को सौहार्दपूर्ण समझौते के माध्यम से समाधान के लिए लिया गया। कार्यवाही में समझौते और आपसी समझ पर जोर दिया गया, जिससे पक्षों को लंबी मुकदमेबाजी के बिना अपने विवादों को सुलझाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। लोक अदालत की सफलता वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र में बढ़ते जन विश्वास का प्रमाण है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव, डीएलएसए, पंचकूला, सुश्री अपर्णा भारद्वाज ने व्यक्तिगत रूप से उन सभी निर्दिष्ट न्यायालयों का दौरा किया जहाँ लोक अदालत की पीठें सक्रिय रूप से कार्यवाही कर रही थीं। उन्होंने पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की, वादियों और अधिवक्ताओं से बातचीत की और यह सुनिश्चित किया कि शीघ्र और निष्पक्ष न्याय प्रदान करने का उद्देश्य प्राप्त हो। अदालतों का माहौल सौहार्दपूर्ण और सुगम था, जिसमें विवादों के शीघ्र समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया।

लोक अदालत पहल, अदालतों में लंबित मामलों को कम करने और पक्षकारों के बीच समझौता और आपसी सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है। यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए के तहत सभी के लिए न्याय तक पहुँच प्रदान करने के संवैधानिक जनादेश को भी दर्शाता है।
सुश्री भारद्वाज ने कहा कि डीएलएसए, पंचकूला, सभी न्यायिक अधिकारियों, बार सदस्यों, न्यायालय कर्मचारियों और वादियों के प्रति आभार व्यक्त करता है जिन्होंने लोक अदालत के सुचारू संचालन और सफलता में भाग लिया और योगदान दिया। प्राधिकरण ने आम लोगों के लाभ के लिए भविष्य में भी ऐसी पहल जारी रखने और जमीनी स्तर पर सुलभ, किफायती और प्रभावी कानूनी उपाय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कुल मामले: -22675
कुल मामले: – 17061
निर्णय राशि: – ₹1,11,28,628/-

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विद्यार्थी विकसित भारत के संकल्प को करें साकार — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए किया प्रेरित

प्रदेश व जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के वाले 275 विद्यार्थियों को  किया सम्मानित

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पंचकूला, 12 जुलाई — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशे से दूर रहते हुए विकसित भारत के निर्माण में प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

मुख्यमंत्री आज पंचकूला में 10वीं और 12वीं के प्रदेश व जिला स्तर के टाॅपर विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संकायों में प्रदेश स्तर व जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के वाले 275 विद्यार्थियों को सम्मानित किया व उनका हौंसला बढाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ढांचागत सुधारों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में न केवल स्कूली शिक्षा, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछले साढ़े दस वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य किया है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो चुके हैं तथा शेष जिलों में बन रहे है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर 20 किलोमीटर की दूरी पर डिग्री कॉलेज स्थापित किए हैं, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े।

*अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को विशेष प्रोत्साहन*

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि मेधावी विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। सरकार ने निर्णय लिया है कि 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर पास हुए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 1 लाख 11 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। 

मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र का भविष्य हैं। शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से हमें उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है, क्योंकि तभी वे जीवन में आने वाली चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सफल जीवन के लिए केवल किताबी ही ज्ञान पर्याप्त नहीं है; बच्चों को नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए, क्योंकि नैतिक मूल्यों से रहित शिक्षा निरर्थक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भावी पीढ़ी को शिक्षित, चरित्रवान, स्वस्थ और दक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक गुणवत्ता में सुधार और शिक्षा को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

श्री सैनी ने कहा कि हमने पिछले साढ़े 10 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव और प्रगति के लिए कई कदम उठाए हैं। छात्रों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। विद्यालयों में ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।  विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अन्तर्गत खेल-खेल में शिक्षण, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, निरंतर मूल्यांकन, नई तकनीकों से शिक्षा प्रदान की जा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में 21वीं सदी के भारत को ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई गई है। हमने इस शिक्षा नीति को प्रदेश में वर्ष 2025 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि देश में इसको लागू करने की समयावधि 2040 तक है। नई शिक्षा नीति का एक लक्ष्य छठी कक्षा से ही बच्चों को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा देना है। हरियाणा में स्कूलों में ही नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के माध्यम से बच्चों को विभिन्न कौशलों में निपुण बनाने की व्यवस्था की है। अब तक 1001 स्कूलों में यह व्यवस्था की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक स्कूल शिक्षा से पहले की शिक्षा का सम्बन्ध है। इस क्षेत्र में भी राज्य द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में 4081 ऐसी आंगनवाड़ी हैं, जो विद्यालय परिसरों में स्थित है। राज्य में 1418 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय बनाए गए हैं। इनका मुख्य उ‌द्देश्य ’नो होमवर्क’ वातावरण में छोटे बच्चों के मन से पढ़ाई के भय को दूर करना है। प्रदेश में 138 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि इनमें पठन-पाठन का माध्यम अंग्रेजी है। राज्य के विद्यालयों को 1415 कलस्टरों में बांटा गया है। हर साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स आदि के स्कूल कलस्टर में प्रत्येक स्ट्रीम सुनिश्चित किए गए हैं। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग उपलब्ध करवाने हेतु वर्ष 2018 से सुपर-100 कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें उन्हें आई.आई.टी-जे.ई.ई/एन.ई.ई.टी. इत्यादि परीक्षाओं की प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए कोचिंग दी जाती है।

इस अवसर पर विधायक शक्ति रानी शर्मा, उपायुक्त मोनिका गुप्ता, पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डाॅ. पवन शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय मित्तल, सहित विभिन्न गणमान्य लोग एवं मेधावी विद्यार्थियों के अभिभावक व गुरुजन उपस्थित रहे।

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